{"_id":"61803a1765529d7996253b4c","slug":"paddy-procurement-picks-up-but-delay-in-payment-may-delay-diwali-lakhimpur-news-bly464836316","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद में तेजी, लेकिन भुगतान में देरी से दिवाली रह सकती है फीकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद में तेजी, लेकिन भुगतान में देरी से दिवाली रह सकती है फीकी
विज्ञापन
बारिश और बाढ़ में बर्बाद हुई फसलों की जांच करते लेखपाल।
किसानों का 18 करोड़ से अधिक का भुगतान छह एजेंसियों पर है बकाया
मार्केटिंग को छोड़कर अन्य क्रय एजेंसियों ने अभी नहीं की भुगतान की शुरुआत
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद के लिए खोले गए क्रय केंद्रों पर तौल तेज हुई है, जिसके साथ ही मंडियों में धान की आवक भी बढ़ी है। बावजूद इसके एक माह बीतने के बाद भी किसानों को भुगतान करने के मामले में क्रय एजेंसियां पीछे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग (मार्केटिंग) ने गिनती के कुछ किसानों को भुगतान किया है, लेकिन पांच क्रय एजेंसियों एफसीआई, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस व मंडी परिषद ने अभी एक भी किसान को भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों का छह क्रय एजेंसियों पर करीब 18 करोड़ से अधिक भुगतान बकाया हो चुका है।
जनपद में सीधे किसानों से धान खरीदने के लिए 150 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर 1436 किसानों से 9340.6830 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। एक अक्तूबर 2021 से क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन एक पखवाड़ा बीतने के बाद धान खरीद में तेजी आई। 21 क्रय केंद्र खोलने वाली एजेंसी मार्केटिंग ने 477 किसानों से धान खरीद की है, जबकि 60 क्रय केंद्र खोलने वाली एजेंसी पीसीएफ ने 336 किसानों से धान खरीद चुकी है। वहीं 47 क्रय केंद्र वाले पीसीयू ने 397 किसानों से धान खरीदा है। यूपीएसएस ने 92 और मंडी परिषद ने 79 किसानों से धान खरीदा है। खरीदे गए धान के एवज में सभी एजेंसियों को 18 करोड़ 12 लाख 12,478 रुपये भुगतान करना है।
अक्तूबर में किसी भी एजेंसी ने किसानों को खरीदे धान का भुगतान नहीं किया, जिससे किसानों में मायूसी छाई है। हालांकि मार्केटिंग के अधिकारी के उनके क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के खाते में भुगतान भेजने की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है, लेकिन सहकारी एजेंसियों ने पीएफएमएस की तकनीकी दिक्कत के चलते अभी तक किसी किसान को भुगतान नहीं किया है। एआर कोआपरेटिव सूर्य नारायण मिश्रा ने बताया कि कुछ एजेंसियों की समस्या दूर हो गई है, जिससे वह जल्द ही भुगतान किसानों के खाते में भेजेंगी।
विज्ञापन
मंडियों में धान की आवक पिछले वर्ष से रही कम
जनपद की मंडियों में धान की आवक अच्छी हो गई है, लेकिन पिछले वर्ष के सापेक्ष कम ही रही है। अक्तूबर 2021 में सभी छह मंडियों लखीमपुर, गोला, पलिया, मोहम्मदी, मैगलगंज, तिकुनिया में कुल 1,37,241 क्विंटल धान की आवक हुई है, जबकि पिछले वर्ष 2020 में 1,71,858 क्विंटल धान की आवक हुई थी। बेमौसम बारिश व बाढ़ के चलते इस बार करीब 34 हजार क्विंटल धान की आवक कम हुई है। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि पलिया, मोहम्मदी और तिकुनिया मंडी में धान की आवक काफी कम हुई है, लेकिन लखीमपुर व गोला मंडी में आवक पिछले वर्ष से कुछ अधिक हुई है।
