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Lakhimpur Kheri News: बेमकसद सामुदायिक शौचालय, कहीं ताले में तो कहीं जंगल में
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जंगल में बने बिजुआ के बहादुरनगर के सामुदायिक शौचालय का यह हाल, जिसका आज तक इस्तेमाल नहीं हो सका
लखीमपुर खीरी। लाखों रुपये की लागत से गांवों में बनाए गए सामुदायिक शौचालय लोगों के काम नहीं आ रहे हैं। कहीं शौचालयों में दरवाजे नहीं हैं, तो कहीं गंदगी की भरमार है। बहादुरनगर का शौचालय तो जंगल में बना दिया गया। इसी तरह की खामियों के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद की 1165 ग्राम पंचायतों में 1162 में सामुदायिक शौचालय बने हैं। मोहम्मदी के फिरोजपुर, पलिया के नगला और ईसानगर के गौढ़ी में जंगल किनारे या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से नहीं बन सके। शेष ग्राम पंचायतों में शौचालय बने हैं। सोमवार को सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल कराई गई तो अधिकांश बंंद मिले।
कई जगह शौचालयों के दरवाजे टूटे पाए गए, तो कुछ जगह गंदगी की भरमार मिली। कुछ जगह लोकार्पण के बाद भी निर्माण अधूरा मिला। जबकि इन शौचालयों की साफ-सफाई के नाम पर बजट खर्च होता है। केयरटेकर को भी प्रति माह छह हजार रुपये दिए जाते हैं। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों को नियमित खोलने के निर्देश हैं। फिर भी अगर कहीं बंद रहता है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कहीं दरवाजे टूटे हैं या फिर अन्य कोई समस्या है तो उसको तत्काल ठीक करा दिया जाएगा। संवाद
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद की 1165 ग्राम पंचायतों में 1162 में सामुदायिक शौचालय बने हैं। मोहम्मदी के फिरोजपुर, पलिया के नगला और ईसानगर के गौढ़ी में जंगल किनारे या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से नहीं बन सके। शेष ग्राम पंचायतों में शौचालय बने हैं। सोमवार को सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल कराई गई तो अधिकांश बंंद मिले।
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कई जगह शौचालयों के दरवाजे टूटे पाए गए, तो कुछ जगह गंदगी की भरमार मिली। कुछ जगह लोकार्पण के बाद भी निर्माण अधूरा मिला। जबकि इन शौचालयों की साफ-सफाई के नाम पर बजट खर्च होता है। केयरटेकर को भी प्रति माह छह हजार रुपये दिए जाते हैं। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों को नियमित खोलने के निर्देश हैं। फिर भी अगर कहीं बंद रहता है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कहीं दरवाजे टूटे हैं या फिर अन्य कोई समस्या है तो उसको तत्काल ठीक करा दिया जाएगा। संवाद

जंगल में बने बिजुआ के बहादुरनगर के सामुदायिक शौचालय का यह हाल, जिसका आज तक इस्तेमाल नहीं हो सका

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