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Lakhimpur Kheri News: स्टाफ की कमी से कमजोर पड़ी मलेरिया रोकथाम
Sat, 25 Apr 2026 12:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:35 AM IST
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लखीमपुर खीरी। विश्व मलेरिया दिवस पर जिले में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के दावों के बीच जमीनी स्थिति चिंताजनक है। मलेरिया नियंत्रण के लिए जिम्मेदार विभाग गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रहा है, जिससे फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव, सर्विलांस और जागरूकता जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि पूरे जिले में फील्ड वर्क के लिए केवल तीन कर्मचारी बचे हैं, जबकि मानकों के अनुसार करीब 100 फील्ड वर्कर की जरूरत है। पहले पांच कर्मचारी तैनात थे, लेकिन दो के सेवानिवृत्त होने के बाद नई नियुक्ति नहीं हो सकी।
गर्मी और बदलते मौसम के साथ जलभराव व गंदगी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं। समय पर फॉगिंग और लार्वा नाशक छिड़काव न होने से खतरा बढ़ सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति और नगर पालिकाओं की ओर से फॉगिंग व छिड़काव में कमी से स्थिति और प्रभावित हो रही है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरीशंकर ने बताया कि डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के लिए नकहा व फरधान सहित अन्य स्थानों के 38 तालाबों में गम्बूजिया मछली डाली गई है, जो लार्वा को नष्ट कर रही हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी को लेकर शासन को पत्राचार किया जा चुका है। आशा, आंगनबाड़ी और अन्य विभागों की मदद से मलेरिया व डेंगू नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।
-- -- -- -- -
आंकड़ों में ये है स्थिति
वर्ष
मलेरिया
डेंगू
2023
298
179
2024
614
305
2025
445
68
2026 (अब तक)
7
2
-- -- -- -- -- -- -
ये किए जा रहे प्रयास
-38 तालाबों में गम्बूजिया मछली डाली गई।
-आशा व आंगनबाड़ी की मदद से सर्विलांस।
-शासन को स्टाफ बढ़ाने के लिए पत्राचार
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स्थिति यह है कि पूरे जिले में फील्ड वर्क के लिए केवल तीन कर्मचारी बचे हैं, जबकि मानकों के अनुसार करीब 100 फील्ड वर्कर की जरूरत है। पहले पांच कर्मचारी तैनात थे, लेकिन दो के सेवानिवृत्त होने के बाद नई नियुक्ति नहीं हो सकी।
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गर्मी और बदलते मौसम के साथ जलभराव व गंदगी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं। समय पर फॉगिंग और लार्वा नाशक छिड़काव न होने से खतरा बढ़ सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति और नगर पालिकाओं की ओर से फॉगिंग व छिड़काव में कमी से स्थिति और प्रभावित हो रही है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरीशंकर ने बताया कि डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के लिए नकहा व फरधान सहित अन्य स्थानों के 38 तालाबों में गम्बूजिया मछली डाली गई है, जो लार्वा को नष्ट कर रही हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी को लेकर शासन को पत्राचार किया जा चुका है। आशा, आंगनबाड़ी और अन्य विभागों की मदद से मलेरिया व डेंगू नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।
आंकड़ों में ये है स्थिति
वर्ष
मलेरिया
डेंगू
2023
298
179
2024
614
305
2025
445
68
2026 (अब तक)
7
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ये किए जा रहे प्रयास
-38 तालाबों में गम्बूजिया मछली डाली गई।
-आशा व आंगनबाड़ी की मदद से सर्विलांस।
-शासन को स्टाफ बढ़ाने के लिए पत्राचार