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Lakhimpur Kheri News: चारा लाने के लिए केवल नाव का सहारा
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पलिया के मझौरा से इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भरा पानी।
पलियाकलां। बनबसा बैराज से एक लाख 27 हजार क्यूसेक पानी रिलीज होने के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में बरूआ कलां से मवेशियों के लिए चारा लाने वाले ग्रामीणों के सामने केवल नाव ही सहारा बचा है।
बोझवा की ठोकर नंबर एक और जीरो से यह ग्रामीण नाव के सहारे बरूआ कलां के खेतिहर इलाके में जा रहे हैं। मझौरा से इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर रपटा पुल के आगे पानी काफी बढ़ गया है। पहले ग्रामीण नाव पर बाइक, साइकिल आदि रखकर निकल जाते थे, लेकिन पानी बढ़ने के बाद अब नाव भी बंद कर दी गईं हैं।
ऐसे में यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इमलिया फार्म की तरफ से पलिया आने के लिए पहले मनमीतनगर उसके बाद भीरा होते हुए लंबी दूरी का चक्कर काटकर पलिया आना पड़ रहा है। संवाद
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बोझवा की ठोकर नंबर एक और जीरो से यह ग्रामीण नाव के सहारे बरूआ कलां के खेतिहर इलाके में जा रहे हैं। मझौरा से इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर रपटा पुल के आगे पानी काफी बढ़ गया है। पहले ग्रामीण नाव पर बाइक, साइकिल आदि रखकर निकल जाते थे, लेकिन पानी बढ़ने के बाद अब नाव भी बंद कर दी गईं हैं।
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ऐसे में यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इमलिया फार्म की तरफ से पलिया आने के लिए पहले मनमीतनगर उसके बाद भीरा होते हुए लंबी दूरी का चक्कर काटकर पलिया आना पड़ रहा है। संवाद
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