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अब इंदिरा मनोरंजन वन को संवारेगा पर्यटन विभाग
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इंदिरा मनोरंजन पार्क का मुख्य द्वार।
पर्यटन विभाग से सौंदर्यीकरण के लिए 3.25 करोड़ की धनराशि हुई मंजूर
देखरेख और बजट के अभाव में दो दशक से वीरान है यह पिकनिक स्पॉट
लखीमपुर खीरी। शहर के निकट एक मात्र पिकनिक स्पॉट इंदिरा मनोरंजन वन की खूबसूरती निखारने का बीड़ा अब पर्यटन विभाग ने उठाया है। पिछले करीब दो दशक से वीरान पड़े इस पिकनिक स्पॉट के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ 25 लाख रुपया स्वीकृत किए हैं। जल्दी ही यहां पुनरुद्धार का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसमें निर्माण कार्य का ठेका सीएनडीएस को दिया गया है।
लखीमपुर शहर से करीब सात किलोमीटर दूर वर्ष 1987 में इंदिरा मनोरंजन वन की स्थापना की गई थी। तीस हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनाए गए इस मनोरंजन वन में हिरनों के लिए एक बाड़ा बनाया गया था, जिसमें हिरनों को रखा गया। सांप और अजगर के लिए घर बनाए गए। विस्तृत एरिया में फैले पार्क में बच्चों के लिए झूले, बैठने के लिए खूबसूरत शेड और सीमेंटेड सीटें बनाई र्गइं। शांति और सुकून के लिए जंगल पिकनिक के अलावा स्मृति वन, चेतना केंद्र आदि यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे। मनोरंजन वन के बीच से गुजरने वाली एक छोटी नदी पर बना लकड़ी का पुल इस मनोरंजन पार्क की खूबसूरती में चार चांद लगाता था।
कभी इंदिरा मनोरंजन वन शहर के पास का सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट होने के कारण यहां लोगों की भीड़ लगी रहती थी। रविवार और अन्य छुट्टी के दिनों में तो यहां और ज्यादा रौनक रहती थी। बजट के अभाव में देखरेख न होने के कारण धीरे-धीरे यह अपनी खूबसूरती खोता चला गया। झूले टूट गए, पुल टूट गया, शेड और सीटें जर्जर हो गईं। बाढ़ आई तो यहां पले हिरनों को अपने साथ बहा ले गई। बोट पड़ी-पड़ी खराब हो गई। अराजक तत्वों की घुसपैठ के कारण यहां लोगों खासकर महिलाओं का आना सुरक्षित नहीं रह गया। आज हालात यह है कि पार्क पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
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लंबे समय से चली आ रही थी इसके पुनरुद्धार की मांग
इंदिरा मनोरंजन वन के पुनरुद्धार के लिए लंबे अरसे से मांग चल रही थी। वन विभाग ने इसके सौंदर्यीकरण के लिए पांच करोड़ की मांग की थी। आखिरकार पर्यटन विभाग ने इसके पुनरुद्धार का बीड़ा उठाते हुए तीन करोड़ 25 लाख रुपया का बजट मंजूर कर दिया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। इंदिरा मनोरंजन वन के सौंदर्यीकरण का दायित्व कार्यदाई संस्था सीएनडीएस को सौंपा गया है।
सौंदर्यीकरण के तहत होंगे यह काम
इंदिरा मनोरंजन वन के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से पिलर बनाकर तार लगाए जाएंगे। हिरनों का घर फिर से आबाद होगा। बोटिंग पौंड की मरम्मत कराकर उसमें पैडल बोट डाली जाएंगी, लकड़ी के पुल की जगह सीमेंटेड पुल बनेगा। पार्क में में झूले लगाए जाएंगे। बैठने के लिए शेड और सीटों का निर्माण होगा। चारों तरफ कच्चा मार्ग बनाकर नेचर ट्रेल बनेगा। इसके अलावा एक वॉच टावर भी बनाया जाएगा। मुख्य द्वारों के पुनर्निर्माण के अलावा कैंटीन और शौचालयों का भी निर्माण कराया जाएगा। मरम्मत और पुर्ननिर्माण होने के बाद इंदिरा मनोरंजन वन को कार्यदायी सस्था वन विभाग को हैंड ओवर करेगी। इसके बाद देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी वन विभाग संभालेगा।
लखीमपुर के इंदिरा मनोरंजन वन के पुनरुद्घार और सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- अनुपम श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, लखनऊ
