फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Madhumita Shukla murder case: Surprised by the order to release Amarmani: Nidhi Shukla

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड : अमरमणि की रिहाई के आदेश से हैरान हूं : निधि शुक्ला

Sat, 26 Aug 2023 12:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:43 AM IST
विज्ञापन
Madhumita Shukla murder case: Surprised by the order to release Amarmani: Nidhi Shukla
निधी शुक्ला
लखीमपुर खीरी। कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को रिहा किए जाने के आदेश पर मधुमिता की बहन निधि शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वह शासन के आदेश से हैरान हैं। राज्यपाल को भ्रमित करके इस तरह का आदेश जारी कराया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है।
विज्ञापन

निधि शुक्ला ने कहा कि उम्रकैद की सजा पाए अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी वर्ष 2012 से लगातार गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में रूम नंबर 15 और 16 में रह रहे हैं। जबकि, वह उत्तराखंड की हरिद्वार जेल के कैदी हैं। इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की है। उन्होंने बताया कि वह इस समय दिल्ली में हैं। मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए आठ सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन

मुकदमे की वादी निधि शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल करने के बाद पिछले 15 दिन से शासन और राज्यपाल को पत्र और मेल भेजकर वह लगातार अनुरोध करती रही हैं कि सुप्रीम कोर्ट से अवमानना की याचिका पर फैसला आने तक कोई कार्रवाई न की जाए। इसके बावजूद राज्यपाल के आदेश पर कारागार प्रशासन और सुधार विभाग ने अमर मणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी कर दिए। इससे उन्हें काफी हैरानी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनका कहना है कि सत्ता के दबाव में राज्यपाल को भ्रमित करके इस तरह का आदेश जारी कराया गया है। जबकि वह इस संबंध में पर्याप्त सबूत शासन को दे चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस आदेश से पीड़ित महिलाओं को न्याय की आस और विश्वास को धक्का लगा है।

वीडियो जारी कर लगाई गुहार
अमरमणि की रिहाई पर फैसला आने के बाद उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात एक वीडियो जारी कर कहा कि राज्य सरकार को मामले में कुछ भी आदेश जारी करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिये। उन्होंने राज्य सरकार समेत अपने शुभचिंतकों से अपील की है कि सरकार को इतनी जल्दी रिहाई के आदेश नहीं जारी करने चाहिये। कहा कि 20 वर्षों के संघर्ष की कुछ तो लाज रख लीजिए।



बीस साल पहले हुई थी कवयित्री मधुमिता की हत्या
करीब बीस साल पहले कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हुई थी। मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को दोषी पाते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में यह मुकदमा देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी 20 वर्ष एक माह और 20 दिन से जेल में हैं। मौजूदा समय में दोनों हरिद्वार जेल के कैदी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed