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पलिया प्रशासन और वकील आमने-सामने
पलियाकलां
Updated Fri, 05 Jun 2015 07:58 PM IST
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तहसील पलिया में उस समय अचानक माहौल गरमा गया जब अधिवक्ता और तहसील प्रशासन एक दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसके बाद अधिवक्ता सभागार में अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई जिसमें पलिया बार एसोसिएशन के दोनो गुटों का एक में विलय हो गया तथा अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन कर सामूहिक रूप से प्रदर्शन और नारेबाजी की।
अधिवक्ताओं ने बताया कि वे लेखपालों से संबंधित कुछ शिकायतों को लेकर शुक्रवार को एसडीएम और तहसीलदार से मिलने गए थे। उनसे पांच मिनट बाद मिलने को कहा गया लेकिन जब 20 मिनट हो गए और उन्हें नहीं बुलाया गया तो उन्होंने नारेबाजी करना शुरू कर दी। इसके बाद एसडीएम, तहसीलदार और उनका अधीनस्थ स्टाफ भी बाहर आकर विरोध-प्रदर्शन करने लगा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने होमगार्डाें के डंडे भी हाथ में ले रखे थे। ऐसा तहसील के इतिहास में पहली बार हुआ। इसके बाद तहसील का माहौल एकदम गरमा गया और सभी वकील अपना तख्त छोड़कर एक मंच पर आ गए और एसडीएम और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद अधिवक्ता सभागार में पलिया बार एसोसिएशन पंजीकृत और पलिया बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों की एक बैठक हुई। इसमें दोनों गुटों का विलय कर सर्वसम्मति से अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन किया गया। जिसके श्रीष द्विवेदी अध्यक्ष और रविंद्र शर्मा, रामप्रकाश पाल, जावेद अख्तर, रामचंद्र्र गौतम, जय प्रकाश चौबे, भागीरथ शाक्य, जगदीश चंद्र सोनी, अजीत सिंह, मधुसूदन तिवारी, इंतजार हुसैन, विशाल श्रीवास्तव, अफसर अली, विजय शर्मा, ऐनुफ बेग, दिनेश दीक्षित और रमेश चंद्र्रा सहित 16 सदस्य मनोनीत किए गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने काम बंद कर जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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इस संबंध में पूछने पर एसडीएम शादाब असलम ने बताया कि उनके द्वारा एक आर्डर किया गया था। तहसील के अधिवक्ता उसका विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने जब आज नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया तो उनके स्टाफ ने विरोध किया।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि वे लेखपालों से संबंधित कुछ शिकायतों को लेकर शुक्रवार को एसडीएम और तहसीलदार से मिलने गए थे। उनसे पांच मिनट बाद मिलने को कहा गया लेकिन जब 20 मिनट हो गए और उन्हें नहीं बुलाया गया तो उन्होंने नारेबाजी करना शुरू कर दी। इसके बाद एसडीएम, तहसीलदार और उनका अधीनस्थ स्टाफ भी बाहर आकर विरोध-प्रदर्शन करने लगा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने होमगार्डाें के डंडे भी हाथ में ले रखे थे। ऐसा तहसील के इतिहास में पहली बार हुआ। इसके बाद तहसील का माहौल एकदम गरमा गया और सभी वकील अपना तख्त छोड़कर एक मंच पर आ गए और एसडीएम और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी।
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इसके बाद अधिवक्ता सभागार में पलिया बार एसोसिएशन पंजीकृत और पलिया बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों की एक बैठक हुई। इसमें दोनों गुटों का विलय कर सर्वसम्मति से अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन किया गया। जिसके श्रीष द्विवेदी अध्यक्ष और रविंद्र शर्मा, रामप्रकाश पाल, जावेद अख्तर, रामचंद्र्र गौतम, जय प्रकाश चौबे, भागीरथ शाक्य, जगदीश चंद्र सोनी, अजीत सिंह, मधुसूदन तिवारी, इंतजार हुसैन, विशाल श्रीवास्तव, अफसर अली, विजय शर्मा, ऐनुफ बेग, दिनेश दीक्षित और रमेश चंद्र्रा सहित 16 सदस्य मनोनीत किए गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने काम बंद कर जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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इस संबंध में पूछने पर एसडीएम शादाब असलम ने बताया कि उनके द्वारा एक आर्डर किया गया था। तहसील के अधिवक्ता उसका विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने जब आज नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया तो उनके स्टाफ ने विरोध किया।