मार्केटिंग के क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को पीएफएमएस से भुगतान भेजने की शुरुआत हो गई है। अन्य सहकारी एजेंसियों में तकनीकी दिक्कतें होने के चलते किसानों को भुगतान नहीं किया जा सका है। किसानों को जल्द भुगतान करने के लिए सभी एजेंसियों को निर्देश जारी किए गए हैं। - लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
किसानों की बर्बाद फसल का सर्वे शुरू
ममरी। नेपाल से आए हाथियों के झुंड के मोहम्मदी रेंज के जंगल से वापस चले जाने के बाद तहसील गोला और मोहम्मदी के लेखपालों ने किसानों की बर्बाद हुई फसलों का सर्वे शुरू कर दिया है।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर गोला के लेखपाल सतीश प्रकाश ने बिहारीपुर फार्म, मुल्लापुर, रोशन नगर, बाबरपुर आदि गांव निवासी 25 किसानों की सर्वे रिपोर्ट वन विभाग को सौंप दी है जबकि मोहम्मदी तहसील के लेखपाल अब तक प्राप्त हुए 35 प्रार्थना पत्रों के आधार पर सहजनिया, मुकुंडापुर, गुर्जर पुर, इटौवा रायपुर, सुभाष नगर निवासी किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे किया है, जिसके पूरा होने के बाद पीड़ितों को मुआवजा देने के काम शुरू होगा। संवाद
गोविंद शुगर मिल ऐरा ने बकाया गन्ना मूल्य का किया भुगतान
लखीमपुर खीरी। गोविंद शुगर मिल ऐरा ने पिछले पेराई सत्र 2020-21 का बकाया गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान कर दिया है। इससे अब बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा समेत दो सहकारी मिलों बेलरायां व संपूर्णानगर पर किसानों का करीब आठ अरब से ज्यादा गन्ना मूल्य बकाया रह गया है। ऐरा मिल के उपाध्यक्ष (गन्ना) आरएस ढाका ने बताया कि सोमवार को 2604.14 लाख रुपये भुगतान किसानों के खातों में भेजा गया है। इस प्रकार कुल 35830.92 लाख रुपये भुगतान किसानों को किया गया है। अब ऐरा मिल पर किसानों का गन्ना बकाया भुगतान निल हो गया है। संवाद
विज्ञापन
मार्केटिंग को छोड़कर अन्य क्रय एजेंसियों ने अभी नहीं की भुगतान की शुरुआत
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद के लिए खोले गए क्रय केंद्रों पर तौल तेज हुई है, जिसके साथ ही मंडियों में धान की आवक भी बढ़ी है। बावजूद इसके एक माह बीतने के बाद भी किसानों को भुगतान करने के मामले में क्रय एजेंसियां पीछे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग (मार्केटिंग) ने गिनती के कुछ किसानों को भुगतान किया है, लेकिन पांच क्रय एजेंसियों एफसीआई, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस व मंडी परिषद ने अभी एक भी किसान को भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों का छह क्रय एजेंसियों पर करीब 18 करोड़ से अधिक भुगतान बकाया हो चुका है।
जनपद में सीधे किसानों से धान खरीदने के लिए 150 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर 1436 किसानों से 9340.6830 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। एक अक्तूबर 2021 से क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन एक पखवाड़ा बीतने के बाद धान खरीद में तेजी आई। 21 क्रय केंद्र खोलने वाली एजेंसी मार्केटिंग ने 477 किसानों से धान खरीद की है, जबकि 60 क्रय केंद्र खोलने वाली एजेंसी पीसीएफ ने 336 किसानों से धान खरीद चुकी है। वहीं 47 क्रय केंद्र वाले पीसीयू ने 397 किसानों से धान खरीदा है। यूपीएसएस ने 92 और मंडी परिषद ने 79 किसानों से धान खरीदा है। खरीदे गए धान के एवज में सभी एजेंसियों को 18 करोड़ 12 लाख 12,478 रुपये भुगतान करना है।
