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Lakhimpur Kheri News: निघासन और सिंगाही को शहरी विद्युत आपूर्ति से जोड़ा जाए
Wed, 18 Jun 2025 12:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:18 AM IST
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खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा को ज्ञापन देते व्यापारी, कस्बा वासी। संवाद
- फोटो : संवाद
निघासन। निघासन व सिंगाही कस्बे को ग्रामीण नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति श्रेणी में शामिल किया जाए। व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगरवासियों के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
नगरवासियों ने बताया कि वर्ष 2013 में शिलान्यास हुआ 33/11 केवी का विद्युत उपकेंद्र पहले शहरी क्षेत्र के तहत आता था, जिससे 21.30 घंटे तक आपूर्ति मिलती थी। बाद में एक मई, 2025 को इस उपकेंद्र को ग्रामीण श्रेणी में दर्ज कर दिया गया, जिससे अब मात्र 16 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इतना ही नहीं कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती कर दी गई, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निघासन तहसील में सिविल कोर्ट, तहसील कार्यालय, सीएचसी, बीडीओ कार्यालय, सीओ कार्यालय और नगर पंचायत जैसे महत्वपूर्ण संस्थान संचालित हैं, जहां विद्युत आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। मांग की गई कि निघासन व सिंगाही को पुनः शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में शामिल किया जाए और हटाए गए कर्मचारियों की बहाली की जाए। इधर, सांसद उत्कर्ष वर्मा ने भरोसा दिलाया कि इस विषय को वे ऊर्जा मंत्री के समक्ष बात रखी जाएगी।
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नगरवासियों ने बताया कि वर्ष 2013 में शिलान्यास हुआ 33/11 केवी का विद्युत उपकेंद्र पहले शहरी क्षेत्र के तहत आता था, जिससे 21.30 घंटे तक आपूर्ति मिलती थी। बाद में एक मई, 2025 को इस उपकेंद्र को ग्रामीण श्रेणी में दर्ज कर दिया गया, जिससे अब मात्र 16 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। इतना ही नहीं कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती कर दी गई, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निघासन तहसील में सिविल कोर्ट, तहसील कार्यालय, सीएचसी, बीडीओ कार्यालय, सीओ कार्यालय और नगर पंचायत जैसे महत्वपूर्ण संस्थान संचालित हैं, जहां विद्युत आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। मांग की गई कि निघासन व सिंगाही को पुनः शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में शामिल किया जाए और हटाए गए कर्मचारियों की बहाली की जाए। इधर, सांसद उत्कर्ष वर्मा ने भरोसा दिलाया कि इस विषय को वे ऊर्जा मंत्री के समक्ष बात रखी जाएगी।
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