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Lakhimpur Kheri News: गोमती नदी पर बने पुल की गुणवत्ता पर सवाल, चार साल में चार बार क्षतिग्रस्त
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पुल पर मरम्मत का कार्य होता हुआ। स्रोत -ग्रामीण
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में घायल ऑटो चालक राजीव कुमार।
मैगलगंज। सीतापुर-शाहजहांपुर नेशनल हाईवे पर मैगलगंज से होकर गुजरने वाली गोमती नदी पर बने पुल की स्थिति चिंताजनक बनी है। वर्ष 2016 में शुरू हुए इस पुल के निर्माण कार्य को बिना समुचित गुणवत्ता परीक्षण के वर्ष 2021 में जनता के लिए खोल दिया गया था। निर्माण में मानकों की अनदेखी के कारण यह पुल बीते चार वर्षों में चार बार क्षतिग्रस्त हो चुका है।
पुल की मुख्य समस्या उसकी स्लैब में आई बार-बार की दरारें और कंक्रीट के टुकड़े टूटकर नीचे गिरने की घटनाएं हैं। इससे पुल पर बड़े-बड़े होल बन जाते हैं और सरियों का जाल खुल जाता है। इससे न केवल पुल की संरचना कमजोर होती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए भी खतरा रहता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। बार-बार होने वाली क्षति के चलते पुल को कई बार बंद करना पड़ा है। हाल ही में पुल के दोबारा क्षतिग्रस्त होने के कारण टोल रोड को एनएचएआई ने बंद कर यातायात को दूसरी साइड के पुल से संचालित कराया है। हाल ही में क्षति के बाद कार्यदायी संस्था ने बुधवार से मरम्मत कार्य शुरू कराया।
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बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ने के कारण यह साफ है कि इसका निर्माण मानकों के अनरूप नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस पुल की स्थायी मरम्मत के साथ-साथ दोषी निर्माण एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त नहीं हुआ, बल्कि कहीं-कहीं पर कंक्रीट और जॉइंट खुल गए हैं। उन्हीं की मरम्मत कराई जा रही है।
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पुल की मुख्य समस्या उसकी स्लैब में आई बार-बार की दरारें और कंक्रीट के टुकड़े टूटकर नीचे गिरने की घटनाएं हैं। इससे पुल पर बड़े-बड़े होल बन जाते हैं और सरियों का जाल खुल जाता है। इससे न केवल पुल की संरचना कमजोर होती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए भी खतरा रहता है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। बार-बार होने वाली क्षति के चलते पुल को कई बार बंद करना पड़ा है। हाल ही में पुल के दोबारा क्षतिग्रस्त होने के कारण टोल रोड को एनएचएआई ने बंद कर यातायात को दूसरी साइड के पुल से संचालित कराया है। हाल ही में क्षति के बाद कार्यदायी संस्था ने बुधवार से मरम्मत कार्य शुरू कराया।
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बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ने के कारण यह साफ है कि इसका निर्माण मानकों के अनरूप नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस पुल की स्थायी मरम्मत के साथ-साथ दोषी निर्माण एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त नहीं हुआ, बल्कि कहीं-कहीं पर कंक्रीट और जॉइंट खुल गए हैं। उन्हीं की मरम्मत कराई जा रही है।