{"_id":"5eeceba68ebc3e42dd7a2888","slug":"roadways-lakhimpur-news-bly4098423104","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटे में चल रहीं रोडवेज की बसें, डीजल का खर्च भी नहीं निकल रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटे में चल रहीं रोडवेज की बसें, डीजल का खर्च भी नहीं निकल रहा
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लखीमपुर खीरी। अनलॉक वन में रोडवेज की बसों का संचालन तो शुरू हो गया, लेकिन सवारियां न मिलने से बसों का डीजल खर्च तक नहीं निकल रहा। एक तरफ कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जारी गाइड लाइन यात्रियों को बिठाने में बाधक बनी है तो दूसरी ओर महामारी के कारण सवारियां भी कम ही निकल रही हैं। ऐसे में गोला और लखीमपुर डिपो को रोजाना करीब आठ लाख का घाटा हो रहा है।
परिवहन निगम के एमडी ने 60 प्रतिशत आय वाले रूटों पर बस संचालन करने के निर्देश दिए। इस पर लखीमपुर डिपो प्रशासन ने ऐरा-लखनऊ, लखीमपुर-बरेली, लखीमपुर-शाहजहांपुर और गोला डिपो प्रशासन ने गोला से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली आदि रूट पर बसों का संचालन शुरू कराया। मगर, कोरोना और डग्गामार वाहनों के कारण सवारियां न मिलने से बसों की आय प्रभावित हो रही है।
डग्गामार वाहन भी पहुंचा रहे आर्थिक क्षति
रोडवेज को डग्गामार वाहन भी क्षति पहुंचा रहे हैं। जिले के विभिन्न रूटों पर सैकड़ों की संख्या पर छोटे बड़े वाहन फर्राटा भर रहे हैं जो रोडवेज से कम किराया लेकर यात्रियों को ढो रहे हैं। हालांकि इसको लेकर अनुबंधित बस मालिक कई बार प्रदर्शन तक कर चुके हैं, लेकिन इन पर अंकुश नहीं लग सका।
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गाइड लाइन का हो रहा उल्लंघन
कोरोना संक्रमण को लेकर न तो यात्री जागरूक हैं और न ही रोडवेज के इंक्वायी में बैठे कर्मचारी। शासन का निर्देश है कि इंक्वायरी के लोग यात्रियों को शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे, लेकिन संक्रमण रोकने के लिए न तो कर्मचारी प्रचार सामग्री का उपयोग कर रहे हैं और न ही यात्री ही आपस में शारीरिक दूरी रख रहे हैं।
डीजल भर की नहीं हो रही आय
परिचालकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में यात्रियों की संख्या बेहद कम हो गई है। गोला से लखनऊ जाना हो या फिर लखीमपुर से लखनऊ और दिल्ली। हर रूट पर गिनती की सवारियां मिल रही हैं। ऐसे में डीजल का खर्च तक नहीं निकल रहा। एक परिचालक ने बताया कि गोला से लखनऊ आने जाने में करीब 42-45 लीटर डीजल लगता है जबकि इनकम बमुश्किल चार से पांच हजार होती है।
अनुमानित आय
डिपो लॉकडाउन से पहले अनलॉक वन में
लखीमपुर आठ लाख तीन लाख
गोला 10 लाख पांच लाख
शासन की गाइड लाइन के अनुसार बस संचालन शुरू हो गया है, लेकिन यात्रियों की संख्या बेहद कम होने से डिपो की आय प्रभावित हो रही है। इसकी रिपोर्ट रोजाना मुख्यालय भेजी जा रही है।
-एसपी सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो
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परिवहन निगम के एमडी ने 60 प्रतिशत आय वाले रूटों पर बस संचालन करने के निर्देश दिए। इस पर लखीमपुर डिपो प्रशासन ने ऐरा-लखनऊ, लखीमपुर-बरेली, लखीमपुर-शाहजहांपुर और गोला डिपो प्रशासन ने गोला से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली आदि रूट पर बसों का संचालन शुरू कराया। मगर, कोरोना और डग्गामार वाहनों के कारण सवारियां न मिलने से बसों की आय प्रभावित हो रही है।
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डग्गामार वाहन भी पहुंचा रहे आर्थिक क्षति
रोडवेज को डग्गामार वाहन भी क्षति पहुंचा रहे हैं। जिले के विभिन्न रूटों पर सैकड़ों की संख्या पर छोटे बड़े वाहन फर्राटा भर रहे हैं जो रोडवेज से कम किराया लेकर यात्रियों को ढो रहे हैं। हालांकि इसको लेकर अनुबंधित बस मालिक कई बार प्रदर्शन तक कर चुके हैं, लेकिन इन पर अंकुश नहीं लग सका।
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गाइड लाइन का हो रहा उल्लंघन
कोरोना संक्रमण को लेकर न तो यात्री जागरूक हैं और न ही रोडवेज के इंक्वायी में बैठे कर्मचारी। शासन का निर्देश है कि इंक्वायरी के लोग यात्रियों को शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे, लेकिन संक्रमण रोकने के लिए न तो कर्मचारी प्रचार सामग्री का उपयोग कर रहे हैं और न ही यात्री ही आपस में शारीरिक दूरी रख रहे हैं।
डीजल भर की नहीं हो रही आय
परिचालकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में यात्रियों की संख्या बेहद कम हो गई है। गोला से लखनऊ जाना हो या फिर लखीमपुर से लखनऊ और दिल्ली। हर रूट पर गिनती की सवारियां मिल रही हैं। ऐसे में डीजल का खर्च तक नहीं निकल रहा। एक परिचालक ने बताया कि गोला से लखनऊ आने जाने में करीब 42-45 लीटर डीजल लगता है जबकि इनकम बमुश्किल चार से पांच हजार होती है।
अनुमानित आय
डिपो लॉकडाउन से पहले अनलॉक वन में
लखीमपुर आठ लाख तीन लाख
गोला 10 लाख पांच लाख
शासन की गाइड लाइन के अनुसार बस संचालन शुरू हो गया है, लेकिन यात्रियों की संख्या बेहद कम होने से डिपो की आय प्रभावित हो रही है। इसकी रिपोर्ट रोजाना मुख्यालय भेजी जा रही है।
-एसपी सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो