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Lakhimpur Kheri News: दस अक्टूबर को अष्टमी का रखा जाएगा नवरात्र व्रत
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आचार्य प्रमोद दीक्षित। संवाद
फरधान। शारदीय नवरात्र में सप्तमी और अष्टमी को लेकर कुछ संशय है। इसको लेकर आचार्य प्रमोद दीक्षित ने प्रेसनोट जारी कर श्रद्धालुओं की शंका का समाधान किया है।
देवकली आश्रम के आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया नौ अक्टूबर को सुबह 7:36 बजे से 10 अक्टूबर सुबह 7:29 बजे तक सप्तमी तिथि है। इसलिए बुधवार को सप्तमी तिथि होगी अर्थात कालरात्रि का पूजन किया जाएगा। दस अक्टूबर बृहस्पतिवार को अष्टमी का व्रत होगा, जो श्रद्धालु नवरात्र के प्रथम दिन एवं अंतिम दिन का व्रत रखते हैं वह इसी दिन तक व्रत में रहेंगे।
दस अक्टूबर सुबह 7:29 बजे से 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे तक अष्टमी तिथि है, जो लोग पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं वे 11 अक्टूबर तक व्रत रखेंगे। 12 अक्टूबर की सुबह 11:00 बजे के पहले तक पारण कर सकते हैं, जो लोग अष्टमी का हवन करते हैं और कन्या भोज करवाते हैं, वो 10 अक्तूबर को प्रातः 07:30 बजे के बाद पूरा दिन, पूरी रात्रि कभी भी हवन कर सकते हैं। संवाद
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नवरात्र में नौ दिन का व्रत रखने वाले व्रत का पारणा 12 अक्टूबर को दशमी तिथि में होगा तथा कुछ लोग जो नवमी में ही पारण करते है वो 11 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक देवी हवन तथा कन्या भोज करवाने के पश्चात पारण कर सकते है।
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देवकली आश्रम के आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया नौ अक्टूबर को सुबह 7:36 बजे से 10 अक्टूबर सुबह 7:29 बजे तक सप्तमी तिथि है। इसलिए बुधवार को सप्तमी तिथि होगी अर्थात कालरात्रि का पूजन किया जाएगा। दस अक्टूबर बृहस्पतिवार को अष्टमी का व्रत होगा, जो श्रद्धालु नवरात्र के प्रथम दिन एवं अंतिम दिन का व्रत रखते हैं वह इसी दिन तक व्रत में रहेंगे।
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दस अक्टूबर सुबह 7:29 बजे से 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे तक अष्टमी तिथि है, जो लोग पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं वे 11 अक्टूबर तक व्रत रखेंगे। 12 अक्टूबर की सुबह 11:00 बजे के पहले तक पारण कर सकते हैं, जो लोग अष्टमी का हवन करते हैं और कन्या भोज करवाते हैं, वो 10 अक्तूबर को प्रातः 07:30 बजे के बाद पूरा दिन, पूरी रात्रि कभी भी हवन कर सकते हैं। संवाद
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नवरात्र में नौ दिन का व्रत रखने वाले व्रत का पारणा 12 अक्टूबर को दशमी तिथि में होगा तथा कुछ लोग जो नवमी में ही पारण करते है वो 11 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक देवी हवन तथा कन्या भोज करवाने के पश्चात पारण कर सकते है।