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राम मंदिर आंदोलन : 80 कारसेवकों ने दी थी गिरफ्तारी
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राजीव तिवारी
लखीमपुर खीरी। 22 जनवरी को भव्य राम मंदिर में भगवान राम के बाल रूप की प्राण प्रतिष्ठा होगी। जैसे-जैसे समय करीब आता जा रहा है, आंदोलन से जुड़े किस्सों की भी चर्चा जोरों पर है। 1989 में लखीमपुर शहर से 80 कारसेवकों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी थी।
बीते दौर को याद करते हुए धर्म जागरण समन्वय विभाग के जिला संयोजक राजीव तिवारी उर्फ अन्नू ने बताया कि 34 साल पहले जब राम मंदिर के लिए कारसेवा जोरों पर थी। उस वक्त हम सभी 80 कारसेवकों ने लखीमपुर में सामूहिक गिरफ्तारी दी थी। उत्तर प्रदेश में यह पहली ऐसी गिरफ्तारी थी, जो कि सामूहिक थी। राजीव तिवारी ने राष्ट्रीय टीम योगी महासंघ के बैनर तले 28 लोगों की लिस्ट भी जारी की है, जो उस सामूहिक गिरफ्तारी में शामिल हुए थे।
पेशे से अधिवक्ता राजीव तिवारी उर्फ अन्नू ने बताया कि 19 अक्तूबर 1989 को राम मंदिर के समर्थन में मिश्राना से पदयात्रा निकाली गई थी, जो भुईफोरवानाथ से छायाकुआं, सब्जी मंडी, सराफा मंडी होते हुए कोतवाली बड़े चौराहा पहुंचे थे। जहां पर पुलिस की तीन गाड़ियां पहले से ही तैयार थीं। वहां पर कोतवाल को धक्का देते हुए हम लोग आगे बढ़े तो सीओ समेत अन्य पुलिसबल सामने आ गया। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया और तीन गाड़ियों में भरकर ले जाया गया।
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बीते दौर को याद करते हुए धर्म जागरण समन्वय विभाग के जिला संयोजक राजीव तिवारी उर्फ अन्नू ने बताया कि 34 साल पहले जब राम मंदिर के लिए कारसेवा जोरों पर थी। उस वक्त हम सभी 80 कारसेवकों ने लखीमपुर में सामूहिक गिरफ्तारी दी थी। उत्तर प्रदेश में यह पहली ऐसी गिरफ्तारी थी, जो कि सामूहिक थी। राजीव तिवारी ने राष्ट्रीय टीम योगी महासंघ के बैनर तले 28 लोगों की लिस्ट भी जारी की है, जो उस सामूहिक गिरफ्तारी में शामिल हुए थे।
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पेशे से अधिवक्ता राजीव तिवारी उर्फ अन्नू ने बताया कि 19 अक्तूबर 1989 को राम मंदिर के समर्थन में मिश्राना से पदयात्रा निकाली गई थी, जो भुईफोरवानाथ से छायाकुआं, सब्जी मंडी, सराफा मंडी होते हुए कोतवाली बड़े चौराहा पहुंचे थे। जहां पर पुलिस की तीन गाड़ियां पहले से ही तैयार थीं। वहां पर कोतवाल को धक्का देते हुए हम लोग आगे बढ़े तो सीओ समेत अन्य पुलिसबल सामने आ गया। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया और तीन गाड़ियों में भरकर ले जाया गया।
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