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नोट बदलना हुआ बंद तो कम हो गई बैंकों में भीड़
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:49 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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स्टेट बैंक पहुंचे सीनियर सिटीजन, कैशलेस हुआ डाकघर
धन निकासी और जमा करने वाले लोगों की भी भीड़ कम
प्रचलन से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने पर शनिवार को रोक रहने के कारण शहर के अधिकतर बैंकों से भीड़ छंटती नजर आई। शनिवार को केवल सीनियर सिटीजंस को नोट बदलने की छूट थी। स्टेट बैंक में नोट बदलने के लिए कम संख्या में सीनियर सिटीजंस पहुंचे। धन निकासी के लिए बैंकों में लाइन लगी देखी गईं लेकिन शनिवार को पिछले दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। मुख्य डाकघर में कैश न होने की बात कहकर नोट नहीं बदले गए।
भारतीय स्टेट बैंक में शनिवार को भी भीड़ रही, लेकिन रोजाना से काफी कम। यहां सीनियर सिटीजन ने नोट भी बदले। वहीं इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक, यूनाइटेड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, केनरा बैंक, ओरिंयटल बैंक आफ कामर्स में काफी कम भीड़ नजर आई।
डाकघर में कैश न होने से नहीं बदले गए नोट
प्रधान डाकघर में शनिवार को सन्नाटा नजर आया। कैश न होने के कारण यहां पांच सौ और हजार रुपये के नोट नहीं बदले जा सके। खातों से धन की निकासी लगातार जारी रही। अधिकतम 24 हजार रुपये तक की धनराशि खातों से निकाली गई। खातों में प्रचलन से बाहर हुए नोट जमा करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन कैश की कमी होने से शनिवार को डाककर्मी सुकून में नजर आए।
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इलाहाबाद बैंक में लेन-देन को रही भीड़
इलाहाबाद बैंक में 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए बहुत संख्या में सीनियर सिटीजन पहुंचे। यहां खातों में 500 और 1000 रुपये के नोट खाते में जमा करने और खाते से धन निकासी करने वाले लोगों की कतारें लगी रहीं लेकिन शनिवार को यहां भीड़ काफी कम रही। इसके बावजूद लोगों को धन निकासी करने और जमा करने वाले लोगों को काफी देर इंतजार करना पड़ा।
एचडीएफसी में न कतार न भीड़भाड़
एचडीएफसी बैंक में शनिवार को न तो काउंटरों पर कतारें न भीड़। नोट बदलने का काम बंद रहा। खातों में आसानी से लोगों ने पैसा जमा किया और निकाला भी। बैंक के बाहर लगे एटीएम पर लंबी कतार लगी रही। दोपहर 12 बजे जितने समय में कैश लोड किया गया। उतने समय में कतार दो गुनी हो गई। पैसा निकालने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इससे लोग परेशान हुए।
शादी के लिए जरूरत: नहीं निकल पाया पैसा
दोपहर करीब एक बजे पंजाब नेशनल बैंक में भी अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ काफी कम थी। शहर के मोहल्ला कपूरथला निवासी घनश्याम अपने पुत्र की शादी का कार्ड लेकर काउंटरों पर चक्कर लगा रहे थे। घनश्याम ने बताया कि 22 नवंबर को उनके बेटे संजीव की बारात कानपुर जानी है, लेकिन पैसे न होने के कारण कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। बैंक आए थे और सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है लेकिन शाखा प्रबंधक बता रहे है कि कंप्यूटर 24 हजार रुपये से ज्यादा रकम नहीं ले रहा है।
एसबीआई ने प्रतिदिन 65 लाख किए एक्सचेंज
लखीमपुर खीरी। नोटबंदी के बाद नौ से 18 नवंबर तक रुपये एक्सचेंज करने के लिए एसबीआई की ब्रांच में सबसे ज्यादा लंबी लाइनें देखी गईं, जहां शनिवार को एक्सचेंज करने सिर्फ वरिष्ठ नागरिक ही पहुंचे। इसके अलावा जमा और निकासी करने वाले ग्राहकों की भीड़ रही। मुख्य प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्या ने बताया कि भीड़ काफी ज्यादा होने के बावजूद कर्मचारियों ने मेहनत और पूरी लगन से काम करते हुए प्रतिदिन 65 लाख रुपये एक्सचेंज किए हैं। अनुमान है कि 10 दिनों में सिर्फ एक्सचेंज प्रक्रिया के तहत साढ़े छह करोड़ से अधिक पुराने नोट जमा किए गए।
