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आईएमए के आह्वान पर बंद रहे जिले के नर्सिंग होम और क्लीनिक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 06 Jun 2017 10:58 PM IST
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बंद
- फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टरों ने एक मैरिज हाल में की बैठक
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन का देखा लाइव प्रसारण
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के नर्सिंग होम और क्लीनिक मंगलवार को बंद रहे। पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर एक मैरिज हाल में बैठक की और दिल्ली के राजघाट में हो रहे प्रदर्शन का सजीव प्रसारण देखा। इसके बाद पदाधिकारियों ने मांग संबंधी ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
शहर के एक मैरिज हाल में हुई बैठक में संस्था के सचिव डॉ एमआर खान ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा विभिन्न मांगो को लेकर मंगलवार को दिल्ली के राजघाट पर प्रदर्शन किया जा रहा है और इसमें शामिल होने के लिए जिले से भी पांच सदस्यीय दल गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। इस दौरान दिल्ली में हो रहे धरना प्रदर्शन का सजीव प्रसारण भी डॉक्टरों ने देखा। इसके बाद डॉक्टरों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा।
इस मौके पर डॉ दिनेश दुआ, डॉ रूचिका अग्रवाल, डॉ रोचक टंडन, डॉ मनोज बरनवाल सहित डेंटल सर्जन, आयुर्वेद-यूनानी संघर्ष समिति के पदाधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे।
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यह हैं मांगे
-केंद्रीय स्तर से चिकित्सकों एवं चिकित्सा संस्थानों पर हिंसा एवं उपद्रव के खिलाफ कड़ा कानून बने। -मेडिकल छात्रों पर नीट के प्रस्ताव को खारिज किया जाए।
-चिकित्सकों एवं प्रतिष्ठानों का पंजीकरण एकल विंडो से किया जाए।
-चिकित्सकों को परचा लिखने की स्वायत्ता अधिकार रहे।
-मार्डन दवाएं लिखने का अधिकार मार्डन चिकित्सकों को दिया जाए।
-हेल्थ सेक्टर का बजट एक से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाए, जिससे मरीजों को आसानी रहे।
-झोलाछाप डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाया जाए।
बंदी को लेकर नर्सिंग होम पर लटके ताले, परेशान हुए मरीज
आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को नर्सिंग होम और क्लीनिक की हड़ताल मरीजों को भारी पड़ गई। इसकी जानकारी न होने के कारण दूर दराज से दवा लेने आए मरीजों को बगैर दवा के ही लौटना पड़ गया। हड़ताल के चलते नर्सिंग होम में डॉक्टरों के कक्ष पर ताले लटते रहे। वहीं कुछ डॉक्टरों ने अपने अस्पताल के गेट पर ही ताला डाल दिया।
नहीं मालूम था कि हड़ताल है
खमरिया के परेवा गांव से अपनी पत्नी रूपा देवी को दिखाने आए राम सागर ने बताया कि निजी नर्सिंग होम में हड़ताल होगी, इसकी जानकारी नहीं थी। यहां आने पर मालूम हुआ कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कल फिर आना होगा।
नाक से खून आने पर लाना पड़ा
कैमहरा क्षेत्र के लोनपुरवा निवासी 70 वर्षीय राम स्वरूप के नाक से खून आने लगा, जिस पर घरवाले उन्हें एक निजी नर्सिंग होम पर लेकर गए, लेकिन डॉक्टर के न मिलने पर लौट गए।
आंख दिखाने आए थे
शारदानगर क्षेत्र के बड़ागांव निवासी नीतू तिवारी पत्नी राजेंद्र तिवारी ने बताया कि आंख में दिक्कत थी और दर्द भी होने लगा। हड़ताल होने की जानकारी भी नहीं थी, अन्यथा नहीं आते। अब तो बगैर दवा के ही लौटना पड़ेगा।
इमरजेंसी में उमड़े मरीज
लखीमपुर खीरी। नर्सिंग होम और क्लीनिक की बंदी होने के कारण मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। मरीजों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए ओपीडी में बैठे डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी में भी मरीजों को देखा गया।
