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पिलर देखे, तस्करी के रास्तों का चिह्नाकन
गौरीफंटा।
Updated Mon, 08 Feb 2016 07:56 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा पर धड़ल्ले से हो रही तस्करी की रोकथाम के लिए भारत की
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एसएसबी तथा नेपाल की एपीएफ के जवानों के साथ ही वनकर्मियों ने पेट्रोलिंग
की। जिसमें उन्होंने जंगल से सीमा पर निकले रास्तों, पिलर आदि को देखा।
एसएसबी इंस्पेक्टर सुरेश जाट के नेतृत्व में एसएसबी तथा एपीएफ के जवानों, वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए पिलर संख्या 170, 171, 172 तक जाकर पेट्रोलिंग की। साथ ही जंगलों के रास्तों से होने वाली तस्करी की रोकथाम की रणनीति भी बनाई। एसएसबी इंस्पेक्टर सुरेश जाट ने बताया कि सीमा पर इन पिलर संख्या के पास से धड़ल्ले से तस्करी हो रही है और तस्कर जंगल के रास्तों से तस्करी कर सामान नेपाल ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि इसकी रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। जंगल के रास्ते से तस्करी नहीं होने दी जाएगी।
एसएसबी इंस्पेक्टर सुरेश जाट के नेतृत्व में एसएसबी तथा एपीएफ के जवानों, वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए पिलर संख्या 170, 171, 172 तक जाकर पेट्रोलिंग की। साथ ही जंगलों के रास्तों से होने वाली तस्करी की रोकथाम की रणनीति भी बनाई। एसएसबी इंस्पेक्टर सुरेश जाट ने बताया कि सीमा पर इन पिलर संख्या के पास से धड़ल्ले से तस्करी हो रही है और तस्कर जंगल के रास्तों से तस्करी कर सामान नेपाल ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि इसकी रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। जंगल के रास्ते से तस्करी नहीं होने दी जाएगी।