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Lakhimpur Kheri News: खुलने से पहले ही 15 तक कई हट की दुधवा में हो चुकी है बुकिंग
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पलियाकलां। तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश का विश्वविख्यात दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों के लिए खुलने जा रहा है। वन्यजीवों को करीब से देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए पिछली बार की तरह इस बार भी पहले से ही एडवांस बुकिंग होनी शुरू हो गईं हैं। पार्क सूत्रों के मुताबिक, छह से 15 नवंबर तक कई हटों की अलग-अलग दिनों में एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
पार्क प्रशासन भी सैलानियों को बेहतर व्यवस्थाएं देने के लिए जुटा हुआ है। ऐसे में दुधवा पर्यटन परिसर में तेजी से साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और रंगरोगन का कार्य जारी है। जिन दीवारों पर रंग उतरने लगा था, उनको भी सही किया जा रहा है। पार्क प्रशासन की मानें तो इस बार भी पिछले साल की तरह दरें कम होने के चलते सैलानियों की आमद पिछले साल की तुलना में बढ़ेगी।
दुधवा नेशनल पार्क में छह नवंबर के बाद सात से 15 नवंबर तक किसी दिन तीन तो किसी दिन चार हटों की बुकिंग हुई है। इसके अलावा अन्य हट सैलानियों के लिए पूरी तरह खाली हैं। डॉरमेट्री भी सैलानियों की सुविधा के लिए मौजूद हैं। ऐसे में दुधवा पहुंचने वाले सैलानियों को शुरुआती दिनों में कोई खास दिक्कतें नहीं होंगी और वह आसानी से रुककर जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
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जिप्सी व गाइडों के भी इस साल बढ़ने की संभावना
दुधवा पार्क खुलने को है। ऐसे में जिप्सियों का रजिस्ट्रेशन भी तेजी से चल रहा है। पार्क प्रशासन की मानें तो हर बार की तुलना में इस बार जिप्सियों की संख्या भी बढ़ेगी। जिप्सियों की संख्या करीब 60-70 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं इस बार चयन परीक्षा में भी 90 गाइडों का चयन किया गया था। इन्हीं चयनित गाइडों को दुधवा आने वाले सैलानियों के भ्रमण के लिए लगाया जाएगा।
कैंटीन का इस बार भी इको विकास समिति उठाएगी जिम्मा
दुधवा में पिछले साल की तरह इस बार भी इको विकास समिति कैंटीन का जिम्मा संभालेगी। इससे पहले कैंटीन को प्राइवेट रूप से नीलामी के जरिए ठेकेदार को दिया जाता था। पिछले साल यह नियम बदला गया और इको विकास समिति को कैंटीन का ठेका दिया गया। इस बार भी समिति ही कैंटीन का संचालन करेगी। ऐसे में स्थानीय लोगों को भी इसमें रोजगार दिया जाएगा।
खराब रास्तों को दुरुस्त करने का किया जा रहा कार्य
दुधवा नेशनल पार्क के जंगली इलाके में सुहेली नदी में नेपाली नदियों से पानी आने के कारण जलभराव की स्थिति हो गई थी। ऐसे में रास्तों पर भी जलभराव हो गया था, जिसको पार्क प्रशासन द्वारा अगले दो-तीन दिनों में दुधवा जंगल भ्रमण में आने वाले सभी रास्तों को दुरूस्त किए जाने की बात कही जा रही है।
इस बार 10 दिन पूर्व ही सैलानियों के लिए दुधवा पार्क खोला जा रहा है। ऐसे में सैलानियों के लिए नियमों के साथ जंगल सफारी का मौका दिया जाएगा। बाघ, हिरन के साथ ही वह विदेशों से आने वाले विदेशी पक्षियों को भी देख सकेंगे। फिलहाल दुधवा खुलने से पहले बुकिंग तो शुरू हुईं हैं, लेकिन फिर भी अभी हाउसफुल जैसी कोई स्थिति नहीं है। -डाॅ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
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पार्क प्रशासन भी सैलानियों को बेहतर व्यवस्थाएं देने के लिए जुटा हुआ है। ऐसे में दुधवा पर्यटन परिसर में तेजी से साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और रंगरोगन का कार्य जारी है। जिन दीवारों पर रंग उतरने लगा था, उनको भी सही किया जा रहा है। पार्क प्रशासन की मानें तो इस बार भी पिछले साल की तरह दरें कम होने के चलते सैलानियों की आमद पिछले साल की तुलना में बढ़ेगी।
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दुधवा नेशनल पार्क में छह नवंबर के बाद सात से 15 नवंबर तक किसी दिन तीन तो किसी दिन चार हटों की बुकिंग हुई है। इसके अलावा अन्य हट सैलानियों के लिए पूरी तरह खाली हैं। डॉरमेट्री भी सैलानियों की सुविधा के लिए मौजूद हैं। ऐसे में दुधवा पहुंचने वाले सैलानियों को शुरुआती दिनों में कोई खास दिक्कतें नहीं होंगी और वह आसानी से रुककर जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
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जिप्सी व गाइडों के भी इस साल बढ़ने की संभावना
दुधवा पार्क खुलने को है। ऐसे में जिप्सियों का रजिस्ट्रेशन भी तेजी से चल रहा है। पार्क प्रशासन की मानें तो हर बार की तुलना में इस बार जिप्सियों की संख्या भी बढ़ेगी। जिप्सियों की संख्या करीब 60-70 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं इस बार चयन परीक्षा में भी 90 गाइडों का चयन किया गया था। इन्हीं चयनित गाइडों को दुधवा आने वाले सैलानियों के भ्रमण के लिए लगाया जाएगा।
कैंटीन का इस बार भी इको विकास समिति उठाएगी जिम्मा
दुधवा में पिछले साल की तरह इस बार भी इको विकास समिति कैंटीन का जिम्मा संभालेगी। इससे पहले कैंटीन को प्राइवेट रूप से नीलामी के जरिए ठेकेदार को दिया जाता था। पिछले साल यह नियम बदला गया और इको विकास समिति को कैंटीन का ठेका दिया गया। इस बार भी समिति ही कैंटीन का संचालन करेगी। ऐसे में स्थानीय लोगों को भी इसमें रोजगार दिया जाएगा।
खराब रास्तों को दुरुस्त करने का किया जा रहा कार्य
दुधवा नेशनल पार्क के जंगली इलाके में सुहेली नदी में नेपाली नदियों से पानी आने के कारण जलभराव की स्थिति हो गई थी। ऐसे में रास्तों पर भी जलभराव हो गया था, जिसको पार्क प्रशासन द्वारा अगले दो-तीन दिनों में दुधवा जंगल भ्रमण में आने वाले सभी रास्तों को दुरूस्त किए जाने की बात कही जा रही है।
इस बार 10 दिन पूर्व ही सैलानियों के लिए दुधवा पार्क खोला जा रहा है। ऐसे में सैलानियों के लिए नियमों के साथ जंगल सफारी का मौका दिया जाएगा। बाघ, हिरन के साथ ही वह विदेशों से आने वाले विदेशी पक्षियों को भी देख सकेंगे। फिलहाल दुधवा खुलने से पहले बुकिंग तो शुरू हुईं हैं, लेकिन फिर भी अभी हाउसफुल जैसी कोई स्थिति नहीं है। -डाॅ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क