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दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन का देखा लाइव प्रसारण
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के नर्सिंग होम और क्लीनिक मंगलवार को बंद रहे। पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर एक मैरिज हाल में बैठक की और दिल्ली के राजघाट में हो रहे प्रदर्शन का सजीव प्रसारण देखा। इसके बाद पदाधिकारियों ने मांग संबंधी ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
शहर के एक मैरिज हाल में हुई बैठक में संस्था के सचिव डॉ एमआर खान ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा विभिन्न मांगो को लेकर मंगलवार को दिल्ली के राजघाट पर प्रदर्शन किया जा रहा है और इसमें शामिल होने के लिए जिले से भी पांच सदस्यीय दल गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। इस दौरान दिल्ली में हो रहे धरना प्रदर्शन का सजीव प्रसारण भी डॉक्टरों ने देखा। इसके बाद डॉक्टरों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा।
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इस मौके पर डॉ दिनेश दुआ, डॉ रूचिका अग्रवाल, डॉ रोचक टंडन, डॉ मनोज बरनवाल सहित डेंटल सर्जन, आयुर्वेद-यूनानी संघर्ष समिति के पदाधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे।
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यह हैं मांगे
-केंद्रीय स्तर से चिकित्सकों एवं चिकित्सा संस्थानों पर हिंसा एवं उपद्रव के खिलाफ कड़ा कानून बने। -मेडिकल छात्रों पर नीट के प्रस्ताव को खारिज किया जाए।
-चिकित्सकों एवं प्रतिष्ठानों का पंजीकरण एकल विंडो से किया जाए।
-चिकित्सकों को परचा लिखने की स्वायत्ता अधिकार रहे।
-मार्डन दवाएं लिखने का अधिकार मार्डन चिकित्सकों को दिया जाए।
-हेल्थ सेक्टर का बजट एक से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाए, जिससे मरीजों को आसानी रहे।
-झोलाछाप डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाया जाए।
बंदी को लेकर नर्सिंग होम पर लटके ताले, परेशान हुए मरीज
आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को नर्सिंग होम और क्लीनिक की हड़ताल मरीजों को भारी पड़ गई। इसकी जानकारी न होने के कारण दूर दराज से दवा लेने आए मरीजों को बगैर दवा के ही लौटना पड़ गया। हड़ताल के चलते नर्सिंग होम में डॉक्टरों के कक्ष पर ताले लटते रहे। वहीं कुछ डॉक्टरों ने अपने अस्पताल के गेट पर ही ताला डाल दिया।
नहीं मालूम था कि हड़ताल है
खमरिया के परेवा गांव से अपनी पत्नी रूपा देवी को दिखाने आए राम सागर ने बताया कि निजी नर्सिंग होम में हड़ताल होगी, इसकी जानकारी नहीं थी। यहां आने पर मालूम हुआ कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कल फिर आना होगा।
नाक से खून आने पर लाना पड़ा
कैमहरा क्षेत्र के लोनपुरवा निवासी 70 वर्षीय राम स्वरूप के नाक से खून आने लगा, जिस पर घरवाले उन्हें एक निजी नर्सिंग होम पर लेकर गए, लेकिन डॉक्टर के न मिलने पर लौट गए।
आंख दिखाने आए थे
शारदानगर क्षेत्र के बड़ागांव निवासी नीतू तिवारी पत्नी राजेंद्र तिवारी ने बताया कि आंख में दिक्कत थी और दर्द भी होने लगा। हड़ताल होने की जानकारी भी नहीं थी, अन्यथा नहीं आते। अब तो बगैर दवा के ही लौटना पड़ेगा।
इमरजेंसी में उमड़े मरीज
लखीमपुर खीरी। नर्सिंग होम और क्लीनिक की बंदी होने के कारण मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। मरीजों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए ओपीडी में बैठे डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी में भी मरीजों को देखा गया।