{"_id":"61ae6168bfc99d725552f2b4","slug":"now-1165-gram-panchayats-will-handle-311-clusters-lakhimpur-news-bly4683347137","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब 311 क्लस्टर संभालेंगे 1165 ग्राम पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब 311 क्लस्टर संभालेंगे 1165 ग्राम पंचायतें
विज्ञापन
village
- फोटो : istock
डीपीआरओ द्वारा भेजा सचिवों की तैनाती का प्रस्ताव शासन ने किया मंजूर
प्रधानों समेत ब्लॉक के अधिकारी इस व्यवस्था का लंबे समय से करते आ रहे हैं विरोध
लखीमपुर खीरी। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बार फिर से क्लस्टर व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस संबंध में डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने 1165 ग्राम पंचायतों को 311 क्लस्टर में विभाजित करते हुए इनमें सचिवों की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे शासन ने मंजूर कर लिया है। जल्द ही क्लस्टर के हिसाब से सचिवों को ग्राम पंचायतों का आवंटन होगा। यहां बता दें कि प्रधानों समेत ब्लॉक के अधिकारी इस व्यवस्था का लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं।
जनपद में 1165 ग्राम पंचायतों को 216 सचिवों को आवंटित किया गया है, जिससे प्रत्येक सचिव के पास पांच से छह ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। इन ग्राम पंचायतों का आवंटन बेतरतीब ढंग से है। जैसे एक ग्राम पंचायत की पड़ोसी ग्राम पंचायत को छोड़कर 10 से 15 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायतें आवंटित की गई हैं। ऐसे में एक ग्राम पंचायत से दूसरी ग्राम पंचायत में पहुंचना सचिवों के लिए परेशानी भरा होता है, वहीं लक्ष्य अनुरूप कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
वहीं अब क्लस्टर व्यवस्था लागू होने पर 10 से 12 हजार की आबादी पर क्लस्टर बनाया जाएगा। इससे एक सचिव को आसपास (आपस में सीमाएं मिलती हुईं) की ग्राम पंचायतें आवंटित की जाएंगी। सचिवों के लिए कामकाज आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
सचिवों के 95 पद रिक्त होने से आवंटन में आएंगी दिक्कतें
पंचायत में कामकाज संभालने वाले सचिवों (ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) के 311 पद स्वीकृत हैं, जिसके आधार पर डीपीआरओ ने 1165 ग्राम पंचायतों के 311 क्लस्टर बनाए हैं। इस हिसाब से प्रत्येक सचिव को एक से चार तक ग्राम पंचायतें मिलतीं, जबकि वर्तमान में 216 सचिव ही कार्यरत हैं। इस हिसाब से 95 सचिव कम हैं, जिससे क्लस्टर के हिसाब से ग्राम पंचायतों के आवंटन में दिक्कतें भी आएंगी। कुछ सचिवों को क्लस्टर से ज्यादा ग्राम पंचायतों का बोझ संभालना पड़ सकता है।
डीपीआरओ ने करीब चार माह पहले भी क्लस्टर व्यवस्था लागू करने की तैयारी थी, लेकिन तब प्रधानों समेत कुछ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विरोध जताया था। अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव होने के कारण नवगठित ग्राम पंचायतों में कामकाज शुरू होने में देरी होने का हवाला देकर प्रधान संगठनों ने विरोध जताया था, जिससे तब क्लस्टर को लागू नहीं किया जा सका था।
ग्राम पंचायतों में क्लस्टर व्यवस्था लागू करने के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृत कर लिया गया है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर क्लस्टर व्यवस्था के हिसाब से ग्राम पंचायतों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ
विज्ञापन
प्रधानों समेत ब्लॉक के अधिकारी इस व्यवस्था का लंबे समय से करते आ रहे हैं विरोध
लखीमपुर खीरी। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बार फिर से क्लस्टर व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस संबंध में डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने 1165 ग्राम पंचायतों को 311 क्लस्टर में विभाजित करते हुए इनमें सचिवों की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे शासन ने मंजूर कर लिया है। जल्द ही क्लस्टर के हिसाब से सचिवों को ग्राम पंचायतों का आवंटन होगा। यहां बता दें कि प्रधानों समेत ब्लॉक के अधिकारी इस व्यवस्था का लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं।
जनपद में 1165 ग्राम पंचायतों को 216 सचिवों को आवंटित किया गया है, जिससे प्रत्येक सचिव के पास पांच से छह ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। इन ग्राम पंचायतों का आवंटन बेतरतीब ढंग से है। जैसे एक ग्राम पंचायत की पड़ोसी ग्राम पंचायत को छोड़कर 10 से 15 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायतें आवंटित की गई हैं। ऐसे में एक ग्राम पंचायत से दूसरी ग्राम पंचायत में पहुंचना सचिवों के लिए परेशानी भरा होता है, वहीं लक्ष्य अनुरूप कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं अब क्लस्टर व्यवस्था लागू होने पर 10 से 12 हजार की आबादी पर क्लस्टर बनाया जाएगा। इससे एक सचिव को आसपास (आपस में सीमाएं मिलती हुईं) की ग्राम पंचायतें आवंटित की जाएंगी। सचिवों के लिए कामकाज आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
सचिवों के 95 पद रिक्त होने से आवंटन में आएंगी दिक्कतें
पंचायत में कामकाज संभालने वाले सचिवों (ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) के 311 पद स्वीकृत हैं, जिसके आधार पर डीपीआरओ ने 1165 ग्राम पंचायतों के 311 क्लस्टर बनाए हैं। इस हिसाब से प्रत्येक सचिव को एक से चार तक ग्राम पंचायतें मिलतीं, जबकि वर्तमान में 216 सचिव ही कार्यरत हैं। इस हिसाब से 95 सचिव कम हैं, जिससे क्लस्टर के हिसाब से ग्राम पंचायतों के आवंटन में दिक्कतें भी आएंगी। कुछ सचिवों को क्लस्टर से ज्यादा ग्राम पंचायतों का बोझ संभालना पड़ सकता है।
डीपीआरओ ने करीब चार माह पहले भी क्लस्टर व्यवस्था लागू करने की तैयारी थी, लेकिन तब प्रधानों समेत कुछ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विरोध जताया था। अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव होने के कारण नवगठित ग्राम पंचायतों में कामकाज शुरू होने में देरी होने का हवाला देकर प्रधान संगठनों ने विरोध जताया था, जिससे तब क्लस्टर को लागू नहीं किया जा सका था।
ग्राम पंचायतों में क्लस्टर व्यवस्था लागू करने के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृत कर लिया गया है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर क्लस्टर व्यवस्था के हिसाब से ग्राम पंचायतों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