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पलिया में कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे

Wed, 13 Jan 2016 10:51 PM IST
पलियाकलां
पलियाकलां Updated Wed, 13 Jan 2016 10:51 PM IST
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Palia cold diarrhea In the grip of a child
यूं तो गर्मी के मौसम को बीमारियों का घर कहा जाता है, लेकिन इस बार अभी से धूप की तेजी और बदलते मौसम से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। सबसे ज्यादा रोगी कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम और पेट से संबंधी रोगों के हैं। इसमें कोल्ड डायरिया पीड़ितों की संख्या अधिक है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के महज दो चिकित्सक सीमित संसाधनों में इलाज मुहैया करा रहे हैं।
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इस बार कोल्ड डायरिया ने बच्चों को सबसे ज्यादा गिरफ्त में लिया है। सर्दी, जुकाम, बुखार और पेट के रोगों का भी प्रकोप है। यहां कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन सुविधाएं पीएचसी जैसी हैं और एक आयुष चिकित्सक को छोड़ महज दो ही चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें डॉ. जितेंद्र पाल अधीक्षक हैं तो दूसरे डॉ. एमके शुक्ला हैं जो बच्चों को सीमित संसाधनों में इलाज मुहैया करा रहे हैं।  संसाधन सीमित हैं स्टाफ की कमी है और मरीजों की तादाद भी ठीक ठाक है। ऐसे में लाजिमी है कि चिकित्सकीय सुविधाओं में कमी है।
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सीएचसी प्रभारी, पलियाकलां डॉ. जितेंद्र पाल ने बताया कि मरीजों को इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाती है वे खुद भी मरीजों को देखते हैं।
चिकित्साधिकारी, सीएचसी-पलिया डॉ. एमके शुक्ला ने बताया कि इस दौरान कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, पेट से संबंधित और दमे के रोगी आ रहे हैं उनका समुचित इलाज किया जा रहा है।
सीएचसी प्रभारी के नाते लदे रहते काम
डॉ. जितेंद्र पाल वैसे तो अपना पूरा समय मरीजों को देने में जुटे रहते हैं लेकिन सीएचसी प्रभारी होने के नाते उनपर काफी जिम्मेदारियां हैं और उनको काफी कम ही समय मरीजों के लिए मिल पाता है। हालांकि वह कहते हैं कि वह सीएचसी प्रभारी जरूर हैं, लेकिन मरीजों को भी देखते हैं।  चिकित्साधिकारी डॉ. एमके शुक्ला मरीजों को देखते भी हैं। उनकी माने तो वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ते और सभी मरीजों का इलाज होता है।
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कम नहीं है मरीजों की तादाद
चिकित्सकों की माने तो इस समय महीने भर में करीब चार से पांच हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं, इनमें बच्चों की संख्या भी कम नहीं हैै। कोल्ड डायरिया पीड़ित बच्चे सर्वाधिक आ रहे हैं।

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