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संपत्ति के विवाद में भतीजे की हत्या का मामलाःसंपत्ति के लिए आएदिन झगड़ता था, अबकी मार डाला

Sat, 19 Sep 2020 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:10 AM IST
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nephew killed by uncle
गोला पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी चाचा। - फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। अमन की हत्या के मामले में परिवार वालों का कहना है कि सौतेला चाचा कुलदीप बाजपेई आए दिन संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद करता था। गुरुवार की शाम को भी उसने अपने पिता से संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद किया था। बाद में उसने अमन की जान लेली। यहां बता दें विजयी वाजपेई की तीन सन्तानों में अमन सबसे बड़ा था, उसकी मौत से परिवार वालों का रोरोकर बुरा हाल है।
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मोहल्ला लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी विधि छात्र अमन बाजपेई परिवार की शान और बड़ा ही होनहार था। जिसने भी उसकी हत्या की बात सुनी सन्न रह गया।
लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी रामराखन बाजपेई नगर के संभ्रांत लोगों में से एक हैं। वह केन ग्रोवर्स नेहरू पीजी कॉलेज के प्रबंधक और बजाज चीनी मिल में कई बार डायरेक्टर रहे हैं। उनकी पहली पत्नी से चार पुत्र विजय कुमार, कृष्ण कुमार, पवन और रिंकू थे, जिनमें से रिंकू की 15 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। रामराखन बाजपेई वर्तमान में अपनी पहली पत्नी और तीनों पुत्रों के साथ अपने पुराने मकान में रहते हैं। इनकी दूसरी पत्नी सेवानिवृत्त शिक्षिका से दो पुत्र संदीप और कुलदीप बाजपेई हैं। बड़े पुत्र संदीप बाजपेई ने 10 वर्ष पूर्व गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दूसरी पत्नी का परिवार चंद कदमों की दूरी पर अलग मकान में रहता है।
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लॉकडाउन पर घर आया था अमन
रोते बिलखते पिता विजय बाजपेई ने बताया कि अमन लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था, जो लखनऊ में ही रहता था। लॉकडाउन होने पर वह घर पर आया था। एक-दो दिन में पुन: लखनऊ जाना था। पिता विजय बाजपेई ने उसे दो एक दिन और रुकने के लिए कहा। उन्हें क्या पता था कि इन्हीं एक-दो दिन के अंदर उनका लाडला बेटा उन्हें छोड़कर चला जाएगा।
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बाबा रामराखन बाजपेई अपने लाडले पोते अमन की मौत पर किसी को भी देखते ही फफक कर रोने लगते हैं। उनका कहना है कि अमन को गंवारा नहीं था कि कोई भी उसके बाबा को कुछ कह दे।
हत्यारोपी ने रिपोर्ट दर्ज कराकर की पेशबंदी
आरोपी सौतेला चाचा शातिर दिमाग है, उसने घटना को अंजाम देने से पहले मृतक अमन और उसके पिता विजय कुमार पर कोतवाली में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ताकि वह घटना को अंजाम देने पर अपनी पेशबंदी कर सके।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट में झोल
कोतवाली पुलिस ने आरोपी कुलदीप बाजपेई की तहरीर पर मृतक अमन और उसके पिता विजय बाजपेई पर गुरुवार की रात 11:25 पर रिपोर्ट पंजीकृत की है, जबकि विजय कुमार ने दर्ज कराई हत्या की एफआईआर में घटना का समय 11:40 दर्शाया है। हत्यारोपी चाचा द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट और घटना को अंजाम देने में महज 15 मिनट का अंतर है, जबकि अमन के पिता की तहरीर पर 18 सितंबर की सुबह 3:29 पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रात भर सीएचसी में पड़ा रहा मृतक का शव
घटना के बाद बदहवास पिता विजय कुमार बाजपेई और भाई बाइक पर गंभीर हालत में अमन को लेकर सीएचसी गए। जहां इलाज शुरू भी नहीं हो पाया कि अमन ने दम तोड़ दिया। अमन की मृत्यु होने के बाद पुलिस की असंवेदनशीलता भी देखने को मिली। मृतक का परिवार पूरी रात सीएचसी में रोता बिलखता रहा। सुबह चार बजे जब परिवार वाले अपना वाहन लेकर आए तो शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने भेजा।
नानक चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई घटना
गुरुवार की रात के सन्नाटे को चीरती हुई गोली की आवाज के साथ अमन की मौत की घटना से आसपास के लोगों की नींद टूट गई लेकिन चंद कदमों की दूरी पर नानक चौकी पुलिस के कानों तक फायर की आवाज नहीं पहुंची। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न उठना लाजमी है।
हत्यारोपी कुलदीप स्वयं को बताता था भाजपा किसान मोर्चा का जिला मंत्री
भतीजे का हत्यारोपी कुलदीप बाजपेई स्वयं को भाजपा किसान मोर्चा का जिलामंत्री बताकर रौब झाड़ता था। उसने गुरुवार की रात मृतक और उसके पिता के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में स्वयं को बाकायदा भाजपा किसान मोर्चा का जिलामंत्री बताया है।
नशेड़ी किस्म का है हत्यारोपी
मृतक परिवार का कहना है कि कुलदीप बहुत झगड़ालू और नशेड़ी प्रवृत्ति का है, जिससे परिवार वाले ही नहीं मोहल्ले के लोग भी कोई वास्ता नहीं रखते थे, जो आए दिन झगड़ा फसाद करता था।
पुलिस चौकी से चंद कदम दूर खड़ी मिली बाइक
कुलदीप बाजपेयी की बाइक कोतवाली से चंद कदम दूर पूरी रात भर खड़ी रही। इसके पीछे भी किसी अन्य साथी का दिमाग होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस सुबह चहल पहल होने पर बाइक को कोतवाली उठाकर लाई।

मृतक के परिवार को दी सांत्वना
भाजपा पलिया विधायक रोमी साहनी, पूर्व विधायक विनय तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रिंकू शुक्ला, ईश्वरदीन वर्मा आदि जनप्रतिनिधियों ने मृतक परिवार को सांत्वना दी।
हत्यारोपी से भाजपा किसान मोर्चा का कोई वास्ता नहीं है, वह कभी भी मोर्चा का पदाधिकारी नहीं रहा। ऐसे अपराधी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
-अनूप शुक्ला, जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा, लखीमपुर

लखीमपुर रोड पर खड़ी हत्यारोपी की बाइक।

लखीमपुर रोड पर खड़ी हत्यारोपी की बाइक।- फोटो : LAKHIMPUR

 

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