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Lakhimpur Kheri News: बच्चों के जन्म पर मां को दिए पौधे और ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट
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सीएचसी बांकेगंज में बेटी के जन्म पर पौधे व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते वन कर्मी। संवाद।
बांकेगंज। नवजात के जन्म पर बधाई देने का वन विभाग ने नायाब तरीका खोजा है। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने के साथ ही बच्चों के नाम पर पौधे रोपित होंगे।
सरकारी अस्पताओं में जन्म लेने वाले बच्चों के अभिवावकों को इस बार पर्यावरण से संबंधित उपहार दिया जा रहा है, ताकि वह यादगार बने। इस मुहिम के तहत बांकेगंज सीएचसी में शनिवार को जन्मी तीन बेटियों की माताओं को डीटीआर बफरजोन मैलानी रेंज महुरेना बीट के डिप्टी रेंजर एसके त्रिपाठी, फॉरेस्टर सागर कुशवाहा ने सहजन, शीशम के दो पौधे व ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
यह पौधे घर में हरियाली लाएंगे और याादगार के रूप में हमेशा सामने होंगे। बच्चों को जन्म से ही पर्यावरण संरक्षण और हरियाली की मुहिम से जोड़ने के लिए शुरू हुई यह पहल रंग लाएगी।
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पौधरोपण अभियान के नोडल अधिकारी व दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल ने बताया कि एक से सात जुलाई तक आयोजित होने वाले वन महोत्सव के दौरान जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जन्म लेने वाले नवजात को इससे जोड़ा गया है। इस अवधि में जन्मे बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट के साथ दो पौधे भेंट किए जा रहे हैं।
पहला सहजन का पौधा खून की कमी को पूरा करने के लिए जागरूकता के तौर पर दिया जा रहा है। दूसरा शीशम का पौधा है, ताकि बच्चे जब बड़े होंगे तब तक वह पौधा भी तैयार हो सके। अस्पताल से घर जाने के बाद अभिवावक नवजात के हाथों से इन पौधों का रोपण कराएंगे। अधीक्षक एके सिंह, आकांक्षा शुक्ला मौजूद रहे।
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सरकारी अस्पताओं में जन्म लेने वाले बच्चों के अभिवावकों को इस बार पर्यावरण से संबंधित उपहार दिया जा रहा है, ताकि वह यादगार बने। इस मुहिम के तहत बांकेगंज सीएचसी में शनिवार को जन्मी तीन बेटियों की माताओं को डीटीआर बफरजोन मैलानी रेंज महुरेना बीट के डिप्टी रेंजर एसके त्रिपाठी, फॉरेस्टर सागर कुशवाहा ने सहजन, शीशम के दो पौधे व ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।
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यह पौधे घर में हरियाली लाएंगे और याादगार के रूप में हमेशा सामने होंगे। बच्चों को जन्म से ही पर्यावरण संरक्षण और हरियाली की मुहिम से जोड़ने के लिए शुरू हुई यह पहल रंग लाएगी।
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पौधरोपण अभियान के नोडल अधिकारी व दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल ने बताया कि एक से सात जुलाई तक आयोजित होने वाले वन महोत्सव के दौरान जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जन्म लेने वाले नवजात को इससे जोड़ा गया है। इस अवधि में जन्मे बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट के साथ दो पौधे भेंट किए जा रहे हैं।
पहला सहजन का पौधा खून की कमी को पूरा करने के लिए जागरूकता के तौर पर दिया जा रहा है। दूसरा शीशम का पौधा है, ताकि बच्चे जब बड़े होंगे तब तक वह पौधा भी तैयार हो सके। अस्पताल से घर जाने के बाद अभिवावक नवजात के हाथों से इन पौधों का रोपण कराएंगे। अधीक्षक एके सिंह, आकांक्षा शुक्ला मौजूद रहे।