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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Rural Water Pipe Line policy change

ग्रामीण पेयजल पाइप लाइन नीति में बदलाव

Fri, 12 Jun 2015 07:48 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Fri, 12 Jun 2015 07:48 PM IST
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ग्रामीण पाइप पेयजल योजना में जल निगम के अभियंताओं और निर्माण एजेंसियों की मनमानी नहीं चलेगी। शासन ने इस पर अंकुश लगाने के लिए पेयजल योजना में बदलाव किया है, जिसमें अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ा दी गई है। नए निर्देशों के मुताबिक पाइप लाइन के निर्माण के बाद उसके संचालन और अनुरक्षण का जिम्मा एजेंसियों का होगा। अगर निर्माण एजेंसी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ती है तो परियोजना लागत की धनराशि से वसूली की जाएगी। साथ ही निर्माण एजेंसी के अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने संचालन एवं अनुरक्षण नीति 2015 के सर्कुलर में साफ किया है कि पाइप पेयजल योजना के क्रियान्वयन से पूर्व ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर अनुमोदन प्राप्त किया जाए। पाइप लाइन से उन क्षेत्रों में प्राथामिकता के आधार पर पेयजल सप्लाई की जाए, जहां पानी की गुणवत्ता प्रभावित है। प्रत्येक योजना में पेयजल श्रोत और बिजली की उपलब्धता को ध्यान में रखना जरूरी है। पेयजल पाइप लाइन का निर्माण, संचालन और अनुरक्षण का कार्य पांच साल तक करने के बाद निर्माण एजेंसी इसका हस्तानांतरण ग्राम पंचायत पेयजल एवं स्वच्छता समिति को करेगी। इस दौरान निर्माण एजेंसी का कार्य संतोषजनक न होने पर पंचायतीराज विभाग द्वारा संस्तुति किए जाने पर ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालन और अनुरक्षण का कार्य दूसरी निर्माण एजेंसी को सौंपा जा सकता है।
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डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने बताया कि पूर्व में पाइप पेयजल योजनाओं का कार्य जैसे-तैसे करके योजना को ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिया जाता था। जिसके बाद गड़बड़ी होने पर निर्माण एजेंसियां अपना पल्ला झाड़ लेती थी, लेकिन ग्रामीण पाइप पेयजल योजना नीति में बदलाव के बाद निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय हो गई है। एजेंसियों को अब पांच साल तक संचालन और अनुरक्षण का कार्य करना होगा।
सौर ऊर्जा से चलेंगी पेयजल योजनाएं
नई पाइप पेयजल योजना आठ घंटे की पंपिंग को ध्यान में रखकर बनाई गई है। जिन जगहों पर बिजली की समस्या है, वहां सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजना बनाई जाएगी। साथ ही संचालन का कार्य भी ग्रामीणों के जिम्मे होगा, जिससे कम स्टाफ की नियुक्ति हो।
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यहां लगेंगे सिर्फ हैंडपंप
सार्वजनिक स्थानों जैसे पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र, आंगनबाड़ी तथा प्राथमिक स्कूलों में पाइप लाइन नहीं बिछाई जाएगी। यहां पर हैंडपंप लगाकर ही पेयजल सप्लाई की जाएगी।

7500 की आबादी पर हो योजना का निर्माण
पाइप लाइन के संचालन और अनुरक्षण व्यय को नियंत्रित करने के लिए बहुग्राम योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां तक संभव हो प्रत्येक योजना का निर्माण न्यूनतम 7500 लाभान्वित ग्रामीण आबादी को संतृप्त करने और मजरों के बीच की दूरी को देखते हुए किया जाएगा।

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