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Lakhimpur Kheri News: अब मोहम्मदी रेंज बाघ हमले के लिहाज से बनी डेंजर जोन
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ममरी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी, भीरा और बेलरायां रेंज के बाद अब दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी रेंज बाघ हमलों के लिहाज से डेंजर जोन बनती जा रही है। यहां पिछले पांच छह साल के अंदर नौ लोग बाघ हमले में मारे जा चुके हैं। इतने ही लोग बाघ हमले में घायल हुए हैं।
मोहम्मदी रेंज में कठिना नदी का किनारा बाघों के लिए अनुकूल प्राकृतवास है। मोहम्मदी में जंगल का क्षेत्रफल कम है और बाघों की संख्या ज्यादा है। इसलिए अधिकांश बाघ गन्ने के खेतों में रह रहे हैं। खेती किसानी का काम करते हुए अक्सर किसान और मजदूर बाघ हमले का शिकार होते हैं। इससे किसानों की खेती बाड़ी का काम भी चौपट हो रहा है।
ये हुए बाघ के शिकार
1. 12 अप्रैल 2017 को देवीपुर निवासी शर्मा लाल की बाघ के हमले में मौत।
2. 27 अगस्त 2017 को पसियापुर के नारायण लाल की बाघ के हमले में मौत
3.21 अक्टूबर 2017 को अशरफी गंज के लालाराम की बाघ हमले में मौत।
4.19 नवंबर 2017 को महेशपुर के ओमप्रकाश की बाघ के हमले में मौत।
5.18 जून 2018 को सुंदरपुर के बालक राम की बाघ के हमले में मौत।
6.30 दिसंबर 2019 को बुधौली नानकार के लाल बिहारी की बाघ के हमले में मौत
7.19 अक्टूबर 2022 को रामपुर की महिला रीना देवी की बाघ के हमले में मौत
8.29 अक्टूबर 2022 को बाकरगंज के वीरपाल की बाघ के हमले में मौत।
9.12 जुलाई 2023 को लक्ष्मीपुर गांव निवासी बाबूराम(69) की बाघ हमले में मौत
इसके अलावा सुंदरपुर के सुशील कुमार बुधेली के रमेश शर्मा, गंगापुर के गुलशन कुमार, रायपुर के कृपाराम, दुलीपुर के गजराज सहित दर्जनों ग्रामीण बाघ के हमले में घायल हो चुके हैं।
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मोहम्मदी रेंज में कठिना नदी का किनारा बाघों के लिए अनुकूल प्राकृतवास है। मोहम्मदी में जंगल का क्षेत्रफल कम है और बाघों की संख्या ज्यादा है। इसलिए अधिकांश बाघ गन्ने के खेतों में रह रहे हैं। खेती किसानी का काम करते हुए अक्सर किसान और मजदूर बाघ हमले का शिकार होते हैं। इससे किसानों की खेती बाड़ी का काम भी चौपट हो रहा है।
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ये हुए बाघ के शिकार
1. 12 अप्रैल 2017 को देवीपुर निवासी शर्मा लाल की बाघ के हमले में मौत।
2. 27 अगस्त 2017 को पसियापुर के नारायण लाल की बाघ के हमले में मौत
3.21 अक्टूबर 2017 को अशरफी गंज के लालाराम की बाघ हमले में मौत।
4.19 नवंबर 2017 को महेशपुर के ओमप्रकाश की बाघ के हमले में मौत।
5.18 जून 2018 को सुंदरपुर के बालक राम की बाघ के हमले में मौत।
6.30 दिसंबर 2019 को बुधौली नानकार के लाल बिहारी की बाघ के हमले में मौत
7.19 अक्टूबर 2022 को रामपुर की महिला रीना देवी की बाघ के हमले में मौत
8.29 अक्टूबर 2022 को बाकरगंज के वीरपाल की बाघ के हमले में मौत।
9.12 जुलाई 2023 को लक्ष्मीपुर गांव निवासी बाबूराम(69) की बाघ हमले में मौत
इसके अलावा सुंदरपुर के सुशील कुमार बुधेली के रमेश शर्मा, गंगापुर के गुलशन कुमार, रायपुर के कृपाराम, दुलीपुर के गजराज सहित दर्जनों ग्रामीण बाघ के हमले में घायल हो चुके हैं।
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