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देखरेख और बजट के अभाव में दो दशक से वीरान है यह पिकनिक स्पॉट
लखीमपुर खीरी। शहर के निकट एक मात्र पिकनिक स्पॉट इंदिरा मनोरंजन वन की खूबसूरती निखारने का बीड़ा अब पर्यटन विभाग ने उठाया है। पिछले करीब दो दशक से वीरान पड़े इस पिकनिक स्पॉट के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ 25 लाख रुपया स्वीकृत किए हैं। जल्दी ही यहां पुनरुद्धार का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसमें निर्माण कार्य का ठेका सीएनडीएस को दिया गया है।
लखीमपुर शहर से करीब सात किलोमीटर दूर वर्ष 1987 में इंदिरा मनोरंजन वन की स्थापना की गई थी। तीस हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनाए गए इस मनोरंजन वन में हिरनों के लिए एक बाड़ा बनाया गया था, जिसमें हिरनों को रखा गया। सांप और अजगर के लिए घर बनाए गए। विस्तृत एरिया में फैले पार्क में बच्चों के लिए झूले, बैठने के लिए खूबसूरत शेड और सीमेंटेड सीटें बनाई र्गइं। शांति और सुकून के लिए जंगल पिकनिक के अलावा स्मृति वन, चेतना केंद्र आदि यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे। मनोरंजन वन के बीच से गुजरने वाली एक छोटी नदी पर बना लकड़ी का पुल इस मनोरंजन पार्क की खूबसूरती में चार चांद लगाता था।
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कभी इंदिरा मनोरंजन वन शहर के पास का सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट होने के कारण यहां लोगों की भीड़ लगी रहती थी। रविवार और अन्य छुट्टी के दिनों में तो यहां और ज्यादा रौनक रहती थी। बजट के अभाव में देखरेख न होने के कारण धीरे-धीरे यह अपनी खूबसूरती खोता चला गया। झूले टूट गए, पुल टूट गया, शेड और सीटें जर्जर हो गईं। बाढ़ आई तो यहां पले हिरनों को अपने साथ बहा ले गई। बोट पड़ी-पड़ी खराब हो गई। अराजक तत्वों की घुसपैठ के कारण यहां लोगों खासकर महिलाओं का आना सुरक्षित नहीं रह गया। आज हालात यह है कि पार्क पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
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लंबे समय से चली आ रही थी इसके पुनरुद्धार की मांग
इंदिरा मनोरंजन वन के पुनरुद्धार के लिए लंबे अरसे से मांग चल रही थी। वन विभाग ने इसके सौंदर्यीकरण के लिए पांच करोड़ की मांग की थी। आखिरकार पर्यटन विभाग ने इसके पुनरुद्धार का बीड़ा उठाते हुए तीन करोड़ 25 लाख रुपया का बजट मंजूर कर दिया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। इंदिरा मनोरंजन वन के सौंदर्यीकरण का दायित्व कार्यदाई संस्था सीएनडीएस को सौंपा गया है।
सौंदर्यीकरण के तहत होंगे यह काम
इंदिरा मनोरंजन वन के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से पिलर बनाकर तार लगाए जाएंगे। हिरनों का घर फिर से आबाद होगा। बोटिंग पौंड की मरम्मत कराकर उसमें पैडल बोट डाली जाएंगी, लकड़ी के पुल की जगह सीमेंटेड पुल बनेगा। पार्क में में झूले लगाए जाएंगे। बैठने के लिए शेड और सीटों का निर्माण होगा। चारों तरफ कच्चा मार्ग बनाकर नेचर ट्रेल बनेगा। इसके अलावा एक वॉच टावर भी बनाया जाएगा। मुख्य द्वारों के पुनर्निर्माण के अलावा कैंटीन और शौचालयों का भी निर्माण कराया जाएगा। मरम्मत और पुर्ननिर्माण होने के बाद इंदिरा मनोरंजन वन को कार्यदायी सस्था वन विभाग को हैंड ओवर करेगी। इसके बाद देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी वन विभाग संभालेगा।
लखीमपुर के इंदिरा मनोरंजन वन के पुनरुद्घार और सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- अनुपम श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, लखनऊ