{"_id":"6063dda98a74ae40bb417b467e8ac9a0","slug":"sabotage-arson-in-two-cases-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तोड़फोड़ आगजनी में दो मुकदमे दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तोड़फोड़ आगजनी में दो मुकदमे दर्ज
मैगलगंज खीरी
Updated Fri, 10 Jul 2015 08:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पारसरनाथ ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम और संस्कृत विद्यालय की मैगलगंज पीठ सिद्धेश्वरी देवी आश्रम में तोड़फोड़ के बाद रात में यज्ञशाला में हुई आगजनी के मामलों में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों में आठ लोगों को नामजद किया गया है। दोनों मामलों में सभी आरोपी एक ही हैं। पीड़ित महंत पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
मैगलगंज के सिद्धेश्वरी देवी आश्रम में चल रही चतुर्मासी महायज्ञ का आयोजन स्थानीय लोगों के सहयोग से महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की अगुआई में चल रहा था। आठ जुलाई की दोपहर लगभग एक बजे जब महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती क्षेत्र में जन सहयोग जुटाने के लिए भ्रमण पर निकले थे तभी दर्जनों चौपहिया वाहनों पर सवार होकर आए लोगों ने मंदिर में लगी होर्डिंग पोस्टर आदि फाड़कर संत महात्माओं को जान से मारने की धमकी देते हुुए मुख्य गेट पर अंतरंग सभा अध्यक्ष का नाम लिखवाकर चले गए थे। महंत के आने के बाद आश्रम में हुई वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञशाला में नौ जुलाई की रात करीब तीन बजे आग लगा दी गई जिससे यज्ञशाला जलकर नष्ट हो गई। सुबह जब ग्रामीण एकत्र होने लगे तब पुलिस ने भुक्तभोगी महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की तहरीर पर तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामले नौ जुलाई की दोपहर को दर्ज किया। इस मुकदमे में मेवाराम मिश्रा, उमेश, अखिलेश, मोनू, विनीत, विजय, मयंक निवासी खखरा और अविनाश शुक्ला निवासी मैगलगंज समेत 25 अज्ञात लोगों को नामजद किया है। जबकि आगजनी के मामले में भी इन लोगों को नामजद कर दोनों मुकदमेे पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मामलों की विवेचना एसआई टीएन मिश्रा को सौंपी गई है।
दरोगा पर बिफरे संत
सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के बाद स्थानीय थाने के दरोगा को उस समय संत महात्माओं को आक्रोश झेलना पड़ा जब वे शुक्रवार सुबह मंदिर में पहुंचकर शांतिभंग की आशंका के तहत कार्रवाई करने के लिए संत महात्माओं और लोगों के नाम पूछने लगे। इस दौरान संत महात्मा और मौजूद लोग भड़क गए हालांकि दरोगा मौका देखकर खिसक लिए।
विज्ञापन
कार्रवाई न होने पर बाबा ने दी आत्मदाह की चेतावनी
मैगलगंज खीरी। सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में हुईं घटना को लेकर संस्थाध्यक्ष मुनीशानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि आरोपियों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई न हुई तो शनिवार को आंदोलन करने के बाद शाम पांच बजे वह आत्मदाह कर लेंगे। इस बाबत की जानकारी उन्होंने शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को दी है। मुनीशानंद सरस्वती ने शनिवार की सुबह से अन्न-जल त्यागने की चेतावनी भी दी है। वहीं घटना की जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक सुनील भार्गव लाला भी आश्रम पहुंचे और संत महात्माओं से जानकारी ली। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
विज्ञापन
मैगलगंज के सिद्धेश्वरी देवी आश्रम में चल रही चतुर्मासी महायज्ञ का आयोजन स्थानीय लोगों के सहयोग से महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की अगुआई में चल रहा था। आठ जुलाई की दोपहर लगभग एक बजे जब महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती क्षेत्र में जन सहयोग जुटाने के लिए भ्रमण पर निकले थे तभी दर्जनों चौपहिया वाहनों पर सवार होकर आए लोगों ने मंदिर में लगी होर्डिंग पोस्टर आदि फाड़कर संत महात्माओं को जान से मारने की धमकी देते हुुए मुख्य गेट पर अंतरंग सभा अध्यक्ष का नाम लिखवाकर चले गए थे। महंत के आने के बाद आश्रम में हुई वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञशाला में नौ जुलाई की रात करीब तीन बजे आग लगा दी गई जिससे यज्ञशाला जलकर नष्ट हो गई। सुबह जब ग्रामीण एकत्र होने लगे तब पुलिस ने भुक्तभोगी महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की तहरीर पर तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामले नौ जुलाई की दोपहर को दर्ज किया। इस मुकदमे में मेवाराम मिश्रा, उमेश, अखिलेश, मोनू, विनीत, विजय, मयंक निवासी खखरा और अविनाश शुक्ला निवासी मैगलगंज समेत 25 अज्ञात लोगों को नामजद किया है। जबकि आगजनी के मामले में भी इन लोगों को नामजद कर दोनों मुकदमेे पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मामलों की विवेचना एसआई टीएन मिश्रा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
दरोगा पर बिफरे संत
सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के बाद स्थानीय थाने के दरोगा को उस समय संत महात्माओं को आक्रोश झेलना पड़ा जब वे शुक्रवार सुबह मंदिर में पहुंचकर शांतिभंग की आशंका के तहत कार्रवाई करने के लिए संत महात्माओं और लोगों के नाम पूछने लगे। इस दौरान संत महात्मा और मौजूद लोग भड़क गए हालांकि दरोगा मौका देखकर खिसक लिए।
विज्ञापन
कार्रवाई न होने पर बाबा ने दी आत्मदाह की चेतावनी
मैगलगंज खीरी। सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में हुईं घटना को लेकर संस्थाध्यक्ष मुनीशानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि आरोपियों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई न हुई तो शनिवार को आंदोलन करने के बाद शाम पांच बजे वह आत्मदाह कर लेंगे। इस बाबत की जानकारी उन्होंने शासन और प्रशासनिक अधिकारियों को दी है। मुनीशानंद सरस्वती ने शनिवार की सुबह से अन्न-जल त्यागने की चेतावनी भी दी है। वहीं घटना की जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक सुनील भार्गव लाला भी आश्रम पहुंचे और संत महात्माओं से जानकारी ली। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।