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विभागों को बजट न मिलने से सड़क निर्माण का कार्य रुका
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वित्तीय वर्ष के चार माह बीतने पर भी जिला योजना के प्रस्तावों का नहीं हो सका अनुमोदन
पिछले साल भी नहीं मिला था पीडब्ल्यूडी और गन्ना विभाग को बजट
लखीमपुर खीरी। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में कई प्रमुख विभागों को बजट नहीं मिला है, जिससे कई विभागों की प्रस्तावित योजनाएं रुक गई हैं। पीडब्ल्यूडी, गन्ना विभाग को बजट नहीं मिलने से नई सड़कों के निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वहीं जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के कार्य भी बाधित हैं। बजट को लेकर अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं।
जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जनपद का कुल परिव्यय 591.82 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जबकि पिछले वर्ष 2021-22 में भी 591.82 करोड़ रुपये परिव्यय निर्धारित था। पिछले वर्ष पीडब्ल्यूडी और गन्ना विभाग को सड़क निर्माण कराने के लिए बजट नहीं मिल पाया था, जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के अनुसार सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा सका था। पीडब्ल्यूडी को ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण कराना था, जिसके लिए 7502.84 लाख बजट की डिमांड की गई थी, जबकि गन्ना विभाग ने अंतर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराने के लिए 5450 लाख बजट की डिमांड की गई थी। दोनों विभागों अनुमोदित बजट नहीं मिला था, जिससे पिछले वर्ष नई सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा सका था। लिहाजा इस वर्ष 2022-23 के परिव्यय में पुराने प्रस्तावों को शामिल करते हुए गन्ना विभाग ने कुल 103.50 किमी अंतर ग्रामीण सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए 5623 लाख परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी 88 किमी ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए 7499.01 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया है। बावजूद इसके पेंच यह फंसा है कि अब तक जिला योजना समिति के प्रस्तावों का अनुमोदन किए जाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है, जिससे शासन से बजट मिलने की प्रक्रिया अभी फाइलों में ही कैद है।
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बताते चलें कि प्रभारी मंत्री नामित होने पर उनकी अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जिला योजना समिति के प्रस्तावों के अनुमोदन की औपचारिकता पूर्ण हो सकेगी। तभी विभागों को शासन द्वारा बजट जारी किया जाएगा। हालांकि अपवाद यह भी है कि पिछले वर्ष अनुमोदन होने के बाद भी बजट नहीं मिल सका था।
18 अनजुड़ी बसावटों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए मिला बजट
लखीमपुर खीरी। जिला योजना में प्रस्तावित परिव्यय से भले ही बजट नहीं मिल पाया है, लेकिन अनजुड़ी बसावटों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए शासन ने पीडब्ल्यूडी विभाग को बजट जारी किया है। इससे कच्चे रास्ते पर सफर करने वाले हजारों ग्रामीणों को पक्की सड़क का लाभ मिल सकेगा। शासन ने 18 गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए 1.80 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार यादव ने बताया कि तीनों डिवीजन में 18 सड़कों का निर्माण कराने के लिए बजट मिला है। इससे बलुआ संपर्क मार्ग, फरसहिया-टांडा संपर्क मार्ग, टॉपरपुरवा से बढैया मार्ग, पतवारा से टॉपरपुरवा मार्ग, मलंगा से शंकरपुरवा मार्ग, लोहराबेन से मलनिया संपर्क मार्ग, सतौली बाग से अटरिया मार्ग, खुशीपुर से अंबेडकरनगर मार्ग, इटैया से रामप्रसादपुरवा मार्ग, जसनगर संपर्क मार्ग, कांजीपुरवा संपर्क मार्ग, जमुनहा-सरकारगढ़ मार्ग, पटना-सेमरा मार्ग, गुलरीपुरवा-सिडखेड़ापुरवा मार्ग, सुुजनपुर संपर्क मार्ग, चाचापुर मार्ग आदि का निर्माण कराया जाएगा।
जिला योजना से प्रस्तावित परिव्यय का प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदन नहीं हुआ है, जिससे विभागों को अभी बजट नहीं मिल पा रहा है। प्रभारी मंत्री के नामित होने पर जिला योजना समिति की बैैठक कराई जाएगी, जिसके बाद निर्धारित परिव्यय के अनुसार विभागों को बजट मिलेगा।
