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श्मशान भूमि की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन

Mon, 09 Nov 2020 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2020 12:03 AM IST
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पलिया के सरखना पश्चिम में श्मशान न होने पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां। सरखना पश्चिम गांव में श्मशान की भूमि की पैमाइश व खूंटाबंदी न होने से उस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इसी के चलते एक ग्रामीण को दस दिन पहले अपने घर में ही नवजात का शव दफन करना पड़ा था। परेशान ग्रामीणों ने श्मशान भूमि की मांग को लेकर रविवार को प्रदर्शन किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के श्मशान घाट की पैमाइश कर खूंटा बंदी करके भूमि को सुरक्षित कराने के लिए कई बार उच्च अधिकारियों के साथ ही प्रधान को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है, जिससे भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं गांव की पक्की रोड पर दबंगों ने घूरा डाल रखा है। जिससे निकलने में भी दिक्कत होती हैं। श्मशान की भूमि न होने पर जिनके पास जमीन नहीं हैं, उनको काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसी के चलते दस दिन पूर्व गांव के ही एक ग्रामीण को नवजात का शव अपने घर में दफन करना पड़ा था। ग्रामीणों ने रविवार को गांव में ही प्रदर्शन कर श्मशान घाट को कब्जामुक्त करने, सफाई कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राजू राठौर, श्याम लाल, राजेश कुमार, ओमप्रकाश, नीरज, प्रमोद, सत्यम, रमेश, प्रदीप, विनोद, मनोज, राजाराम, सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसको दिखवाता हूं और अगर कब्जा है तो उसको खाली कराकर श्मशान की भूमि मुक्त कराई जाएगी।
-डॉ. अमरेश कुमार, एसडीएम पलिया
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