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Lakhimpur Kheri News: सोशल ऑडिट में करोड़ों की गड़बड़ी, दो सचिवों पर एफआईआर के आदेश

Tue, 10 Mar 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 10 Mar 2026 11:17 PM IST
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Misappropriation of crores of rupees in social audit, FIR ordered against two secretaries
लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का सोशल ऑडिट कराया गया, जिसमें लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। विभाग ने संबंधित सचिवों को नोटिस जारी कर कराए गए कार्यों का लेखा-जोखा मांगा, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी न तो नोटिस का जवाब दिया न ही लेखा-जोखा दिया। मामले में संबंधित सचिवों व प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
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पलिया और गोला की तीन-तीन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर 2.28 करोड़ रुपये गड़बड़ी की आशंका है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने पलिया के एडीओ पंचायत अनिल कुमार वर्मा और गोला कुंभी के एडीओ अवनीश कुमार त्रिपाठी को पत्र लिखकर पलिया के ग्राम विकास अधिकारी भास्कर राय और गोला कुंभी के ग्राम पंचायत अधिकारी सरदार सिंह राना व संबंधित प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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वर्ष 2018-19 में पलिया ब्लाक के ग्राम पंचायत बड़ागांव में 3800659 रुपये, धुसकिया ग्राम पंचायत में 2551629 और गदनिया में 3474253 रुपये गड़बड़ी सोशल ऑडिट में सामने आई थी। संबंधित सचिव भास्कर राय से संबंधित कार्यों के दस्तावेज मांगे, लेकिन आज तक नहीं दिए। सचिव पर करीब 9826541 रुपये हेरफेर का आरोप है। वहीं कुंभी-गोला में वर्ष 2017-18 व 2018-19 में बग्घुन ग्राम पंचायत में 2700986, शीतलपुर ग्रंट में 6753955 और सिसोकन में 3604760 रुपये सोशल ऑडिट में गड़बड़ी मिली।
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संबंधित सचिव सरदार सिंह राना को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे, लेकिन आज तक नहीं दिए। सचिव पर करीब 1.30 करोड़ रुपये हेरफेर का आरोप है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि कई बार नोटिस जारी करने के अलावा 13 जनवरी 2026 को विकास भवन में लेखा परीक्षण के लिए बैठक बुलाई गई। फोन पर भी सूचना दी गई, लेकिन संबंधित सचिवों की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई।

ऐसे में दोनों सचिव व ग्राम प्रधानों पर तीन दिन में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि मामले में उत्तर प्रदेश विधान सभा की पंचायती राज समिति ने भी रोष व्यक्त किया गया। डीपीआरओ ने बताया कि अभी कई आर सचिव हैं, जिन पर कार्रवाई होने शेष है।
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