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Lakhimpur Kheri News: फसल बर्बाद कर खोदी मिट्टी से बनाई सड़क, किसानों में आक्रोश
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सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद
लखीमपुर खीरी। लोक निर्माण विभाग की कारस्तानी का एक मामला सामने आया है। खेतों के किनारे की फसल को जेबीसी से नष्ट कर मिट्टी की खोदाई कर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कई किसानों ने इसका विरोध किया, लेकिन विभाग ने सरकारी काम का हवाला देकर उनकी एक न सुनी। विभाग की मनमानी के आगे फसल के नुकसान के साथ ही खेत का काफी हिस्सा खाई में बदल गया है। इससे किसानों में आक्रोश है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं।
नावार्ड योजना-29 के तहत भदौरियापूरवा से कोपा मार्ग तक तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसका बजट 4.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था। 12 जनवरी 2024 को शिलान्यास के बाद लोक निर्माण विभाग खंड-1 ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निर्माण शुरू हुए 11 महीनों से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके काफी काम अधूरा है।
जहां सड़क बन चुकी है उस क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि विभाग ने सड़क निर्माण के लिए उनके खेतों की मिट्टी का इस्तेमाल किया है। मिट्टी उठान के लिए खेतों में तैयार खड़ी गन्ना, गेहूं की फसलें नष्ट करवा दी गईं हैं। वहीं मिट्टी उठाने के लिए किसी भी किसान से अनुमति तक नहीं ली गई।
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किसानों ने सुनाया दर्द, बोले- काफी हुआ नुकसान
खेत में गन्ने की फसल खड़ी थी। जेबीसी से किनारे की फसल को नष्ट कर उसमें गहरी खाई बनाकर मिट्टी निकालकर सड़क की पटाई की गई है। काफी नुकसान हुआ है, लेकिन उनकी सुनेगा कौन। - हरीसरन सिंह, किसान
सड़क किनारे दो जगह खेत हैं। एक में गन्ने की फसल खड़ी थी, तो दूसरे में गेहूं की नई फसल की बुआई की थी। सड़क निर्माण के लिए विभाग ने उसकी फसल को नष्ट कर मिट्टी खोदी है। - चंदन सिंह, किसान
खेत में फसल खड़ी थी। सड़क किनारे की फसल को नष्ट कर उसमें से मिट्टी खोदी गई है। मिट्टी खोदने के लिए किसी से कुछ भी पूछा नहीं गया। कुछ किसानों ने विरोध किया तो सरकारी काम में व्यवधान डालने का आरोप लगाकर डरा दिया। -अमृत लाल, किसान
गन्ने की फसल के साथ ही खेत को भी काफी नुकसान हुआ है। किनारे-किनारे काफी गहरी खाई बना दी गई है। जो भी नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं मिट्टी उठान से पहले अनुमति लेनी चाहिए थी। - सत्यवान सिंह, किसान
ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए जो मिट्टी की जरूरत होती है वह सड़क किनारे खेतों से ही ली जाती है। सड़क निर्माण के लिए अलग से मिट्टी नहीं मिलती है। फसलों को नुकसान पहुंचाने का आरोप गलत है। - केके झा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, विभाग खंड-1
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नावार्ड योजना-29 के तहत भदौरियापूरवा से कोपा मार्ग तक तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसका बजट 4.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था। 12 जनवरी 2024 को शिलान्यास के बाद लोक निर्माण विभाग खंड-1 ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निर्माण शुरू हुए 11 महीनों से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके काफी काम अधूरा है।
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जहां सड़क बन चुकी है उस क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि विभाग ने सड़क निर्माण के लिए उनके खेतों की मिट्टी का इस्तेमाल किया है। मिट्टी उठान के लिए खेतों में तैयार खड़ी गन्ना, गेहूं की फसलें नष्ट करवा दी गईं हैं। वहीं मिट्टी उठाने के लिए किसी भी किसान से अनुमति तक नहीं ली गई।
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किसानों ने सुनाया दर्द, बोले- काफी हुआ नुकसान
खेत में गन्ने की फसल खड़ी थी। जेबीसी से किनारे की फसल को नष्ट कर उसमें गहरी खाई बनाकर मिट्टी निकालकर सड़क की पटाई की गई है। काफी नुकसान हुआ है, लेकिन उनकी सुनेगा कौन। - हरीसरन सिंह, किसान
सड़क किनारे दो जगह खेत हैं। एक में गन्ने की फसल खड़ी थी, तो दूसरे में गेहूं की नई फसल की बुआई की थी। सड़क निर्माण के लिए विभाग ने उसकी फसल को नष्ट कर मिट्टी खोदी है। - चंदन सिंह, किसान
खेत में फसल खड़ी थी। सड़क किनारे की फसल को नष्ट कर उसमें से मिट्टी खोदी गई है। मिट्टी खोदने के लिए किसी से कुछ भी पूछा नहीं गया। कुछ किसानों ने विरोध किया तो सरकारी काम में व्यवधान डालने का आरोप लगाकर डरा दिया। -अमृत लाल, किसान
गन्ने की फसल के साथ ही खेत को भी काफी नुकसान हुआ है। किनारे-किनारे काफी गहरी खाई बना दी गई है। जो भी नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं मिट्टी उठान से पहले अनुमति लेनी चाहिए थी। - सत्यवान सिंह, किसान
ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए जो मिट्टी की जरूरत होती है वह सड़क किनारे खेतों से ही ली जाती है। सड़क निर्माण के लिए अलग से मिट्टी नहीं मिलती है। फसलों को नुकसान पहुंचाने का आरोप गलत है। - केके झा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, विभाग खंड-1

सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद

सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद

सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद

सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद

सड़क किनारे फसल को नष्ट कर खोदी गई खाईं। संवाद