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इसलिए हैं सपा और भाजपा आमने-सामने

Fri, 15 Nov 2019 11:01 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 11:01 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जमुनाबाद फार्म में जिस कृषि महाविद्यालय का सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकार्पण किया, उसकी आधारशिला सरकार सपा सरकार में वर्ष 2014 में रखी गई थी। इसलिए इसका श्रेय सपा लेकर भाजपा के सामने आ खड़ी हुई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से एक दिन पहले सपाई फीता काटने पहुंच गए। वहीं भाजपाई कह रहे हैं कि कोई काम केवल शिलान्यास से नहीं हो जाता, बल्कि उसे पूरा करने के लिए धन का इंतजाम करना पड़ता है और साथ में इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।
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नींव पूजन राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा एवं तत्कालीन विधायक विनय तिवारी ने वर्ष 2014 में चार मार्च को किया था। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल कृषि महाविद्यालय का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा था। इसी बीच विधानसभा चुनाव बाद सत्ता परिवर्तन होते ही इस काम की गति भी धीमी हो गई। एक कारण यह भी था कि केवल 16 करोड़ मिले थे, जबकि 250 करोड़ की जरूरत थी। सत्ताधारी जनप्रतिनिधयों की मांग पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रयासों से सीएम योगी के निर्देश पर फर्स्ट फेज का काम ढाई साल में ही पूरा हो गया। इसके लोकार्पण को लेकर सपा नेताओं का अपना दावा है कि यह उनकी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धि है, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि सीएम योगी ने किसानों के हित में इस महाविद्यालय को जल्द शुरू कराया। इसी के साथ एक कृषि विज्ञान केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं।
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फिलहाल कृषि महाविद्यालय को लेकर सपा भाजपा में जुबानी जंग तेज होने लगी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां ट्विटर पर पोस्ट डालकर मामला गरमा दिया। वहीं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने फेसबुक पर पोस्ट किया है कि शर्म करो भाजपाइयों, कृषि महाविद्यालय सपा सरकार में राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा एवं तत्कालीन विधायक गोला विनय तिवारी के प्रयास पर तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने दिया था। पूर्व सीएम एवं पूर्व जिलाध्यक्ष की पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
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यह लिखा अखिलेश यादव ने
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्विटर पर भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए सवाल दागा है कि उत्तर प्रदेश की जनता सत्ताधीश तथाकथित सदाचारियों से पूछ रही है कि यदि कोई किसी के कामों का श्रेय चुराए तो इस चार सौ बीसी की रिपोर्ट के लिए कोई नंबर है क्या, या फिर ये दस नंबर गोरखधंधा यूं ही चलता रहेगा। उसके बाद लिखा है कि, मान्यवर पहले नाम बदल रहे थे अब अंक बदल रहे हैं, इससे अच्छा होगा कि अपने झूठ का चोगा बदलें। उनका आशय कुछ जनपदों के नाम बदलना और 100 डायल की जगह 112 करना बताया जा रहा है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपने पिता के कारण राजनीति में आए हैं। इस तरह का ट्वीट उनकी छटपटाहट को प्रदर्शित करता है। राजनैतिक समझ नहीं है। ईश्वर से हमारी प्रार्थना है कि सद्बुद्धि देकर उनका भला करे। -अजय मिश्रा टेनी, सांसद, खीरी लोकसभा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जो ट्वीट किया है वह जनता की आवाज है। कृषि महाविद्यालय सपा सरकार की देन है। पहले शहरों के नाम बदले गए, फिर सौ नंबर का नंबर बदला गया। -मोहम्मद कयूम, जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी

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अन्य सरकारों में जिस तरह बेहजम में स्टील फैक्ट्री और ऐशबाग-पीलीभीत के ब्रॉडगेज का उद्घाटन हुआ था। उसी तरह से जमुनाबाद फार्म में कृषि महाविद्यालय का शिलान्यास हुआ। योगी सरकार ने इसके लिए बजट मंजूर किया। सोशल मीडिया पर कमेंट करना उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है। -विजय कुमार शुक्ला रिंकू, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा
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