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चक्रानुक्रम आरक्षण रद होने से कहीं खुशी कहीं गम
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 18 Sep 2015 05:39 PM IST
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शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में होने वाले चक्रानुक्रम आरक्षण को रद करने संबंधी शासनादेश जारी होने के बाद जहां अधिकांश ग्राम प्रधानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं आरक्षित वर्ग के दो दशक से आस लगाए प्रत्याशियों को झटका भी लगा है। अब प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण आबादी के अनुसार होना तय माना जा रहा है। यह आरक्षण घटते क्रम से किया जाएगा। जिला मुख्यालय पर जिस तरह से प्रधान पद के आरक्षण का कार्य फिर से शुरू हो गया है, उससे तय माना जा रहा है कि 26 से 28 सितंबर तक आरक्षण सूचियों का अनंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया रद होने के बाद अब आबादी के हिसाब से आरक्षण का कार्य शुरू हो गया है। इससे अब दो दशक से अपने वर्ग की आरक्षित ग्राम पंचायत होने वाले प्रत्याशियों को निराशा हाथ लगी है लेकिन महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। खासकर जिन ब्लाकों के लिए जितनी सीटें आरक्षित करने का चार्ट बनाया गया था, उनकी संख्या में भी कोई कमी नहीं आएगी।
यह है घटती आबादी का क्रम
जिन वर्गों के आरक्षण की संख्या कम होगी, पहले उनकी सीटें आरक्षित की जाएंगी। फिर उसी तरह घटते क्रम में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस क्रम के मुताबिक अनुसूचित जनजाति महिलाएं सबसे कम होंगी, इसलिए आरक्षण में उनकी सीटें पहले आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला, पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य महिला। इस क्रम से आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी बढ़ी
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर होने वाले मतदान से पूर्व प्रशासन द्वारा गठित की गई कमेटी मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता तय करेगी। कमेटी में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और एसओ को शामिल किया गया है। वहीं इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के लिए मतदान केंद्रों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। पहली बार संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के साथ ही अति संवेदनशील प्लस की भी श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत चिह्नित किए गए मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग की सतर्क नजर रहेगी और यहां अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी ताकि मतदान के दौरान कोई खलल न पड़े। मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता जांचने के लिए निर्वाचन कार्यालय से सभी एसडीएम को पत्र जारी किया गया है। साथ ही पूर्व में हुए मतदान और मौजूदा समय के हालात पर नजर रखी जाएगी।
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यह है घटती आबादी का क्रम
जिन वर्गों के आरक्षण की संख्या कम होगी, पहले उनकी सीटें आरक्षित की जाएंगी। फिर उसी तरह घटते क्रम में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस क्रम के मुताबिक अनुसूचित जनजाति महिलाएं सबसे कम होंगी, इसलिए आरक्षण में उनकी सीटें पहले आरक्षित की जाएंगी। इसके बाद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला, पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य महिला। इस क्रम से आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी बढ़ी
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर होने वाले मतदान से पूर्व प्रशासन द्वारा गठित की गई कमेटी मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता तय करेगी। कमेटी में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और एसओ को शामिल किया गया है। वहीं इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के लिए मतदान केंद्रों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। पहली बार संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के साथ ही अति संवेदनशील प्लस की भी श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत चिह्नित किए गए मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग की सतर्क नजर रहेगी और यहां अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी ताकि मतदान के दौरान कोई खलल न पड़े। मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता जांचने के लिए निर्वाचन कार्यालय से सभी एसडीएम को पत्र जारी किया गया है। साथ ही पूर्व में हुए मतदान और मौजूदा समय के हालात पर नजर रखी जाएगी।
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