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घास काटने गए मां-बेटे की करंट लगने से मौत
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मां-बेटे की मौत के बाद घटना स्थल पर मौजूद लोग।
आवारा पशुओं से बचाव के लिए खेत मालिक ने कंटीले तार में दौड़ा रखा था करंट
महेवागंज/सुंदरवल। पशुओं के लिए घास काटने गए मां और बेटे की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना से परिवार में मातम पसरा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कस्बा सुंदरवल निवासी 50 वर्षीय सुनीता पत्नी छैलबिहारी कश्यप अपने मंझले बेटे 18 वर्षीय अर्पित कश्यप के साथ रविवार की सुबह चारा काटने खेतों की तरफ गए थे। दोपहर तक जब दोनों घर नहीं आए तो परिजन को चिंता हुई। घर और पड़ोसी तलाश करते हुए खेतों की ओर गए। खोजबीन के दौरान शाम छह बजे चौराहे के निकट एक राइस मिल के पास लोगों को खेत में कुछ पड़ा नजर आया। खेत में जाने के प्रयास में चारों ओर लगे कंटीले तार छूते ही कुछ लोगों को करंट के झटके लगे। इससे परिजन पीछे हट गए। बिजली विभाग को सूचना देकर लाइन कटवाई। खेत में जाकर देखा तो मां और बेटे के शव पड़े थे। पास ही एचटी लाइन का पोल लगा होने से करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मृतक के परिजन ने अभी तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
फूलबेहड़ थाना के प्रभारी निरीक्षक बलवंत शाही ने बताया कि घास काटने गए मां और बेटे की कंटीले तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत होने की आशंका है। परिजन की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानलेवा साबित हो रही खेतों में लगी बाड़
महेवागंज। फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए खेतों में तार की बाड़ लगाना एक चलन सा हो गया है। यही चलन मवेशियों और लोगों की जिंदगी पर अब भारी पड़ने लगा है। हाल ही में फूलबेहड़ क्षेत्र में दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
29 जून को दाउद पुर गांव निवासी रियाज और 21 अगस्त को तेंदुआ गांव में सोहन की कंटीले तारों में फंसकर मौत अभी लोग भूल नहीं थे कि रविवार को मां और बेटे की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। शव देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। जवान बेटे और पत्नी की मौत की खबर सुन पिता बेसुध होकर गिर गया। बाहर वालों ने किसी तरह उनको संभाला, तो बड़ा बेटा अमित चीखे मारता हुआ बेहोश हो गया।
मृतक सुनीता के चार बच्चे थे, जिनमे दो बेटे व दो बेटियां थी। चारों भाई बहनों में मृतक अर्पित सबसे छोटा था। एक भाई और एक बहन की शादी हो चुकी है। बूढ़े हो चुके पिता के दोनों बेटे उनके साथ थे। बताते हैं कि मृतक होटल पर मजदूरी करता था। मजदूरी से घर चलता था। जमीन भी नाम मात्र की नहीं है। अचानक मां और बेटे की मौत से परिजन के आंसू नहीं थम रहे हैं। संवाद
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महेवागंज/सुंदरवल। पशुओं के लिए घास काटने गए मां और बेटे की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना से परिवार में मातम पसरा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कस्बा सुंदरवल निवासी 50 वर्षीय सुनीता पत्नी छैलबिहारी कश्यप अपने मंझले बेटे 18 वर्षीय अर्पित कश्यप के साथ रविवार की सुबह चारा काटने खेतों की तरफ गए थे। दोपहर तक जब दोनों घर नहीं आए तो परिजन को चिंता हुई। घर और पड़ोसी तलाश करते हुए खेतों की ओर गए। खोजबीन के दौरान शाम छह बजे चौराहे के निकट एक राइस मिल के पास लोगों को खेत में कुछ पड़ा नजर आया। खेत में जाने के प्रयास में चारों ओर लगे कंटीले तार छूते ही कुछ लोगों को करंट के झटके लगे। इससे परिजन पीछे हट गए। बिजली विभाग को सूचना देकर लाइन कटवाई। खेत में जाकर देखा तो मां और बेटे के शव पड़े थे। पास ही एचटी लाइन का पोल लगा होने से करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मृतक के परिजन ने अभी तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
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फूलबेहड़ थाना के प्रभारी निरीक्षक बलवंत शाही ने बताया कि घास काटने गए मां और बेटे की कंटीले तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत होने की आशंका है। परिजन की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानलेवा साबित हो रही खेतों में लगी बाड़
महेवागंज। फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए खेतों में तार की बाड़ लगाना एक चलन सा हो गया है। यही चलन मवेशियों और लोगों की जिंदगी पर अब भारी पड़ने लगा है। हाल ही में फूलबेहड़ क्षेत्र में दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
29 जून को दाउद पुर गांव निवासी रियाज और 21 अगस्त को तेंदुआ गांव में सोहन की कंटीले तारों में फंसकर मौत अभी लोग भूल नहीं थे कि रविवार को मां और बेटे की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। शव देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। जवान बेटे और पत्नी की मौत की खबर सुन पिता बेसुध होकर गिर गया। बाहर वालों ने किसी तरह उनको संभाला, तो बड़ा बेटा अमित चीखे मारता हुआ बेहोश हो गया।
मृतक सुनीता के चार बच्चे थे, जिनमे दो बेटे व दो बेटियां थी। चारों भाई बहनों में मृतक अर्पित सबसे छोटा था। एक भाई और एक बहन की शादी हो चुकी है। बूढ़े हो चुके पिता के दोनों बेटे उनके साथ थे। बताते हैं कि मृतक होटल पर मजदूरी करता था। मजदूरी से घर चलता था। जमीन भी नाम मात्र की नहीं है। अचानक मां और बेटे की मौत से परिजन के आंसू नहीं थम रहे हैं। संवाद