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एक प्रधानाध्यापिका व चपरासी पर गिरी निलंबन की गाज

Fri, 02 Sep 2022 01:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 01:49 AM IST
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Principal and peon suspended on charges
बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए ने की कार्रवाई, कई और शिक्षक निशाने पर
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालय खीरी टाउन प्रथम की प्रधानाध्यापिका और मितौली क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिगवां के चपरासी को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। दोनों के विरुद्ध विभिन्न आरोपों में संबंधित ब्लॉकों के बीईओ द्वारा रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई थी, जिसके आधार पर बीएसए ने यह कार्रवाई की है।
बताते चलें कि उच्च प्राथमिक विद्यालय खीरी टाउन प्रथम के 18 अगस्त 2022 को सुबह 8.42 बजे तक बंद रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बीईओ मुख्यालय को जांच के निर्देश दिए थे। बीईओ द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उपस्थिति पंजिका में प्रधानाध्यापिका कहकशां अंजुम द्वारा प्रात: 8.00 बजे हस्ताक्षर किए गए, जबकि वह 9.30 बजे के बाद विद्यालय पहुंचीं। प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय के गेट की चाभी 9.30 बजे के बाद अपने परिवार के सदस्य द्वारा भेजी गई, जिसके बाद विद्यालय आकर हस्ताक्षर किए गए। अनुपस्थित सहायक अध्यापक प्रीती पांडेय के कॉलम में आकस्मिक लिखा गया, जबकि इनके द्वारा अवकाश की सूचना नहीं दी गई। प्रधानाध्यापिका द्वारा कला अनुदेशक शुमैला ऐनम के कॉलम में एक माह से लगातार आकस्मिक अवकाश लिखा गया, जबकि अनुदेशक को इतने अवकाश देय नहीं है। शारीरिक शिक्षा के अनुदेशक शरीफ के कॉलम को 10.30 बजे तक जानबूझकर खाली रखा गया।
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बच्चों व स्टाफ ने बताया कि विद्यालय की चाभी प्रधानाध्यापिका के पास रहती है। उनके देर से आने के कारण कई बच्चे घर लौट गए। कुल पंजीकृत बच्चे 470 के सापेक्ष 25 बच्चे ही उपस्थित मिले, जो उपस्थिति का पांच प्रतिशत है।
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एसएमसी अध्यक्ष नजर अंसारी ने लिखित बयान दिया कि प्रधानाध्यापिका की लापरवाही के कारण विद्यालय देर से खुला। अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापिका द्वारा पिछले तीन वर्षों में कंपोजिट ग्रांट निकाली गई, लेकिन विद्यालय में काम नहीं कराया। बीईओ ने जांच में पाया कि कुल दो लाख रुपये निकाले गए, जिसके सापेक्ष बमुश्किल 50 हजार रुपये ही रंगाई-पुताई व टाइल लगवाने पर खर्च किए गए। बिल बाउचर लगाए गए, लेकिन सामान विद्यालय में नहीं मिला।
अध्यक्ष ने यह भी शिकायत करते हुए बताया कि प्रधानाध्यापिका का पति भी विद्यालय आकर असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं और बच्चों के सामने खरी-खोटी सुनाते हैं। शिक्षकों से भी कोतवाल की तरह बर्ताव करते हैं। बीएसए ने बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापिका कहकशां अंजुम को निलंबित कर दिया है और उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय मऊदाउदपुर में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच बीईओ नगर शत्रुघ्न सरोज और डीसी निर्माण को सौंपी है।

दूसरा मामला मितौली क्षेत्र के बीआरसी कार्यालय का है, जहां पर संबद्घ उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिगवां के चपरासी रोहित कुमार को भी बीएसए ने निलंबित कर दिया है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष व मंत्री ने चपरासी रोहित कुमार के विरुद्घ शिक्षकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने व गाली-गलौज करने की शिकायत की थी। इससे शिक्षकों ने चपरासी को मूल विद्यालय में भेजने की मांग की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर बीएसए डॉ लक्ष्मी कांत पांडेय ने चपरासी रोहित कुमार को निलंबित कर उच्च प्राथमिक विद्यालय लल्हौआ में उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही मामले की जांच बेहजम के बीईओ देवेश राय को सौंपी है।
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