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धान खरीद केंद्रों की होगी जांच
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- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी भवन की अनुपलब्धता का देना होगा प्रमाण पत्र, शासन के निर्देश पर डीएम ने जांच कमेटियां गठित कीं
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लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद शुरू होने से पहले प्रस्तावित 114 क्रय केंद्रों की जांच कराई जाएगी। शासन के निर्देश पर डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी हैं।
सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोलने के लिए मानक निर्धारित किए हैं। इसमें सरकारी भवनों में क्रय केंद्र खोलने को प्राथमिकता दी गई है। पिछले वर्षों में कुछ एजेंसियों ने निजी व प्राइवेट स्थानों पर क्रय केंद्र खोले थे। जहां कई प्रकार की गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। इस बार शासन ने धान खरीद शुरू होने से पहले क्रय केंद्रों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस पर डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है। क्रय केंद्र जांच टीम के निशाने पर होंगे। जहां धान की आवक कम रहती है या फिर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि प्रस्तावित धान क्रय केंद्र के क्षेत्र में धान की पैदावार एवं आवक, कर्मचारियों व धान खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता, प्रस्तावित स्थल पर सरकारी भवन की उपलब्धता की जांच की जाएगी। साथ ही निजी और प्राइवेट स्थल में प्रस्तावित होने पर मुख्य मार्ग, आवागमन की सुविधा, भवन किराएदारी की स्थिति एवं धान भंडारण की सुविधा की स्थिति की पड़ताल होगी। साथ ही सरकारी भवन की अनुपलब्धता का प्रमाण पत्र भी देना होगा। औचित्य परीक्षण में स्थानीय दो प्रगतिशील किसानों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोलने के लिए मानक निर्धारित किए हैं। इसमें सरकारी भवनों में क्रय केंद्र खोलने को प्राथमिकता दी गई है। पिछले वर्षों में कुछ एजेंसियों ने निजी व प्राइवेट स्थानों पर क्रय केंद्र खोले थे। जहां कई प्रकार की गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। इस बार शासन ने धान खरीद शुरू होने से पहले क्रय केंद्रों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस पर डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है। क्रय केंद्र जांच टीम के निशाने पर होंगे। जहां धान की आवक कम रहती है या फिर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि प्रस्तावित धान क्रय केंद्र के क्षेत्र में धान की पैदावार एवं आवक, कर्मचारियों व धान खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता, प्रस्तावित स्थल पर सरकारी भवन की उपलब्धता की जांच की जाएगी। साथ ही निजी और प्राइवेट स्थल में प्रस्तावित होने पर मुख्य मार्ग, आवागमन की सुविधा, भवन किराएदारी की स्थिति एवं धान भंडारण की सुविधा की स्थिति की पड़ताल होगी। साथ ही सरकारी भवन की अनुपलब्धता का प्रमाण पत्र भी देना होगा। औचित्य परीक्षण में स्थानीय दो प्रगतिशील किसानों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
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शिकायतों की जांच के लिए कमेटी बनाई
डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने मूल्य समर्थन योजना के तहत तहसील स्तर पर धान खरीद सुचारु रूप से कराने व प्रभावी अनुश्रवण के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की हैं। इसमें क्षेत्रीय विपणन अधिकारी/ विपणन निरीक्षक, एडीसीओ, संबंधित मंडी सचिव, कृषि विभाग के अधिकारी, बांट माप विभाग के अधिकारी, क्रय एजेंसी का एक प्रभारी, एसडीएम द्वारा नामित दो प्रगतिशील किसान सदस्य बनाए गए हैं।
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