फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Number of Bears increasing in Dudhwa Tiger Reserve

Lakhimpur Kheri News: दुधवा टाइगर रिजर्व में बढ़ रहा भालुओं का कुनबा, 10 वर्षों में दोगुनी हुई संख्या

Fri, 26 May 2023 05:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 May 2023 05:59 PM IST
सार

दुधवा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में करीब 150 भालू हैं, जबकि एक दशक पहले तक इनकी संख्या महज 70 थी। बेहतर माहौल मिलने के कारण भालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

विज्ञापन
Number of Bears increasing in Dudhwa Tiger Reserve
दुधवा में भालू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में हिरनों और बाघों के साथ भालुओं की कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है। डीटीआर प्रशासन के मुताबिक, मौजूदा समय में दुधवा टाइगर रिजर्व में करीब 150 भालू हैं, जबकि एक दशक पहले तक इनकी संख्या महज 70  थी। बेहतर माहौल मिलने के कारण भालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

विज्ञापन


तीन दिन पहले भी सोनारीपुर में तीन भालू दिखाई दिए थे। कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार के अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रत्येक हिस्से में सैलानियों को भालू दिख रहे हैं। भालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन की अलग से कार्ययोजना बनाने की मांग उठने लगी है। भालुओं की संख्या बढ़ाने के लिए ग्रासलैंड मैनेजमेंट को और बेहतर बनाया जा रहा है।
विज्ञापन


दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर का कहना है कि शाकाहारी वन्यजीवों के लिए दुधवा एरिया में लगभग 20 प्रजातियों की घास पाईं जाती हैं, जिनको वह बड़े चाव से खाते हैं। इसीलिए डीटीआर प्रशासन ग्रासलैंड पर भी खासा ध्यान दे रहा है। डीटीआर प्रशासन खाद्य शृंखला को और मजबूत बनाने का प्रयास कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2010 से लगातार बढ़ रही भालुओं की आबादी

वर्ष 2010 में भालुओं की संख्या दुधवा टाइगर रिजर्व में करीब 70 थी। वर्ष 2019 में शाकाहारी वन्यजीवों की गणना में दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी में 136 और बफर जोन में पांच भालू पाए गए थे। इस तरह कुल 141 भालू मिले थे। कतर्नियाघाट में एक भी भालू नहीं मिला था। 

वर्ष 2022 में हुई गणना में दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी में 125 और बफर जोन में 10 कुल 135 भालू ही गिनती में आए। 2022 में भी कतर्नियाघाट में एक भी भालू नहीं दिखा। डीटीआर के अधिकारियों का कहना है कि शाकाहारी जीवों की गणना देखकर की जाती है। भालू एक शर्मीला जानवर है। जितने भालू दिखे, उतने दर्ज किए गए। 2020 के बाद से जिस तरह भालुओं की साइटिंग हो रही है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि दुधवा टाइगर रिजर्व में इस समय करीब 150 भालू हैं।

भालुओं को पसंद है शहद 

भालू शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही है। शहद उसे बेहद पसंद है। मुख्य रूप से शाकाहारी होता है भालू घास, फल बीज, जड़, कंद, मशरूम आदि खाता है। भालू दीमक और चीटियां भी बड़े चाव से खाता है। मरे हुए जानवरों का मांस भी खा लेता है। 

भालू अपने पंजों से जमीन खोद कर कीड़ों को निकाल लेता है। एशियन भालू वसंत या सर्दियों के मौसम में प्रजनन करते है। मादा एक साथ दो बच्चों तक को जन्म देती है। गर्भ काल करीब सात माह होता है। यह जंगल में झाड़ियों में छिपकर रहना पसंद करता है।

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में तेजी से भालुओं का कुनबा बढ़ रहा है। मौजूदा समय में दुधवा टाइगर रिजर्व में करीब 150 भालू हैं। दुधवा में इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। घास मैदानों के प्रबंधन में भी भालुओं की खाद्य शृंखला को अधिक मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed