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अब चौड़े रास्तों से शिव मंदिर तक पहुंचेंगे श्रद्धालु
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गोला का गोकर्णनाथ तीर्थ।
गोला में पौराणिक शिव मंदिर में पूजा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने अव्यवस्थाओं पर जताई थी असंतुष्टि
सीडीओ बोले - रास्ते का चौड़ीकरण व श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखना प्रमुख एजेंडा
गोला गोकर्णनाथ। पौराणिक शिव मंदिर गोला गोकर्णनाथ का स्वरूप आने वाले दिनों में बदला हुआ मिलेगा। शनिवार को शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सीएम योगी ने यहां की अव्यवस्थाओं पर नाखुशी जाहिर की है। इसके बाद कमिश्नर रौशन जैकब ने सीडीओ अनिल सिंह से सुधार के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसके बाद जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
पौराणिक शिव मंदिर के संकरे मार्ग और अतिक्रमण मंदिर परिसर की प्रमुख समस्या है। इसके अलावा गोकर्ण तीर्थ में महीनों भरा रहने वाला स्थिर जल, जल में उतराती गंदगी और समुचित पेयजल प्रबंध न होना भी समस्या है। शिव मंदिर और गोकर्ण तीर्थ परिसर में महादेवा धर्मशाला सहित कई जर्जर इमारतें हैं, जो यहां के सौंदर्य को धब्बा लगाते हैं। वहीं आसपास की ऊंची इमारतों की ओट में पौराणिक शिव मंदिर छिपा रहता है। इन सभी समस्याओं से खासकर सावन के महीने में श्रद्धालुओं को भारी मुसीबतों से गुजरना पड़ता है।
शनिवार को जब सीएम योगी गोला दौरे पर आए तो जारी प्रोटोकॉल से अलग वह शिव मंदिर पहुंच गए थे और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पुजारी से आने-जाने के रास्तों को लेकर चर्चा की थी और उनसे इस संबंध में जानकारी ली थी। दिवंगत विधायक अरविंद गिरि भी छोटी काशी कॉरिडोर के लिए प्रयासरत थे। इसलिए भी इस कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है
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प्रमुख समस्याएं
1- शिव मंदिर के सभी मार्ग संकरे और अतिक्रमण युक्त हैं।
2- अनियोजित दुकानें और गोकर्ण तीर्थ के तट पर पंडों के घाट।
3- समुचित पेयजल और नियमित साफ-सफाई का प्रबंध न होना।
4- शिव मंदिर और गोकर्ण तीर्थ परिसर में घुमंतू पशु बड़ी समस्या।
5- पार्किंग की व्यवस्था न होना भी बड़ी समस्या।
तीर्थ सरोवर में लगेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
लखीमपुर खीरी। सीएम योगी और कमिश्नर रौशन जैकब के दौरे के बाद सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने छोटी काशी कॉरिडोर को लेकर बताया कि प्रस्ताव में मंदिर को जाने वाली सभी सड़कों का चौड़ीकरण और उनके ऊपर लाइटों का लगना, तीर्थ सरोवर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बीच में फौव्वारा के साथ अत्याधुनिक लाइटें लगाना प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये धर्मशाला और शौचालयों को निर्माण, साफ पेयजल की व्यवस्था आदि कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा पर मेन फोकस है। संवाद
कॉरिडोर के सर्वे के दौरान चिह्नित किए गए प्रमुख बिंदु
1- गेट नंबर एक के दक्षिण ओर परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण।
2- गेट नंबर 3 के निकट मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार।
3- पूरे शिव मंदिर और तीर्थ परिसर को आधुनिक लाइटों से सुसज्जित करना।
4- नीलकंठ मैदान से गोकर्ण तीर्थ के मार्ग का चौड़ीकरण।
5- मेला मैदान के सामने मिल डायवर्जन रोड से तीर्थ को आने वाले मार्ग के निकट भूमि का अधिग्रहण।
6- सभी मुख्य मार्गों एवं शिव मंदिर के मुख्य द्वार के मार्ग का चौड़ीकरण एवं अतिक्रमण मुक्त।
7- तीर्थ के दाएं और तट पर बने चेंजिंग रूम और महादेवा धर्मशाला के जर्जर भवन सहित कई अन्य भवनों को हटाकर खुला मैदान करना।
8- स्टेशन रोड से मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग के सामने जिला पंचायत की भूमि को खाली कराना।
9- गोकर्ण तीर्थ के चारों ओर घाटों का निर्माण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण।
10-शिव मंदिर के गेट नंबर चार से निकलकर उत्तर की ओर निजी भूमि का अधिग्रहण।
11-शिव मंदिर के सभी प्रमुख मार्गों के प्रवेश पर तोरण द्वार का निर्माण।
12- शिव मंदिर के निकट सुलभ कांप्लेक्स का उच्चीकरण।
13- यात्रियों के लिए टिन शेड।
14- तीर्थ के मध्य भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति के पास पौराणिक कुएं का जीर्णोद्धार और मूर्ति के कदमों में नंदी जी की मूर्ति स्थापना।
15- शिव मंदिर के मुख्य द्वार मार्ग और गोकर्ण तीर्थ के किनारे से शिव मंदिर तक निर्माण को हटाकर खुला परिसर।
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सीडीओ बोले - रास्ते का चौड़ीकरण व श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखना प्रमुख एजेंडा
गोला गोकर्णनाथ। पौराणिक शिव मंदिर गोला गोकर्णनाथ का स्वरूप आने वाले दिनों में बदला हुआ मिलेगा। शनिवार को शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सीएम योगी ने यहां की अव्यवस्थाओं पर नाखुशी जाहिर की है। इसके बाद कमिश्नर रौशन जैकब ने सीडीओ अनिल सिंह से सुधार के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसके बाद जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
पौराणिक शिव मंदिर के संकरे मार्ग और अतिक्रमण मंदिर परिसर की प्रमुख समस्या है। इसके अलावा गोकर्ण तीर्थ में महीनों भरा रहने वाला स्थिर जल, जल में उतराती गंदगी और समुचित पेयजल प्रबंध न होना भी समस्या है। शिव मंदिर और गोकर्ण तीर्थ परिसर में महादेवा धर्मशाला सहित कई जर्जर इमारतें हैं, जो यहां के सौंदर्य को धब्बा लगाते हैं। वहीं आसपास की ऊंची इमारतों की ओट में पौराणिक शिव मंदिर छिपा रहता है। इन सभी समस्याओं से खासकर सावन के महीने में श्रद्धालुओं को भारी मुसीबतों से गुजरना पड़ता है।
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शनिवार को जब सीएम योगी गोला दौरे पर आए तो जारी प्रोटोकॉल से अलग वह शिव मंदिर पहुंच गए थे और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पुजारी से आने-जाने के रास्तों को लेकर चर्चा की थी और उनसे इस संबंध में जानकारी ली थी। दिवंगत विधायक अरविंद गिरि भी छोटी काशी कॉरिडोर के लिए प्रयासरत थे। इसलिए भी इस कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है
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प्रमुख समस्याएं
1- शिव मंदिर के सभी मार्ग संकरे और अतिक्रमण युक्त हैं।
2- अनियोजित दुकानें और गोकर्ण तीर्थ के तट पर पंडों के घाट।
3- समुचित पेयजल और नियमित साफ-सफाई का प्रबंध न होना।
4- शिव मंदिर और गोकर्ण तीर्थ परिसर में घुमंतू पशु बड़ी समस्या।
5- पार्किंग की व्यवस्था न होना भी बड़ी समस्या।
तीर्थ सरोवर में लगेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
लखीमपुर खीरी। सीएम योगी और कमिश्नर रौशन जैकब के दौरे के बाद सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने छोटी काशी कॉरिडोर को लेकर बताया कि प्रस्ताव में मंदिर को जाने वाली सभी सड़कों का चौड़ीकरण और उनके ऊपर लाइटों का लगना, तीर्थ सरोवर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बीच में फौव्वारा के साथ अत्याधुनिक लाइटें लगाना प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये धर्मशाला और शौचालयों को निर्माण, साफ पेयजल की व्यवस्था आदि कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा पर मेन फोकस है। संवाद
कॉरिडोर के सर्वे के दौरान चिह्नित किए गए प्रमुख बिंदु
1- गेट नंबर एक के दक्षिण ओर परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण।
2- गेट नंबर 3 के निकट मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार।
3- पूरे शिव मंदिर और तीर्थ परिसर को आधुनिक लाइटों से सुसज्जित करना।
4- नीलकंठ मैदान से गोकर्ण तीर्थ के मार्ग का चौड़ीकरण।
5- मेला मैदान के सामने मिल डायवर्जन रोड से तीर्थ को आने वाले मार्ग के निकट भूमि का अधिग्रहण।
6- सभी मुख्य मार्गों एवं शिव मंदिर के मुख्य द्वार के मार्ग का चौड़ीकरण एवं अतिक्रमण मुक्त।
7- तीर्थ के दाएं और तट पर बने चेंजिंग रूम और महादेवा धर्मशाला के जर्जर भवन सहित कई अन्य भवनों को हटाकर खुला मैदान करना।
8- स्टेशन रोड से मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग के सामने जिला पंचायत की भूमि को खाली कराना।
9- गोकर्ण तीर्थ के चारों ओर घाटों का निर्माण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण।
10-शिव मंदिर के गेट नंबर चार से निकलकर उत्तर की ओर निजी भूमि का अधिग्रहण।
11-शिव मंदिर के सभी प्रमुख मार्गों के प्रवेश पर तोरण द्वार का निर्माण।
12- शिव मंदिर के निकट सुलभ कांप्लेक्स का उच्चीकरण।
13- यात्रियों के लिए टिन शेड।
14- तीर्थ के मध्य भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति के पास पौराणिक कुएं का जीर्णोद्धार और मूर्ति के कदमों में नंदी जी की मूर्ति स्थापना।
15- शिव मंदिर के मुख्य द्वार मार्ग और गोकर्ण तीर्थ के किनारे से शिव मंदिर तक निर्माण को हटाकर खुला परिसर।