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मोबाइल रख लो पर जांच रिपोर्ट दे दो
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 12 Aug 2015 10:52 PM IST
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जिला अस्पताल में बाहर से जांच कराने और दवाओं के नाम पर मरीजों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। लगभग सभी आवश्यक जांचें अस्पताल में होने के बाद भी मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए बाध्य किया जाता है। इसी तरह के एक मामले में मोबाइल गिरवी रखने की पेशकश करने के लिए मजबूर हुए एक तीमारदार ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। मामला सामने आने पर सीएमएस ने तीमारदार को दो हजार रुपये अपने पास से लौटा कर किसी तरह उसे शांत किया
सिंगाही क्षेत्र के ग्राम खैरीगढ़ निवासी ओमकार ने बुधवार को जब मितौली के सड़क हादसे को लेकर तमाम अधिकारी जिला अस्पताल आए थे उसी समय वहां हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान ओमकार ने बताया कि सीने में दर्द के चलते वह मंगलवार को अपने आठ वर्षीय भतीजे शिवा का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल लाया था। ओमकार ने बताया कि उसने 13 नंबर कमरे में डॉक्टर को दिखाया। जहां डॉक्टर ने एक्सरे की सलाह दी और अपने कंपाउडर को उसके साथ एक्सरे कराने के लिए अस्पताल रोड स्थित एक निजी पैथोलॉजी पर भेज दिया। जहां पैथोलॉजी संचालक ने एक्सरे की फीस 2250 रुपये बताई। ओमकार ने बताया कि उसने एक हजार जमा कर दिए बाकी रुपये जांच रिपोर्ट लेते समय देने को कहा लेकिन वह शेष राशि की व्यवस्था नहीं कर पाया। बुधवार को जब वह कंपाउडर के साथ फिर गया तो एक हजार रुपये पैथोलॉजी संचालक को दिए लेकिन पैथोलॉजी संचालक ने पूरे रुपये मांगे। इस पर उसने पैथोलॉजी संचालक से 250 रुपये की एवज में अपना मोबाइल गिरवी रखने की पेशकश की हालांकि पैथोलॉजी संचालक ने मोबाइल गिरवी नहीं रखा लेकिन कंपाउडर की गारंटी पर उसे एक्सरे रिपोर्ट देदी। रात में कंपाउडर ने चिल्ड्रेन वार्ड में जाकर ओमकार से 50 रुपये यह कहते हुए ले लिए कि उसने अपने पास से दवा दी थी। फिर डॉक्टर ने उसे 50 रुपये की पाइप लिखी जिससे दवा चढ़ाई जानी थी। ओमकार ने बताया कि कंपाउडर ने दवा की दुकान पर उसके 30 रुपये उधार कराए। ओमकार के गुस्से को देखकर सीएमएस डॉ.वीके साहू ने उससे पूरी जानकारी लेने के बाद 2000 रुपये अपने पास से वापस किए इसके बाद वह शांत हुुआ।
जांच कर करेंगे कार्रवाई
इस संबंध में सीएमएस डॉ.वीके साहू ने बताया कि बुधवार को वह मितौली के घायलों के उपचार में व्यस्त रहे ओमकार को रुपये वापस कर दिए हैं लेकिन ऐसा हुआ है तो गलत है। उन्होंने बताया कि एक्सरे अस्पताल में नि:शुल्क होता है और बाहर भी एक्सरे के 2250 नहीं पड़ने चाहिए वे पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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सिंगाही क्षेत्र के ग्राम खैरीगढ़ निवासी ओमकार ने बुधवार को जब मितौली के सड़क हादसे को लेकर तमाम अधिकारी जिला अस्पताल आए थे उसी समय वहां हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान ओमकार ने बताया कि सीने में दर्द के चलते वह मंगलवार को अपने आठ वर्षीय भतीजे शिवा का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल लाया था। ओमकार ने बताया कि उसने 13 नंबर कमरे में डॉक्टर को दिखाया। जहां डॉक्टर ने एक्सरे की सलाह दी और अपने कंपाउडर को उसके साथ एक्सरे कराने के लिए अस्पताल रोड स्थित एक निजी पैथोलॉजी पर भेज दिया। जहां पैथोलॉजी संचालक ने एक्सरे की फीस 2250 रुपये बताई। ओमकार ने बताया कि उसने एक हजार जमा कर दिए बाकी रुपये जांच रिपोर्ट लेते समय देने को कहा लेकिन वह शेष राशि की व्यवस्था नहीं कर पाया। बुधवार को जब वह कंपाउडर के साथ फिर गया तो एक हजार रुपये पैथोलॉजी संचालक को दिए लेकिन पैथोलॉजी संचालक ने पूरे रुपये मांगे। इस पर उसने पैथोलॉजी संचालक से 250 रुपये की एवज में अपना मोबाइल गिरवी रखने की पेशकश की हालांकि पैथोलॉजी संचालक ने मोबाइल गिरवी नहीं रखा लेकिन कंपाउडर की गारंटी पर उसे एक्सरे रिपोर्ट देदी। रात में कंपाउडर ने चिल्ड्रेन वार्ड में जाकर ओमकार से 50 रुपये यह कहते हुए ले लिए कि उसने अपने पास से दवा दी थी। फिर डॉक्टर ने उसे 50 रुपये की पाइप लिखी जिससे दवा चढ़ाई जानी थी। ओमकार ने बताया कि कंपाउडर ने दवा की दुकान पर उसके 30 रुपये उधार कराए। ओमकार के गुस्से को देखकर सीएमएस डॉ.वीके साहू ने उससे पूरी जानकारी लेने के बाद 2000 रुपये अपने पास से वापस किए इसके बाद वह शांत हुुआ।
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जांच कर करेंगे कार्रवाई
इस संबंध में सीएमएस डॉ.वीके साहू ने बताया कि बुधवार को वह मितौली के घायलों के उपचार में व्यस्त रहे ओमकार को रुपये वापस कर दिए हैं लेकिन ऐसा हुआ है तो गलत है। उन्होंने बताया कि एक्सरे अस्पताल में नि:शुल्क होता है और बाहर भी एक्सरे के 2250 नहीं पड़ने चाहिए वे पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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