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Lakhimpur Kheri News: गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर शबद कीर्तन से संगत निहाल

Tue, 06 Jan 2026 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 06 Jan 2026 11:19 PM IST
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Sangat delighted with Shabad Kirtan on the occasion of Guru Gobind Singh's Prakash Parv
गोला में गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर पंच प्यारे की झांकी के साथ पालकी। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। सिखों के दशम गुरु श्री गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर हुए शबद कीर्तन से शहर निहाल हुआ। कई स्थानों पर स्वागत किया गया। मंगलवार को गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा से नगर कीर्तन भ्रमण के लिए रवाना हुआ।
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प्रकाश उत्सव पर पंच प्यारों की अगुवाई में नगर के मिल मार्ग, मोहम्मदी, लखीमपुर, सिनेमा और अलीगंज मार्ग पर नगर कीर्तन निकाला गया। श्री गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के आगे पंच प्यारे चल रहे थे। पंच प्यारों के आगे संगत पुष्प वर्षा कर रही थी।
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कीर्तन में खालसा पाइप बैंड आकर्षण का केंद्र रहा। सब्जी मंडी मार्ग पर व्यापारी नेता पारस प्रसाद मिश्र, लखीमपुर मार्ग पर कुलवंत सिंह रोशन, नगर पालिका द्वार पर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू के साथ नगर वासियों ने नगर कीर्तन का स्वागत किया।
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इस मौके पर गुरदीप सिंह, हरदीप सिंह, सुखपाल सिंह सैनी, गुरमीत सिंह, सतपाल सिंह और काके सहगल आदि मौजूद रहे।

नानकसर गुरुद्वारे में मनाया प्रकाश पर्व

बिजुआ। पड़रिया तुला ठाठ नानकसर गुरुद्वारे में मंगलवार को गुरु गोबिंद सिंहजी महाराज का जन्मोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारे में मौजूद संत बाबा गुरमीत सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। बताया कि सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर, 1666 को पटना साहिब में हुआ था। उन्होंने 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। उनके बचपन का नाम गोबिंद राय था। वे संस्कृत, फारसी, पंजाबी और ब्रज भाषा के ज्ञाता थे। साथ ही एक कुशल योद्धा, धनुर्धर और तलवारबाजी में भी दक्ष थे। उन्होंने सभी वर्गों के पांच व्यक्तियों, जिन्हें पांच प्यारे कहा गया, को अमृत छकाकर सिंह बनाया।

संगत के बाद गुरुद्वारे में विशाल लंगर की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर संत बाबा गुरमीत सिंह और बाबा भूपेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संवाद
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