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Lakhimpur Kheri News: पानी की कमी से समय से पहले हो रहे प्रसव
Mon, 30 Jun 2025 11:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:39 PM IST
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी हो रही है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में पानी की कमी होने की वजह से समय से पहले ही प्रसव हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। ताकि शरीर में पानी की कमी न रहे।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 20-30 महिलाओं के प्रसव होते हैं। इसमें पिछले करीब दो महीने से करीब तीन-चार महिलाएं ऐसी आ रही हैं, जिनके शरीर में पानी की कमी के चलते समय से पहले प्रसव हो रहा है। सीएमएस डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि गर्भ की एमनियोटिक मेंब्रेन (पतली, मजबूत झिल्ली जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है) शिशु की गर्भ में रक्षा करती है।
उन्होंने बताया कि शिशु जब पूरा विकसित हो जाता है, तो पेन शुरू होने से पहले गर्भवती महिलाओं में थैली फट जाती है। इसके फटने के 24 घंटे के अंदर प्रसव कराना जरूरी है। ऐसा न होने पर गर्भवती महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल सकता है। अगर 37 सप्ताह के बाद पानी की थैली फटती है, तो यह लेबर पेन का संकेत होता है।
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28 से 37 सप्ताह के बीच अगर पानी की थैली फटती है, तो मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
तेज धूप में घर के बाहर न निकलें।
नारियल पानी, नींबू पानी, ताजे फलों का जूस लें।
पौष्टिक आहार का सेवन करें।
हल्के ढीले सूती कपड़े पहनें।
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जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 20-30 महिलाओं के प्रसव होते हैं। इसमें पिछले करीब दो महीने से करीब तीन-चार महिलाएं ऐसी आ रही हैं, जिनके शरीर में पानी की कमी के चलते समय से पहले प्रसव हो रहा है। सीएमएस डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि गर्भ की एमनियोटिक मेंब्रेन (पतली, मजबूत झिल्ली जो गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को घेरे रहती है) शिशु की गर्भ में रक्षा करती है।
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उन्होंने बताया कि शिशु जब पूरा विकसित हो जाता है, तो पेन शुरू होने से पहले गर्भवती महिलाओं में थैली फट जाती है। इसके फटने के 24 घंटे के अंदर प्रसव कराना जरूरी है। ऐसा न होने पर गर्भवती महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल सकता है। अगर 37 सप्ताह के बाद पानी की थैली फटती है, तो यह लेबर पेन का संकेत होता है।
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28 से 37 सप्ताह के बीच अगर पानी की थैली फटती है, तो मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
तेज धूप में घर के बाहर न निकलें।
नारियल पानी, नींबू पानी, ताजे फलों का जूस लें।
पौष्टिक आहार का सेवन करें।
हल्के ढीले सूती कपड़े पहनें।