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सरकारी भूमि पर कब्जा कर कराए जा रहे पक्के निर्माण
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कब्जे की भूमि पर हो रहा पक्का निर्माण।
कब्जे हटवाने में उदासीन साबित हो रहा धौरहरा प्रशासन
धौरहरा। सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने के शासन के निर्देश के बावजूद धौरहरा तहसील प्रशासन कब्जे हटाने में कामयाब नहीं हो सका। धौरहरा तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जे चिह्नित करने का अभियान जोर शोर से चला था, लेकिन कब्जा हटाने की बारी आई तो तहसील प्रशासन उदासीन नजर आया। सरकारी भूमि से पुलिस और प्रशासन अवैध कब्जे अभी तक नहीं हटा पाया है।
ब्लाक मुख्यालय धौरहरा के गाटा संख्या 663 में सामने सड़क है। नक्शा देखने पर ब्लॉक मुख्यालय और सड़क के आसपास आबादी नहीं है, फिर भी करीब 30 साल पहले नगर पंचायत धौरहरा की मेहरबानी से लोग उस भूमि पर मकान बनाकर वर्षों से रह रहे हैं। यह अतिक्रमणकारी लगातार पक्का निर्माण भी करा रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय परिसर के चारों तरफ कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर घर बना लिए हैं। यही नहीं कोतवाली परिसर के पास नगर पंचायत धौरहरा की बेशकीमती सरकारी भूमि पर लोगों ने कब्जा कर अवैध रूप से जनवरी 2022 में पक्का निर्माण करा लिया। नगर पंचायत का कहना था कि इस भूमि पर सीओ धौरहरा के लिए आवास बनेगा। कस्बे की सडकों के किनारे बनी नालियां भी अतिक्रमण का शिकार हैं। शुरू में मात्र दो दिन नगर पंचायत धौरहरा ने अतिक्रमण हटाने का असफल प्रयास किया इसके बाद कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
खंड विकास अधिकारी चंदन देव पांडे ने बताया कि विकास विभाग की जमीन की रक्षा वह स्वयं करेंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी, एसडीएम और तहसील प्रशासन को पत्र लिखा है। फोन से भी अतिक्रमण के बारे में अवगत कराया है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाने की बात कही है।
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एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि हमें खंड विकास अधिकारी का पत्र मिला है। संबंधित लेखपाल का प्रमोशन होने के कारण अग्रिम कार्यवाही रुकी हुई है। जल्दी ही अतिक्रमित भूमि खाली कराई जाएगी।
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धौरहरा। सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने के शासन के निर्देश के बावजूद धौरहरा तहसील प्रशासन कब्जे हटाने में कामयाब नहीं हो सका। धौरहरा तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जे चिह्नित करने का अभियान जोर शोर से चला था, लेकिन कब्जा हटाने की बारी आई तो तहसील प्रशासन उदासीन नजर आया। सरकारी भूमि से पुलिस और प्रशासन अवैध कब्जे अभी तक नहीं हटा पाया है।
ब्लाक मुख्यालय धौरहरा के गाटा संख्या 663 में सामने सड़क है। नक्शा देखने पर ब्लॉक मुख्यालय और सड़क के आसपास आबादी नहीं है, फिर भी करीब 30 साल पहले नगर पंचायत धौरहरा की मेहरबानी से लोग उस भूमि पर मकान बनाकर वर्षों से रह रहे हैं। यह अतिक्रमणकारी लगातार पक्का निर्माण भी करा रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय परिसर के चारों तरफ कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर घर बना लिए हैं। यही नहीं कोतवाली परिसर के पास नगर पंचायत धौरहरा की बेशकीमती सरकारी भूमि पर लोगों ने कब्जा कर अवैध रूप से जनवरी 2022 में पक्का निर्माण करा लिया। नगर पंचायत का कहना था कि इस भूमि पर सीओ धौरहरा के लिए आवास बनेगा। कस्बे की सडकों के किनारे बनी नालियां भी अतिक्रमण का शिकार हैं। शुरू में मात्र दो दिन नगर पंचायत धौरहरा ने अतिक्रमण हटाने का असफल प्रयास किया इसके बाद कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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खंड विकास अधिकारी चंदन देव पांडे ने बताया कि विकास विभाग की जमीन की रक्षा वह स्वयं करेंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी, एसडीएम और तहसील प्रशासन को पत्र लिखा है। फोन से भी अतिक्रमण के बारे में अवगत कराया है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाने की बात कही है।
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एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि हमें खंड विकास अधिकारी का पत्र मिला है। संबंधित लेखपाल का प्रमोशन होने के कारण अग्रिम कार्यवाही रुकी हुई है। जल्दी ही अतिक्रमित भूमि खाली कराई जाएगी।