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पैरा क्रिकेटर विक्रम की गिरफ्तारी का मामला: पड़ोसी बोले- पांच साल में बेहतर हो गई थी माली हालत
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विक्रम नाग की गिरफ्तारी से परिवार वाले हैरान
आठ-दस साल से लखनऊ में रह रहा था विक्रम, घर वाले बोले- उन्हें नहीं हैं कोई जानकारी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
धौरहरा। छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के शिकंजे में आए लखीमपुर के धौरहरा निवासी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर विक्रम नाग की गिरफ्तारी पर परिवार और क्षेत्र के लोग सकते में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले पांच साल में अचानक विक्रम के घर की स्थिति अच्छी हो गई।पहले इनकी माली हालत ठीक नहीं थी।
मूलरूप से धौरहरा नगर पंचायत के मोहल्ला बाजार वार्ड/सर्वोदय नगर निवासी विक्रम नाग हाथ की उंगलियों से विकलांग है। बचपन से क्रिकेट की तरफ रुझान के कारण यूपी क्रिकेट टीम की कमान संभाल चुके विक्रम ने कई मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। पिता अवधराम नाग कोतवाली में चौकीदार थे, जिनकी तीन साल पहले कोरोना से मौत हो चुकी है।
कुल तीन भाई व एक बहन में सबसे बड़े विक्रम नाग दस साल से लखनऊ में रह रहा था। शुक्रवार को उसकी गिरफ्तारी का खबर आम होने पर कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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पक्का मकान बन गया, हर साल बदल जाती है गाड़ी
विक्रम नाग की गिरफ्तारी के बाद परिवार वालों ने बताया कि उन्हें कुछ नहीं पता कि कैसे क्या हुआ। शुक्रवार को अखबार में खबर छपी तो जानकारी हुई। नाम न छापने की शर्त पर विक्रम नाग के रिश्तेदार ने बताया कि विक्रम आठ दस साल से लखनऊ में रह रहा है। यहां भी आता जाता था, लेकिन आज यह दिन देखना पड़ेगा, इसका बिलकुल इल्म नहीं था। कहा कि कुछ पता ही नहीं लग पा रहा है कि क्या हुआ। दबी जुबान में पड़ोसियों ने बताया कि विक्रम नाग की माली हालत पहले अच्छी नहीं थी, लेकिन पिछले पांच सालों में हालात बदल गए। टूटे-फूटे कच्चे घर की जगह अब पक्का मकान बन गया है। हर साल गाड़ी बदल जाती है। दबी जुबान में लोग बताते हैं कि लखनऊ में विक्रम नाग किसी गिरोह के संपर्क में आ गया था, जिससे साल दर साल उसकी कमाई बढ़ती गई और माली हालत बदलती गई।
समाज कल्याण विभाग बोला, विक्रम का यहां से लेना-देना नहीं
दिव्यांग छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि इस कार्रवाई का खीरी से लेना-देना नहीं है। वह लखनऊ में पढ़ता था, जहां पर हाजिया संस्थान में हुए गड़बड़ी की जांच में उसका नाम आया है। पता चला है कि हाजिया में ही उसने पढ़ाई की थी, जहां से वह किसी मामले में ईडी ने गिरफ्तारी की है।
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आठ-दस साल से लखनऊ में रह रहा था विक्रम, घर वाले बोले- उन्हें नहीं हैं कोई जानकारी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
धौरहरा। छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के शिकंजे में आए लखीमपुर के धौरहरा निवासी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर विक्रम नाग की गिरफ्तारी पर परिवार और क्षेत्र के लोग सकते में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले पांच साल में अचानक विक्रम के घर की स्थिति अच्छी हो गई।पहले इनकी माली हालत ठीक नहीं थी।
मूलरूप से धौरहरा नगर पंचायत के मोहल्ला बाजार वार्ड/सर्वोदय नगर निवासी विक्रम नाग हाथ की उंगलियों से विकलांग है। बचपन से क्रिकेट की तरफ रुझान के कारण यूपी क्रिकेट टीम की कमान संभाल चुके विक्रम ने कई मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। पिता अवधराम नाग कोतवाली में चौकीदार थे, जिनकी तीन साल पहले कोरोना से मौत हो चुकी है।
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कुल तीन भाई व एक बहन में सबसे बड़े विक्रम नाग दस साल से लखनऊ में रह रहा था। शुक्रवार को उसकी गिरफ्तारी का खबर आम होने पर कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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पक्का मकान बन गया, हर साल बदल जाती है गाड़ी
विक्रम नाग की गिरफ्तारी के बाद परिवार वालों ने बताया कि उन्हें कुछ नहीं पता कि कैसे क्या हुआ। शुक्रवार को अखबार में खबर छपी तो जानकारी हुई। नाम न छापने की शर्त पर विक्रम नाग के रिश्तेदार ने बताया कि विक्रम आठ दस साल से लखनऊ में रह रहा है। यहां भी आता जाता था, लेकिन आज यह दिन देखना पड़ेगा, इसका बिलकुल इल्म नहीं था। कहा कि कुछ पता ही नहीं लग पा रहा है कि क्या हुआ। दबी जुबान में पड़ोसियों ने बताया कि विक्रम नाग की माली हालत पहले अच्छी नहीं थी, लेकिन पिछले पांच सालों में हालात बदल गए। टूटे-फूटे कच्चे घर की जगह अब पक्का मकान बन गया है। हर साल गाड़ी बदल जाती है। दबी जुबान में लोग बताते हैं कि लखनऊ में विक्रम नाग किसी गिरोह के संपर्क में आ गया था, जिससे साल दर साल उसकी कमाई बढ़ती गई और माली हालत बदलती गई।
समाज कल्याण विभाग बोला, विक्रम का यहां से लेना-देना नहीं
दिव्यांग छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि इस कार्रवाई का खीरी से लेना-देना नहीं है। वह लखनऊ में पढ़ता था, जहां पर हाजिया संस्थान में हुए गड़बड़ी की जांच में उसका नाम आया है। पता चला है कि हाजिया में ही उसने पढ़ाई की थी, जहां से वह किसी मामले में ईडी ने गिरफ्तारी की है।