- राजेश कुमार सिंह, डीएसटीओ
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पिछले साल भी नहीं मिला था पीडब्ल्यूडी और गन्ना विभाग को बजट
लखीमपुर खीरी। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में कई प्रमुख विभागों को बजट नहीं मिला है, जिससे कई विभागों की प्रस्तावित योजनाएं रुक गई हैं। पीडब्ल्यूडी, गन्ना विभाग को बजट नहीं मिलने से नई सड़कों के निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वहीं जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के कार्य भी बाधित हैं। बजट को लेकर अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं।
जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जनपद का कुल परिव्यय 591.82 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जबकि पिछले वर्ष 2021-22 में भी 591.82 करोड़ रुपये परिव्यय निर्धारित था। पिछले वर्ष पीडब्ल्यूडी और गन्ना विभाग को सड़क निर्माण कराने के लिए बजट नहीं मिल पाया था, जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के अनुसार सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा सका था। पीडब्ल्यूडी को ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण कराना था, जिसके लिए 7502.84 लाख बजट की डिमांड की गई थी, जबकि गन्ना विभाग ने अंतर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराने के लिए 5450 लाख बजट की डिमांड की गई थी। दोनों विभागों अनुमोदित बजट नहीं मिला था, जिससे पिछले वर्ष नई सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा सका था। लिहाजा इस वर्ष 2022-23 के परिव्यय में पुराने प्रस्तावों को शामिल करते हुए गन्ना विभाग ने कुल 103.50 किमी अंतर ग्रामीण सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए 5623 लाख परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
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वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी 88 किमी ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए 7499.01 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया है। बावजूद इसके पेंच यह फंसा है कि अब तक जिला योजना समिति के प्रस्तावों का अनुमोदन किए जाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है, जिससे शासन से बजट मिलने की प्रक्रिया अभी फाइलों में ही कैद है।
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बताते चलें कि प्रभारी मंत्री नामित होने पर उनकी अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जिला योजना समिति के प्रस्तावों के अनुमोदन की औपचारिकता पूर्ण हो सकेगी। तभी विभागों को शासन द्वारा बजट जारी किया जाएगा। हालांकि अपवाद यह भी है कि पिछले वर्ष अनुमोदन होने के बाद भी बजट नहीं मिल सका था।
18 अनजुड़ी बसावटों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए मिला बजट
लखीमपुर खीरी। जिला योजना में प्रस्तावित परिव्यय से भले ही बजट नहीं मिल पाया है, लेकिन अनजुड़ी बसावटों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए शासन ने पीडब्ल्यूडी विभाग को बजट जारी किया है। इससे कच्चे रास्ते पर सफर करने वाले हजारों ग्रामीणों को पक्की सड़क का लाभ मिल सकेगा। शासन ने 18 गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए 1.80 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार यादव ने बताया कि तीनों डिवीजन में 18 सड़कों का निर्माण कराने के लिए बजट मिला है। इससे बलुआ संपर्क मार्ग, फरसहिया-टांडा संपर्क मार्ग, टॉपरपुरवा से बढैया मार्ग, पतवारा से टॉपरपुरवा मार्ग, मलंगा से शंकरपुरवा मार्ग, लोहराबेन से मलनिया संपर्क मार्ग, सतौली बाग से अटरिया मार्ग, खुशीपुर से अंबेडकरनगर मार्ग, इटैया से रामप्रसादपुरवा मार्ग, जसनगर संपर्क मार्ग, कांजीपुरवा संपर्क मार्ग, जमुनहा-सरकारगढ़ मार्ग, पटना-सेमरा मार्ग, गुलरीपुरवा-सिडखेड़ापुरवा मार्ग, सुुजनपुर संपर्क मार्ग, चाचापुर मार्ग आदि का निर्माण कराया जाएगा।
जिला योजना से प्रस्तावित परिव्यय का प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदन नहीं हुआ है, जिससे विभागों को अभी बजट नहीं मिल पा रहा है। प्रभारी मंत्री के नामित होने पर जिला योजना समिति की बैैठक कराई जाएगी, जिसके बाद निर्धारित परिव्यय के अनुसार विभागों को बजट मिलेगा।
- राजेश कुमार सिंह, डीएसटीओ