विज्ञापन
अक्तूबर में किसी भी एजेंसी ने किसानों को खरीदे धान का भुगतान नहीं किया, जिससे किसानों में मायूसी छाई है। हालांकि मार्केटिंग के अधिकारी के उनके क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के खाते में भुगतान भेजने की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है, लेकिन सहकारी एजेंसियों ने पीएफएमएस की तकनीकी दिक्कत के चलते अभी तक किसी किसान को भुगतान नहीं किया है। एआर कोआपरेटिव सूर्य नारायण मिश्रा ने बताया कि कुछ एजेंसियों की समस्या दूर हो गई है, जिससे वह जल्द ही भुगतान किसानों के खाते में भेजेंगी।
विज्ञापन
मंडियों में धान की आवक पिछले वर्ष से रही कम
जनपद की मंडियों में धान की आवक अच्छी हो गई है, लेकिन पिछले वर्ष के सापेक्ष कम ही रही है। अक्तूबर 2021 में सभी छह मंडियों लखीमपुर, गोला, पलिया, मोहम्मदी, मैगलगंज, तिकुनिया में कुल 1,37,241 क्विंटल धान की आवक हुई है, जबकि पिछले वर्ष 2020 में 1,71,858 क्विंटल धान की आवक हुई थी। बेमौसम बारिश व बाढ़ के चलते इस बार करीब 34 हजार क्विंटल धान की आवक कम हुई है। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि पलिया, मोहम्मदी और तिकुनिया मंडी में धान की आवक काफी कम हुई है, लेकिन लखीमपुर व गोला मंडी में आवक पिछले वर्ष से कुछ अधिक हुई है।
मार्केटिंग के क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को पीएफएमएस से भुगतान भेजने की शुरुआत हो गई है। अन्य सहकारी एजेंसियों में तकनीकी दिक्कतें होने के चलते किसानों को भुगतान नहीं किया जा सका है। किसानों को जल्द भुगतान करने के लिए सभी एजेंसियों को निर्देश जारी किए गए हैं। - लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
किसानों की बर्बाद फसल का सर्वे शुरू
ममरी। नेपाल से आए हाथियों के झुंड के मोहम्मदी रेंज के जंगल से वापस चले जाने के बाद तहसील गोला और मोहम्मदी के लेखपालों ने किसानों की बर्बाद हुई फसलों का सर्वे शुरू कर दिया है।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर गोला के लेखपाल सतीश प्रकाश ने बिहारीपुर फार्म, मुल्लापुर, रोशन नगर, बाबरपुर आदि गांव निवासी 25 किसानों की सर्वे रिपोर्ट वन विभाग को सौंप दी है जबकि मोहम्मदी तहसील के लेखपाल अब तक प्राप्त हुए 35 प्रार्थना पत्रों के आधार पर सहजनिया, मुकुंडापुर, गुर्जर पुर, इटौवा रायपुर, सुभाष नगर निवासी किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे किया है, जिसके पूरा होने के बाद पीड़ितों को मुआवजा देने के काम शुरू होगा। संवाद
गोविंद शुगर मिल ऐरा ने बकाया गन्ना मूल्य का किया भुगतान
लखीमपुर खीरी। गोविंद शुगर मिल ऐरा ने पिछले पेराई सत्र 2020-21 का बकाया गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान कर दिया है। इससे अब बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा समेत दो सहकारी मिलों बेलरायां व संपूर्णानगर पर किसानों का करीब आठ अरब से ज्यादा गन्ना मूल्य बकाया रह गया है। ऐरा मिल के उपाध्यक्ष (गन्ना) आरएस ढाका ने बताया कि सोमवार को 2604.14 लाख रुपये भुगतान किसानों के खातों में भेजा गया है। इस प्रकार कुल 35830.92 लाख रुपये भुगतान किसानों को किया गया है। अब ऐरा मिल पर किसानों का गन्ना बकाया भुगतान निल हो गया है। संवाद