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Lakhimpur Kheri News: अब 40 मिनट की हाेगी क्लास, पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार
Tue, 14 Apr 2026 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:08 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले के 3106 परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक कैलेंडर के तहत अब प्रत्येक कक्षा 40 मिनट की होगी। पहले कक्षाएं 30 मिनट की होती थीं। नई व्यवस्था में कक्षावार और विषयवार समय-सारिणी लागू करते हुए गणित, भाषा और विज्ञान पर विशेष जोर दिया गया है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि पठन-पाठन के लिए नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। शासन के निर्देश पर सभी विद्यालयों को कक्षावार और विषयवार टाइम-टेबल बनाकर शिक्षण कार्य संचालित करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में सभी बीईओ को निर्देशित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 40 मिनट की प्रत्येक कक्षा में शिक्षक पहले पढ़ाए गए पाठ की पुनरावृत्ति भी कराएंगे, जिससे बच्चों के बौद्धिक स्तर में सुधार होगा। प्राथमिक विद्यालयों में भाषा और गणित, जबकि उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय का प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड अनिवार्य रूप से रखा जाएगा। मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
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बीएसए ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार, तय पाठ्यक्रम हर माह पूरा कराया जाएगा, जिससे अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं समय पर कराई जा सकें। स्कूलों में समय सारिणी के अनुपालन की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि पठन-पाठन के लिए नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। शासन के निर्देश पर सभी विद्यालयों को कक्षावार और विषयवार टाइम-टेबल बनाकर शिक्षण कार्य संचालित करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में सभी बीईओ को निर्देशित किया जा चुका है।
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उन्होंने बताया कि 40 मिनट की प्रत्येक कक्षा में शिक्षक पहले पढ़ाए गए पाठ की पुनरावृत्ति भी कराएंगे, जिससे बच्चों के बौद्धिक स्तर में सुधार होगा। प्राथमिक विद्यालयों में भाषा और गणित, जबकि उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय का प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड अनिवार्य रूप से रखा जाएगा। मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
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बीएसए ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार, तय पाठ्यक्रम हर माह पूरा कराया जाएगा, जिससे अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं समय पर कराई जा सकें। स्कूलों में समय सारिणी के अनुपालन की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है।