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शादी अनुदान योजना होगी बंद
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टूटी उम्मीद : तीन विभागों से शासन ने बजट लिया वापस
मेन...
शादी अनुदान योजना होगी बंद
- आर्थिक सहायता मिलने में देरी से हजारों पात्र आवेदक लाभ पाने से हुए वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शादी अनुदान योजना को बंद करने के संकेत मिलने लगे हैं। शासन ने इस योजना का संचालन करने वाले तीन विभागों, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण से इस मद में जारी बजट को वापस ले लिया है। हालांकि इस संबंध में अधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन शासन ने धनराशि के आहरण व व्यय न करने के निर्देश दिए हैं। इससे आवेदन कर चुके हजारों आवेदकों को झटका लगा है।
बताते चलें कि इस योजना में गरीब परिवार की बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाती थी। इस वर्ष लाभार्थियों का चयन करने के बाद उनके खाते में रुपये भेजने की कार्रवाई प्रारंभ हुई तो पता चला कि शासन ने शादी अनुदान मद में भेजा बजट ही वापस कर लिया है। इससे 5339 आवेदकों को झटका लगा है। पिछले कुछ सालों से आवेदन फार्मों की फाइलें मोटी होती जा रहीं, लेकिन उनका सत्यापन निर्धारित अवधि में नहीं हो पाता है। इससे हजारों लाभार्थी आर्थिक सहायता प्राप्त करने से वंचित रह जाते थे। 2021-22 में समाज कल्याण विभाग में करीब तीन हजार लोगों ने आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किए थे, जिसके सापेक्ष 500 लोगों को सहायता मिल पाई थी। शेष लाभार्थियों के आवेदन समयावधि बीतने के कारण निरस्त हो गए।
ऐसे ही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 2021-22 में 8399 आवेदन पत्र जमा हुए थे, जिसके सापेक्ष 1506 लाभार्थियों को मदद मिल पाई थी। शेष आवेदन निरस्त कर दिए गए। इस वर्ष 2022-23 में समाज कल्याण विभाग में कुल 2027 आवेदन पत्र जमा हो चुके हैं, जिसमें कुछ आवेदन का सत्यापन किए जाने के बाद 228 आवेदक पात्र पाए गए हैं।
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वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 2312 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। साथ ही 503 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए बजट भी मिला था। ऐसे ही अल्पसंख्यक विभाग में करीब एक हजार आवेदन जमा हुए हैं। तीनों विभागों की संयुक्त बैठक 10 जून 2022 को हुई थी, जिसके बाद पात्रों को भुगतान भेजने की कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद कोषागार से पता चला कि बजट ही वापस हो गया है। इससे इस वर्ष एक भी आवेदक को शादी अनुदान का लाभ नहीं मिल सका है और न ही मिलने की उम्मीद है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल ने बताया कि शासन से निर्देश मिले हैं कि शादी अनुदान योजना में धनराशि के आहरण-व्यय करने पर रोक लगाई गई है, क्योंकि बजट में प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस आर्थिक सहायता वाली स्कीम को बंद करके सामूहिक विवाह योजना के विस्तार पर काम कर रही है।
इस वर्ष कुल 2027 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उनका सत्यापन कराया जा रहा था। इसमें अब तक 228 पात्र लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है, जो बजट मिला था, उसे शासन ने वापस ले लिया है। इससे एक भी आवेदक को आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। शासन ने इस योजना को बंद करने के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
- सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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टूटी उम्मीद : तीन विभागों से शासन ने बजट लिया वापस
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शादी अनुदान योजना होगी बंद
- आर्थिक सहायता मिलने में देरी से हजारों पात्र आवेदक लाभ पाने से हुए वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शादी अनुदान योजना को बंद करने के संकेत मिलने लगे हैं। शासन ने इस योजना का संचालन करने वाले तीन विभागों, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण से इस मद में जारी बजट को वापस ले लिया है। हालांकि इस संबंध में अधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन शासन ने धनराशि के आहरण व व्यय न करने के निर्देश दिए हैं। इससे आवेदन कर चुके हजारों आवेदकों को झटका लगा है।
बताते चलें कि इस योजना में गरीब परिवार की बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाती थी। इस वर्ष लाभार्थियों का चयन करने के बाद उनके खाते में रुपये भेजने की कार्रवाई प्रारंभ हुई तो पता चला कि शासन ने शादी अनुदान मद में भेजा बजट ही वापस कर लिया है। इससे 5339 आवेदकों को झटका लगा है। पिछले कुछ सालों से आवेदन फार्मों की फाइलें मोटी होती जा रहीं, लेकिन उनका सत्यापन निर्धारित अवधि में नहीं हो पाता है। इससे हजारों लाभार्थी आर्थिक सहायता प्राप्त करने से वंचित रह जाते थे। 2021-22 में समाज कल्याण विभाग में करीब तीन हजार लोगों ने आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किए थे, जिसके सापेक्ष 500 लोगों को सहायता मिल पाई थी। शेष लाभार्थियों के आवेदन समयावधि बीतने के कारण निरस्त हो गए।
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ऐसे ही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 2021-22 में 8399 आवेदन पत्र जमा हुए थे, जिसके सापेक्ष 1506 लाभार्थियों को मदद मिल पाई थी। शेष आवेदन निरस्त कर दिए गए। इस वर्ष 2022-23 में समाज कल्याण विभाग में कुल 2027 आवेदन पत्र जमा हो चुके हैं, जिसमें कुछ आवेदन का सत्यापन किए जाने के बाद 228 आवेदक पात्र पाए गए हैं।
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वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 2312 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। साथ ही 503 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए बजट भी मिला था। ऐसे ही अल्पसंख्यक विभाग में करीब एक हजार आवेदन जमा हुए हैं। तीनों विभागों की संयुक्त बैठक 10 जून 2022 को हुई थी, जिसके बाद पात्रों को भुगतान भेजने की कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद कोषागार से पता चला कि बजट ही वापस हो गया है। इससे इस वर्ष एक भी आवेदक को शादी अनुदान का लाभ नहीं मिल सका है और न ही मिलने की उम्मीद है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल ने बताया कि शासन से निर्देश मिले हैं कि शादी अनुदान योजना में धनराशि के आहरण-व्यय करने पर रोक लगाई गई है, क्योंकि बजट में प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस आर्थिक सहायता वाली स्कीम को बंद करके सामूहिक विवाह योजना के विस्तार पर काम कर रही है।
इस वर्ष कुल 2027 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उनका सत्यापन कराया जा रहा था। इसमें अब तक 228 पात्र लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है, जो बजट मिला था, उसे शासन ने वापस ले लिया है। इससे एक भी आवेदक को आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। शासन ने इस योजना को बंद करने के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
- सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी