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Lakhimpur Kheri News: 73 साल पुराने डाकघर पर गरजी रेलवे की जेसीबी
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मैलानी में डाकघर के पीछे बने आवास को तोड़ती जेसीबी-संवाद
मैलानी। रेलवे स्टेशन के सामने रेल परिसर में बने 73 साल पुराने डाकघर के कार्यालय भवन को छोड़कर शनिवार को रेलवे ने जेसीबी से डाकघर का अन्य भाग ढहा दिया। इसी के चलते साढ़े दस बजे के बाद डाकघर में कोई कामकाज भी नहीं हो सका।
रेलवे स्टेशन के सामने रेल परिसर में डाकघर 1952 में स्थापित हुआ था। यह सर्कुलेटिंग एरिया में प्रवेश द्वार पर बना है। अमृृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन के सामने पर्याप्त खाली भाग की जरूरत है। इसी के चलते आस-पास बने कई रेलवे आवास पहले ही ध्वस्त किए जा चुके हैं। मौके पर मौजूद सहायक मंडल अभियंता प्रभात कुमार के मुताबिक डाकघर खाली करने को एक साल में कई बार डाक विभाग को नोटिस दिए जा चुके हैं।
अस्थायी व्यवस्था के तहत पहले गार्ड रनिंग रूम में डाकघर स्थानांतरित करने को कहा गया, लेकिन वहां स्थानांतरित नहीं किया गया। अब रेलवे प्राथमिक विद्यालय भवन में स्थानांतरित करने को कहा गया, लेकिन इस पर भी अमल नहीं किया गया। अमृत भारत के तहत सफाई होनी है।
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उधर, उप डाकपाल सचिन बल्हार ने बताया कि डाकघर खाली करने को कुछ समय मांगा गया था, बावजूद इसके डाकघर का बरामदा और पीछे बने आवास को तुड़वा दिया गया। कार्यालय का मुख्य भवन बचा है। शेष भाग जेसीबी से तोड़े जाने की वजह से कार्यालय भवन भी जर्जर हो गया है। वर्तमान में रेलवे ने प्राथमिक विद्यालय में डाकघर शिफ्ट करने को कहा था, जिसकी छत टूटी हुई है।
डाकघर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते शनिवार को साढ़े दस बजे के बाद डाकघर में कोई कामकाज भी नहीं हो सका। सूचना पाकर डाक अधीक्षक खीरी सुमनेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और इस बाबत सहायक मंडल अभियंता से वार्ता की।
समाचार लिखे जाने तक बातचीत चल रही थी। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान सहायक मंडल अभियंता प्रभात कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य पीके सिन्हा, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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रेलवे स्टेशन के सामने रेल परिसर में डाकघर 1952 में स्थापित हुआ था। यह सर्कुलेटिंग एरिया में प्रवेश द्वार पर बना है। अमृृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन के सामने पर्याप्त खाली भाग की जरूरत है। इसी के चलते आस-पास बने कई रेलवे आवास पहले ही ध्वस्त किए जा चुके हैं। मौके पर मौजूद सहायक मंडल अभियंता प्रभात कुमार के मुताबिक डाकघर खाली करने को एक साल में कई बार डाक विभाग को नोटिस दिए जा चुके हैं।
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अस्थायी व्यवस्था के तहत पहले गार्ड रनिंग रूम में डाकघर स्थानांतरित करने को कहा गया, लेकिन वहां स्थानांतरित नहीं किया गया। अब रेलवे प्राथमिक विद्यालय भवन में स्थानांतरित करने को कहा गया, लेकिन इस पर भी अमल नहीं किया गया। अमृत भारत के तहत सफाई होनी है।
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उधर, उप डाकपाल सचिन बल्हार ने बताया कि डाकघर खाली करने को कुछ समय मांगा गया था, बावजूद इसके डाकघर का बरामदा और पीछे बने आवास को तुड़वा दिया गया। कार्यालय का मुख्य भवन बचा है। शेष भाग जेसीबी से तोड़े जाने की वजह से कार्यालय भवन भी जर्जर हो गया है। वर्तमान में रेलवे ने प्राथमिक विद्यालय में डाकघर शिफ्ट करने को कहा था, जिसकी छत टूटी हुई है।
डाकघर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते शनिवार को साढ़े दस बजे के बाद डाकघर में कोई कामकाज भी नहीं हो सका। सूचना पाकर डाक अधीक्षक खीरी सुमनेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और इस बाबत सहायक मंडल अभियंता से वार्ता की।
समाचार लिखे जाने तक बातचीत चल रही थी। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान सहायक मंडल अभियंता प्रभात कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य पीके सिन्हा, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।