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यूनिक कोड के बगैर नहीं चल पाएंगे किसानों के सट्टे
पलियाकलां
Updated Fri, 05 Jun 2015 06:57 PM IST
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अब यूनिक कोड के बिना किसानों के सट्टे सहकारी गन्ना विकास समिति में संचालित नहीं हो पाएंगे। यूनिक कोड पाने के लिए किसानों को समिति के केंद्रीय सदस्यता रजिस्टर में सदस्यता दर्ज करानी होगी। समिति ने किसानों को जागरूक करने, उनके नाम रजिस्टर में दर्ज कराने का जिम्मा पर्यवेक्षकों को सौंपा है।
पर्यवेक्षकों को जारी पत्र में सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव वीपी श्रीवास्तव ने कहा है कि गन्ना आयुक्त के निर्देश के मुताबिक वैधानिक सदस्यों को यूनिक कोड आवंटित किए गए हैं लेकिन इसके बाद भी तमाम किसानों के नाम यूनिक कोड दर्ज नहीं हो पाया है। ऐसा उनके समिति की केंद्रीय सदस्यता रजिस्टर में सदस्यता अंकित न होने के कारण हुआ है। उन्होंने पत्र में कहा कि पेराई सत्र 2015-16 में उन्हीं किसानों के सट्टे संचालित होंगे जिनके नाम समिति के केंद्रीय रजिस्टर मे दर्ज हो गए हों और उन्हें इसके बाद यूनिक कोड मिल गया हो। चीनी मिल से मिली सूची के मुताबिक तमाम किसान ऐसे हैं जो गन्ना आपूर्ति तो कर रहे हैं लेकिन उनके नाम समिति के केंद्रीय रजिस्टर में दर्ज न होने के कारण यूनिक कोड जारी नहीं हो सका है। कहा गया है कि गन्ना पर्यवेक्षक किसानों को यह जानकारी दें और किसान एक सप्ताह के भीतर पर्यवेक्षकों को अभिलेख दें ताकि पेराई सत्र 2015-16 के लिए इन किसानों को यूनिक कोड आवंटित हो सके और उनके सट्टे संचालित हों।
देने होंगे यह अभिलेख
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नवीन सट्टों का भी कार्य शुरू
सचिव श्रीवास्तव के मुताबिक पेराई सत्र 2015-16 में नवीन सटटों के लिए भी कार्य शुरू कर दिया गया है। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं वे सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
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पर्यवेक्षकों को जारी पत्र में सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव वीपी श्रीवास्तव ने कहा है कि गन्ना आयुक्त के निर्देश के मुताबिक वैधानिक सदस्यों को यूनिक कोड आवंटित किए गए हैं लेकिन इसके बाद भी तमाम किसानों के नाम यूनिक कोड दर्ज नहीं हो पाया है। ऐसा उनके समिति की केंद्रीय सदस्यता रजिस्टर में सदस्यता अंकित न होने के कारण हुआ है। उन्होंने पत्र में कहा कि पेराई सत्र 2015-16 में उन्हीं किसानों के सट्टे संचालित होंगे जिनके नाम समिति के केंद्रीय रजिस्टर मे दर्ज हो गए हों और उन्हें इसके बाद यूनिक कोड मिल गया हो। चीनी मिल से मिली सूची के मुताबिक तमाम किसान ऐसे हैं जो गन्ना आपूर्ति तो कर रहे हैं लेकिन उनके नाम समिति के केंद्रीय रजिस्टर में दर्ज न होने के कारण यूनिक कोड जारी नहीं हो सका है। कहा गया है कि गन्ना पर्यवेक्षक किसानों को यह जानकारी दें और किसान एक सप्ताह के भीतर पर्यवेक्षकों को अभिलेख दें ताकि पेराई सत्र 2015-16 के लिए इन किसानों को यूनिक कोड आवंटित हो सके और उनके सट्टे संचालित हों।
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सचिव श्रीवास्तव के मुताबिक पेराई सत्र 2015-16 में नवीन सटटों के लिए भी कार्य शुरू कर दिया गया है। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं वे सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
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