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तेंदुआ पकड़ने को लगाया पिंजरा, बांधी बकरी
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चकदहा गांव में पिंजरा लगाती वन विभाग टीम। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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धौरहरा/ ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। तेंदुए की तस्वीर कैमरे में कैद होने के बाद वन विभाग ने उसे पकड़ने की कवायद तेज कर दी है। रविवार को चकदहा के गांव चमारनपुरा के निकट पिंजरा लगाया गया, जिसमें बकरी भी बांधी गई है।
गत सोमवार को ईसानगर की चकदहा बनवीट के गांव चमारनपुरवा निवासी पुतान के पुत्र बृजेश (12) को घर के बाहर से तेंदुआ गन्ना के खेत में उठा ले गया था। बाद में बच्चे का अधखाया शव खेत से बरामद हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने बाघ होने का दावा किया था, जबकि वन्य कर्मियों का कहना था कि किसी हिंसक पशु ने वारदात को अंजाम दिया। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर मिले पग चिह्नों का विश्लेषण किया, तब जाकर वन्य विभाग ने यह माना कि हमला किसी हिंसक वन्य जीव ने नहीं बल्कि तेंदुए ने किया। शुक्रवार को रेंजर अनिल शाह ने छह जीपीएस सिस्टम से लैस कैमरे लगवाए। इसके बाद शनिवार सुबह 4:34 पर तेंदुए की चहलकदमी करती हुई तस्वीर एक कैमरे में कैद हो गई। अब वन विभाग इस तेंदुए को पकड़ने की कवायद में जुट गया है। रेंजर ने एक पिंजरा बहराइच से मंगवाया, जिसे ट्रैक्टर-ट्रॉली से रविवार की सुबह चमारनपुरवा गांव लाया गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने बकरी बांधकर पिंजरे को रखने के साथ बड़ी घास से ढक दिया है। जिस जगह पर पिंजरा लगाया गया वह तेंदुए के चहलकदमी करने वाला ही क्षेत्र है। रेंजर अनिल शाह ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि जबतक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, लोग समूह में घरों से निकलें और जंगल की ओर न जाएं। संवाद
जिस क्षेत्र में ज्यादा तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ दिखाई दिया है, वहीं पर पिंजरा लगाया गया है। पिंजरे में बकरी भी बांधी गयी है। ताकि वह शिकार के लिए आए और पिंजरे में कैद हो जाए। टीम गांव में निगरानी भी कर रही है। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
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-अनिल शाह, रेंजर धौरहरा
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गत सोमवार को ईसानगर की चकदहा बनवीट के गांव चमारनपुरवा निवासी पुतान के पुत्र बृजेश (12) को घर के बाहर से तेंदुआ गन्ना के खेत में उठा ले गया था। बाद में बच्चे का अधखाया शव खेत से बरामद हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने बाघ होने का दावा किया था, जबकि वन्य कर्मियों का कहना था कि किसी हिंसक पशु ने वारदात को अंजाम दिया। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर मिले पग चिह्नों का विश्लेषण किया, तब जाकर वन्य विभाग ने यह माना कि हमला किसी हिंसक वन्य जीव ने नहीं बल्कि तेंदुए ने किया। शुक्रवार को रेंजर अनिल शाह ने छह जीपीएस सिस्टम से लैस कैमरे लगवाए। इसके बाद शनिवार सुबह 4:34 पर तेंदुए की चहलकदमी करती हुई तस्वीर एक कैमरे में कैद हो गई। अब वन विभाग इस तेंदुए को पकड़ने की कवायद में जुट गया है। रेंजर ने एक पिंजरा बहराइच से मंगवाया, जिसे ट्रैक्टर-ट्रॉली से रविवार की सुबह चमारनपुरवा गांव लाया गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने बकरी बांधकर पिंजरे को रखने के साथ बड़ी घास से ढक दिया है। जिस जगह पर पिंजरा लगाया गया वह तेंदुए के चहलकदमी करने वाला ही क्षेत्र है। रेंजर अनिल शाह ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि जबतक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, लोग समूह में घरों से निकलें और जंगल की ओर न जाएं। संवाद
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जिस क्षेत्र में ज्यादा तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ दिखाई दिया है, वहीं पर पिंजरा लगाया गया है। पिंजरे में बकरी भी बांधी गयी है। ताकि वह शिकार के लिए आए और पिंजरे में कैद हो जाए। टीम गांव में निगरानी भी कर रही है। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
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-अनिल शाह, रेंजर धौरहरा