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अब मंत्र एप से होगी जच्चा-बच्चा की निगरानी
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एप के बारे में जानकारी देते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एप से जोड़कर डिजिटल किए जाएंगे जिला महिला अस्पताल, सीएचसी एवं सभी प्रसव केंद्र
सीएमओ बोले, एप से जुड़ जाने से 212 प्रसव केंद्र की जिला एवं राज्य स्तर से हो सकेगी निगरानी
लखीमपुर खीरी। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मंत्र एप का सहारा लेगा। जिले के सभी 212 प्रसव केंद्र मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जोड़कर डिजिटल किए जाएंगे। इस पर गर्भवती के भर्ती होने का समय, उपचार व प्रसव की स्थिति आदि सूचनाएं संबंधित स्टाफ को अपलोड करनी होंगी। इससे प्रसूता की जिला एवं राज्य स्तर से भी निगरानी हो सकी। एप का उद्देश्य संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता सुधारना है।
सीएमओ कार्यालय सभागार में शुक्रवार को हुई मंत्र एप को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला में सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने कहा कि इससे जिला महिला अस्पताल, सीएचसी एवं सभी प्रसव केंद्र आपस में जुड़ जाएंगे। इससे राज्य और जिले स्तर से जच्चा बच्चा की निगरानी हो सकेगी। इसके लिए जिले के सभी 212 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन कर दिया गया है। इन प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप यानी मंत्र से जोड़ा जा रहा है।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता लल्ला सिंह ने बताया कि इससे इन केंद्रों पर हुए प्रसव, गर्भवती की तत्काल स्थिति, केंद्र पर किए गए इलाज का विवरण अपलोड करना होगा। ऐसे में लापरवाही की स्थिति में होने वाली अनहोननी को भी पकड़ा जा सकेगा।
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एसीएमओ आरसीएच डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि अस्पताल और उपकेंद्र पर तैनात एएनएम, स्टाफ नर्स और नर्स मेंटर को इस एप के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को होने वाली दिक्कत को मंत्र एप पर अपलोड कर जिला महिला अस्पताल भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली समस्याओं को एप पर भरना होगा, जिससे शिशु को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। कार्यशाला में बीपीएम, नर्स मेंटर, लेबर रूम इंचार्ज आदि को प्रशिक्षण दिया गया। एसीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. बीसी पंत, डॉ. आरपी दीक्षित, डीपीएम अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ बोले, एप से जुड़ जाने से 212 प्रसव केंद्र की जिला एवं राज्य स्तर से हो सकेगी निगरानी
लखीमपुर खीरी। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मंत्र एप का सहारा लेगा। जिले के सभी 212 प्रसव केंद्र मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जोड़कर डिजिटल किए जाएंगे। इस पर गर्भवती के भर्ती होने का समय, उपचार व प्रसव की स्थिति आदि सूचनाएं संबंधित स्टाफ को अपलोड करनी होंगी। इससे प्रसूता की जिला एवं राज्य स्तर से भी निगरानी हो सकी। एप का उद्देश्य संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता सुधारना है।
सीएमओ कार्यालय सभागार में शुक्रवार को हुई मंत्र एप को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला में सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने कहा कि इससे जिला महिला अस्पताल, सीएचसी एवं सभी प्रसव केंद्र आपस में जुड़ जाएंगे। इससे राज्य और जिले स्तर से जच्चा बच्चा की निगरानी हो सकेगी। इसके लिए जिले के सभी 212 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन कर दिया गया है। इन प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप यानी मंत्र से जोड़ा जा रहा है।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता लल्ला सिंह ने बताया कि इससे इन केंद्रों पर हुए प्रसव, गर्भवती की तत्काल स्थिति, केंद्र पर किए गए इलाज का विवरण अपलोड करना होगा। ऐसे में लापरवाही की स्थिति में होने वाली अनहोननी को भी पकड़ा जा सकेगा।
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एसीएमओ आरसीएच डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि अस्पताल और उपकेंद्र पर तैनात एएनएम, स्टाफ नर्स और नर्स मेंटर को इस एप के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को होने वाली दिक्कत को मंत्र एप पर अपलोड कर जिला महिला अस्पताल भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली समस्याओं को एप पर भरना होगा, जिससे शिशु को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। कार्यशाला में बीपीएम, नर्स मेंटर, लेबर रूम इंचार्ज आदि को प्रशिक्षण दिया गया। एसीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. बीसी पंत, डॉ. आरपी दीक्षित, डीपीएम अनिल यादव आदि मौजूद रहे।