फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Preparing to change the executive body by not paying

भुगतान न दिलाकर कार्यदायी संस्था ही बदलने की तैयारी

Sun, 20 Nov 2022 11:49 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2022 11:49 PM IST
विज्ञापन
Preparing to change the executive body by not paying
ईपीएफ घोटाला
विज्ञापन

- कर्मचारियों को आज तक नहीं मिले संबंधित दस्तावेज
- करीब 500 कर्मियों के फंड की रकम हड़पने का आरोप
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका में आउट सोर्स से रखे गए कर्मचारियों के ईपीएफ का घोटाला सामने आया है। आरोप है कि मानदेय से कटौती करने के बावजूद कार्यदायी संस्था ने फंड की रकम कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में जमा न कराकर खुद हड़प ली है। पालिका अब कार्यदायी संस्था को बदलने की तैयारी कर रही है।
नगर पालिका में विभिन्न पदों पर करीब 500 कर्मचारी आउट सोर्सिंग से तैनात हैं। कार्यदायी संस्था इनके मानदेय से हर माह ईपीएफ खाते में जमा करने के लिए करीब एक हजार रुपये की कटौती करती है। वहीं नगर पालिका भी प्रति कर्मचारी इतना ही पैसा कार्यदायी संस्था को भुगतान करती है। बावजूद इसके कार्यदायी संस्था ने न तो कर्मचारियों के मानदेय से काटी गई धनराशि ईपीएफ खाते में जमा कराई और न ही पालिका द्वारा दी गई। ऐसे में कार्यदायी संस्था पर पिछले कई साल का करोड़ों रुपया हड़पने का आरोप है।
विज्ञापन

नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों को ईपीएफ का भुगतान दिलाने के बजाय कार्यदायी संस्था बदलने की तैयारी कर शुरू कर दी है। इसके लिए जेम पोर्टल पर 555 कर्मचारियों को तैनात करने की टेंडर प्रक्रिया तक करा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले एक संस्था ने जब पैसा जमा नहीं किया तो पालिका प्रशासन ने दूसरी संस्था का टेंडर करा दिया और अब इसके द्वारा धनराशि जमा न किए जाने पर पालिका प्रशासन तीसरी संस्था को टेंडर देने जा रही है। न तो पहले वाली संस्था से पैसा जमा कराया गया और न ही इससे जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में ईपीएफ का पैसा मिलने से रहा। बीच सत्र में कार्यदायी संस्था बदलने के लिए कराई गई टेंडर प्रक्रिया लोगों में चर्चा का विषय बन गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर पालिका में 500 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं
ठेके पर कर्मचारी मुहैया कराने वाली संस्था को नगर पालिका ईपीएफ व ईएसआईसी के लिए प्रति कर्मी करीब एक हजार रुपये का भुगतान करती है। करीब इतनी ही धनराशि कर्मचारियों के वेतन से संस्था काटती है। इस तरह कर्मचारी के ईपीएफ खाते में करीब दो हजार रुपये हर माह जमा होने चाहिए, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं ने ईपीएफ खाते में यह पैसा जमा न कराकर खुद हड़प लिया। बता दें कि नगर पालिका में 500 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं।

कार्यदायी संस्था को कर्मचारियों का पैैसा देना होगा। इसका नोटिस जारी किया जा चुका है। संस्था यदि पैैसा जमा नहीं करती है तो उस पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ जेम पोर्टल पर काली सूची में भी डलवाएंगे।
- संजय कुमार, ईओ नगर पालिका, लखीमपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed