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बर्ड वॉचिंग के लिए तैयार सेमरई और नगरिया झीलें
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 03 Dec 2015 06:27 PM IST
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जिले के हरे-भरे जंगलों में कुलाचे भरते जंगली जानवर और पानी से लबालब भरी झीलों में कलरव करते रंग-बिरंगे पक्षी सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। पक्षियों की रंग बिरंगी दुनिया से रूबरू कराने के लिए पूरे प्रदेश में शुक्रवार को बर्ड वॉचिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। जिले मे बर्ड वॉचिंग के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहां सेमरई और नगरिया झीलों का चयन बर्ड वॉचिंग के लिए किया गया है।
सेमरई और नगरिया झीलें पूरे साल पानी से लबालब भरी रहती हैं। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय पक्षी तो हैं ही। ठंडे देशों से दर्जनों प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर लंबी उड़ान भरकर यहां आते हैं और सर्दियों भर यहां प्रवास करते हैं। पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की देख-रेख में चल रहे नमभूमि संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में 94 वेटलैंड चयनित किए गए हैं। उनमें जिले की सेमरई और नगरिया वेटलैंड शामिल हैं।
लखीमपुर तहसील में स्थित 77.50 हेक्टेयर में फैली सेमरई झील और गोला तहसील के बांकेगंज ब्लाक में जंगल के किनारे स्थित 77.50 हैक्टेयर क्षेत्रफल वाली नगरिया झील अपने प्राकृतिक साैंदर्य के लिए जानी जाती हैं। चार दिसंबर को इन दोनो वेटलैंड पर बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम होगा। इसमें स्थानीय पक्षी प्रेमियों, विशेषज्ञों के अलावा स्कूली बच्चों को भी आमंत्रित किया गया है।
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बर्ड वॉचिंग प्रोग्राम के तहत स्कूली बच्चों को यहां मिलने वाले स्थानीय और ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के रूप-रंग, भोजन और व्यवहार के बारे में पक्षी विशेषज्ञ जानकारी देंगे। बच्चों को पक्षियों का प्रकृति में महत्व बताते हुए उनके संरक्षण की जानकारी दी जाएगी।
पक्षियों की संख्या और प्रजातियों की लिस्टिंग भी
बर्ड वॉचिंग के दौरान दोनों वेटलैंड पर दिखने वाली स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों की सूची बनाने के साथ उनकी गणना भी की जाएगी। चार से छह दिसंबर तक पक्षियों और प्रजातियों की गणना की रिपोर्ट प्रति घंटा वन विभाग के मुख्यालय को भेजी जाएगी।
सेमरई और नगरिया में आने वाले प्रवासी पक्षी
ग्रे लेग गूज, पिनटेल, कॉमन टील, रेड क्रस्टेड पोचार्ड, व्हाइट आइबिस, ब्लक आइबिश, किंग फिशर, इग्रेट्स, पर्पिल हैरोन, फीसेंट टेल्ड, जैकोना, ब्रोंज विग्ड जैकोना, स्पाट विल डक, हिस्टलिंग टील, कांब डक, व्हाइट प्रीस्टेड वाटर हेन, वाटर कॉक आदि।
सेमरई और नगरिया में मिलने वाले स्थानीय पक्षी
ओपेन बिल स्टार्क, पेंटेड स्टार्क, बया, सिकरा, जंगल बब्लर मुनिया, ब्लेक काइट, एलो आइड, बबलर, इंडियन रोलर, जंगल क्रो, हाउस क्रो, स्पाइटेड आउल, कामन हूप, ब्लेक रेड स्टार्ट, जंगल आउल, इंडियन ग्रे हार्नबिल, रेड वेंटिड बुलबुल, कॉमन पिजन, हाउस स्पैरो, सारस, प्लम हेडेड पैरट, डव, रोज रिंग्ड पैरट, डव, एलो फूटेड ग्रीन पिजन, कोयल, मैना ग्रीन बी ईटर और मोर आदि।
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सेमरई और नगरिया झीलें पूरे साल पानी से लबालब भरी रहती हैं। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय पक्षी तो हैं ही। ठंडे देशों से दर्जनों प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर लंबी उड़ान भरकर यहां आते हैं और सर्दियों भर यहां प्रवास करते हैं। पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की देख-रेख में चल रहे नमभूमि संरक्षण कार्यक्रम के तहत देश में 94 वेटलैंड चयनित किए गए हैं। उनमें जिले की सेमरई और नगरिया वेटलैंड शामिल हैं।
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लखीमपुर तहसील में स्थित 77.50 हेक्टेयर में फैली सेमरई झील और गोला तहसील के बांकेगंज ब्लाक में जंगल के किनारे स्थित 77.50 हैक्टेयर क्षेत्रफल वाली नगरिया झील अपने प्राकृतिक साैंदर्य के लिए जानी जाती हैं। चार दिसंबर को इन दोनो वेटलैंड पर बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम होगा। इसमें स्थानीय पक्षी प्रेमियों, विशेषज्ञों के अलावा स्कूली बच्चों को भी आमंत्रित किया गया है।
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बर्ड वॉचिंग प्रोग्राम के तहत स्कूली बच्चों को यहां मिलने वाले स्थानीय और ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के रूप-रंग, भोजन और व्यवहार के बारे में पक्षी विशेषज्ञ जानकारी देंगे। बच्चों को पक्षियों का प्रकृति में महत्व बताते हुए उनके संरक्षण की जानकारी दी जाएगी।
पक्षियों की संख्या और प्रजातियों की लिस्टिंग भी
बर्ड वॉचिंग के दौरान दोनों वेटलैंड पर दिखने वाली स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों की सूची बनाने के साथ उनकी गणना भी की जाएगी। चार से छह दिसंबर तक पक्षियों और प्रजातियों की गणना की रिपोर्ट प्रति घंटा वन विभाग के मुख्यालय को भेजी जाएगी।
सेमरई और नगरिया में आने वाले प्रवासी पक्षी
ग्रे लेग गूज, पिनटेल, कॉमन टील, रेड क्रस्टेड पोचार्ड, व्हाइट आइबिस, ब्लक आइबिश, किंग फिशर, इग्रेट्स, पर्पिल हैरोन, फीसेंट टेल्ड, जैकोना, ब्रोंज विग्ड जैकोना, स्पाट विल डक, हिस्टलिंग टील, कांब डक, व्हाइट प्रीस्टेड वाटर हेन, वाटर कॉक आदि।
सेमरई और नगरिया में मिलने वाले स्थानीय पक्षी
ओपेन बिल स्टार्क, पेंटेड स्टार्क, बया, सिकरा, जंगल बब्लर मुनिया, ब्लेक काइट, एलो आइड, बबलर, इंडियन रोलर, जंगल क्रो, हाउस क्रो, स्पाइटेड आउल, कामन हूप, ब्लेक रेड स्टार्ट, जंगल आउल, इंडियन ग्रे हार्नबिल, रेड वेंटिड बुलबुल, कॉमन पिजन, हाउस स्पैरो, सारस, प्लम हेडेड पैरट, डव, रोज रिंग्ड पैरट, डव, एलो फूटेड ग्रीन पिजन, कोयल, मैना ग्रीन बी ईटर और मोर आदि।