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धन निकासी और जमा करने वाले लोगों की भी भीड़ कम
प्रचलन से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने पर शनिवार को रोक रहने के कारण शहर के अधिकतर बैंकों से भीड़ छंटती नजर आई। शनिवार को केवल सीनियर सिटीजंस को नोट बदलने की छूट थी। स्टेट बैंक में नोट बदलने के लिए कम संख्या में सीनियर सिटीजंस पहुंचे। धन निकासी के लिए बैंकों में लाइन लगी देखी गईं लेकिन शनिवार को पिछले दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। मुख्य डाकघर में कैश न होने की बात कहकर नोट नहीं बदले गए।
भारतीय स्टेट बैंक में शनिवार को भी भीड़ रही, लेकिन रोजाना से काफी कम। यहां सीनियर सिटीजन ने नोट भी बदले। वहीं इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक, यूनाइटेड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, केनरा बैंक, ओरिंयटल बैंक आफ कामर्स में काफी कम भीड़ नजर आई।
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डाकघर में कैश न होने से नहीं बदले गए नोट
प्रधान डाकघर में शनिवार को सन्नाटा नजर आया। कैश न होने के कारण यहां पांच सौ और हजार रुपये के नोट नहीं बदले जा सके। खातों से धन की निकासी लगातार जारी रही। अधिकतम 24 हजार रुपये तक की धनराशि खातों से निकाली गई। खातों में प्रचलन से बाहर हुए नोट जमा करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन कैश की कमी होने से शनिवार को डाककर्मी सुकून में नजर आए।
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इलाहाबाद बैंक में लेन-देन को रही भीड़
इलाहाबाद बैंक में 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए बहुत संख्या में सीनियर सिटीजन पहुंचे। यहां खातों में 500 और 1000 रुपये के नोट खाते में जमा करने और खाते से धन निकासी करने वाले लोगों की कतारें लगी रहीं लेकिन शनिवार को यहां भीड़ काफी कम रही। इसके बावजूद लोगों को धन निकासी करने और जमा करने वाले लोगों को काफी देर इंतजार करना पड़ा।
एचडीएफसी में न कतार न भीड़भाड़
एचडीएफसी बैंक में शनिवार को न तो काउंटरों पर कतारें न भीड़। नोट बदलने का काम बंद रहा। खातों में आसानी से लोगों ने पैसा जमा किया और निकाला भी। बैंक के बाहर लगे एटीएम पर लंबी कतार लगी रही। दोपहर 12 बजे जितने समय में कैश लोड किया गया। उतने समय में कतार दो गुनी हो गई। पैसा निकालने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इससे लोग परेशान हुए।
शादी के लिए जरूरत: नहीं निकल पाया पैसा
दोपहर करीब एक बजे पंजाब नेशनल बैंक में भी अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ काफी कम थी। शहर के मोहल्ला कपूरथला निवासी घनश्याम अपने पुत्र की शादी का कार्ड लेकर काउंटरों पर चक्कर लगा रहे थे। घनश्याम ने बताया कि 22 नवंबर को उनके बेटे संजीव की बारात कानपुर जानी है, लेकिन पैसे न होने के कारण कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। बैंक आए थे और सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है लेकिन शाखा प्रबंधक बता रहे है कि कंप्यूटर 24 हजार रुपये से ज्यादा रकम नहीं ले रहा है।
एसबीआई ने प्रतिदिन 65 लाख किए एक्सचेंज
लखीमपुर खीरी। नोटबंदी के बाद नौ से 18 नवंबर तक रुपये एक्सचेंज करने के लिए एसबीआई की ब्रांच में सबसे ज्यादा लंबी लाइनें देखी गईं, जहां शनिवार को एक्सचेंज करने सिर्फ वरिष्ठ नागरिक ही पहुंचे। इसके अलावा जमा और निकासी करने वाले ग्राहकों की भीड़ रही। मुख्य प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्या ने बताया कि भीड़ काफी ज्यादा होने के बावजूद कर्मचारियों ने मेहनत और पूरी लगन से काम करते हुए प्रतिदिन 65 लाख रुपये एक्सचेंज किए हैं। अनुमान है कि 10 दिनों में सिर्फ एक्सचेंज प्रक्रिया के तहत साढ़े छह करोड़ से अधिक पुराने नोट जमा किए गए।