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विधायकों का लखनऊ पहुंचना जारी.. मंत्री पद पर नजर
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लखीमपुर खीरी। जिले की आठों विधानसभा सीट पर परचम लहराने के बाद आधे से ज्यादा विधायक लखनऊ कूच कर गए हैं। विधायक दल की बैठक और होली बाद होने वाले मंत्रिमंडल के गठन को लेकर भाजपाइयों में इसकी चर्चा जोरों पर है कि नई सरकार में जिले का प्रतिनिधित्व किसे मिलेगा। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने अभी ऐसी किसी तरह की सुगबुगाहट से इनकार किया है।
2017 में जिले की आठों सीटों पर भाजपा की जीत के बाद योगी सरकार में कई बार हुए मंत्रिपरिषद के विस्तार में जिले को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा हर बार उठी लेकिन परिणाम आशातीत रहे। इस बार फिर आठों सीटों पर प्रचंड जीत के बाद भाजपाइयों में उम्मीद है। चार विधायक मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। जिसमें शशांक वर्मा का नाम सबसे आगे है।
उधर, वरिष्ठता के क्रम में पांचवीं बार विधायक बने अरविंद गिरि, हैट्रिक लगाने वाले पलिया विधायक रोमी साहनी का नाम भी चर्चा में है। अगर पुराने कार्यकर्ता का इक्का चला तो मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह को मौका मिल सकता है। फिलहाल , जिले से शशांक वर्मा, अरविंद गिरि, लोकेंद्र प्रताप लखनऊ के लिये रवाना हो गए हैं।
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सबसे बड़ी जीत, सबसे पहले लखनऊ रवाना - जिले में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले निघासन विधायक शशांक वर्मा को मंत्रिपद मिलने की चर्चा जोरों पर है। गणित यह भी है कि निघासन में सबसे बड़ी जीत का तर्क देकर तिकुनिया हिंसा के बेअसर रहने को अपनी मजबूती बना सकती है।
दूसरा वह आरएसएस व भाजपा के कद्दावर नेता रहे मरहूम रामकुमार वर्मा के बेटे हैं। जिससे संघ से लेकर पार्टी में उनके परिवार की पुरानी साख है। उधर, बृहस्पतिवार को जीत मिलने के बाद शुक्रवार को ही वह सबसे पहले लखनऊ रवाना हो गए। संवाद
अरविंद गिरि और रोमी साहनी की भी चर्चा - मंत्रिपद देने के गणित में अगर वरिष्ठता पैमाना हुआ तो गोला से पांच बार जीतकर विधायक बने अरविंद गिरि को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। हालांकि, भाजपा से वह दूसरी बार विधायक बने हैं। जबकि, इससे पहले सपा से वह तीन बार विधायक रह चुके हैं।
वहीं शासन में उनके अच्छे ताल्लुकात बताए जाते हैं। अगर ठीक पैरवी हुई तो बाजी उनके हाथ लग सकती है। उधर, पलिया विधायक रोमी साहनी के नाम की भी चर्चा है। वह लगातार तीन बार से पलिया से जीतते आए हैं। वह एक बार बसपा और दो बार भाजपा से लगातार जीतकर विधायक बने हैं। संवाद
निष्ठावान कार्यकर्ता रहा पैमाना तो लोकेंद्र सिंह के हाथ आएगी बाजी - मोहम्मदी से विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह यूं तो दूसरी बार ही विधायक बने हैं और उनकी जीत का अंतर भी जिले में सबसे कम रहा है। लेकिन, अगर मंत्री बनाने में संघ और भाजपा की संयुक्त रिपोर्ट लगी तो उन्हें मौका मिल सकता है। आठों विधायकों में लोकेंद्र सबसे पुराने भाजपाई हैं।
दूसरा उनका इलाका मुस्लिम बहुल है, जिससे उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा क्षेत्र में मजबूती दे सकती है। केंद्रीय स्तर पर उनके संपर्क का भी उन्हें लाभ मिल सकता है। क्योंकि, पूरे जिले में सिर्फ मोहम्मदी में ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जनसभा की थी। सीएम योगी ने भी उनकी पीठ ठोकी थी। संवाद
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2017 में जिले की आठों सीटों पर भाजपा की जीत के बाद योगी सरकार में कई बार हुए मंत्रिपरिषद के विस्तार में जिले को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा हर बार उठी लेकिन परिणाम आशातीत रहे। इस बार फिर आठों सीटों पर प्रचंड जीत के बाद भाजपाइयों में उम्मीद है। चार विधायक मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। जिसमें शशांक वर्मा का नाम सबसे आगे है।
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उधर, वरिष्ठता के क्रम में पांचवीं बार विधायक बने अरविंद गिरि, हैट्रिक लगाने वाले पलिया विधायक रोमी साहनी का नाम भी चर्चा में है। अगर पुराने कार्यकर्ता का इक्का चला तो मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह को मौका मिल सकता है। फिलहाल , जिले से शशांक वर्मा, अरविंद गिरि, लोकेंद्र प्रताप लखनऊ के लिये रवाना हो गए हैं।
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सबसे बड़ी जीत, सबसे पहले लखनऊ रवाना - जिले में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले निघासन विधायक शशांक वर्मा को मंत्रिपद मिलने की चर्चा जोरों पर है। गणित यह भी है कि निघासन में सबसे बड़ी जीत का तर्क देकर तिकुनिया हिंसा के बेअसर रहने को अपनी मजबूती बना सकती है।
दूसरा वह आरएसएस व भाजपा के कद्दावर नेता रहे मरहूम रामकुमार वर्मा के बेटे हैं। जिससे संघ से लेकर पार्टी में उनके परिवार की पुरानी साख है। उधर, बृहस्पतिवार को जीत मिलने के बाद शुक्रवार को ही वह सबसे पहले लखनऊ रवाना हो गए। संवाद
अरविंद गिरि और रोमी साहनी की भी चर्चा - मंत्रिपद देने के गणित में अगर वरिष्ठता पैमाना हुआ तो गोला से पांच बार जीतकर विधायक बने अरविंद गिरि को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। हालांकि, भाजपा से वह दूसरी बार विधायक बने हैं। जबकि, इससे पहले सपा से वह तीन बार विधायक रह चुके हैं।
वहीं शासन में उनके अच्छे ताल्लुकात बताए जाते हैं। अगर ठीक पैरवी हुई तो बाजी उनके हाथ लग सकती है। उधर, पलिया विधायक रोमी साहनी के नाम की भी चर्चा है। वह लगातार तीन बार से पलिया से जीतते आए हैं। वह एक बार बसपा और दो बार भाजपा से लगातार जीतकर विधायक बने हैं। संवाद
निष्ठावान कार्यकर्ता रहा पैमाना तो लोकेंद्र सिंह के हाथ आएगी बाजी - मोहम्मदी से विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह यूं तो दूसरी बार ही विधायक बने हैं और उनकी जीत का अंतर भी जिले में सबसे कम रहा है। लेकिन, अगर मंत्री बनाने में संघ और भाजपा की संयुक्त रिपोर्ट लगी तो उन्हें मौका मिल सकता है। आठों विधायकों में लोकेंद्र सबसे पुराने भाजपाई हैं।
दूसरा उनका इलाका मुस्लिम बहुल है, जिससे उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा क्षेत्र में मजबूती दे सकती है। केंद्रीय स्तर पर उनके संपर्क का भी उन्हें लाभ मिल सकता है। क्योंकि, पूरे जिले में सिर्फ मोहम्मदी में ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जनसभा की थी। सीएम योगी ने भी उनकी पीठ ठोकी थी। संवाद