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विधायक के लिखित आश्वासन पर माने ग्रामीण

Tue, 28 Jul 2015 06:04 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Tue, 28 Jul 2015 06:04 PM IST
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फूलबेहड़ ब्लाक के गांव श्रीनगर के रपटा पुल निर्माण को लेकर सोमवार से अनशन पर बैठे 27 ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी। इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को एसडीएम सदर आलोक कुमार वर्मा, क्षेत्रीय विधायक रामसरन के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे। विधायक ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अनशन जारी रखने पर अड़े रहे। काफी मान-मनौव्वल के बाद जब विधायक ने मई-जून वर्ष 2016 तक पुल निर्माण का लिखित आश्वासन दिया तब जाकर गांव वालों का अनशन समाप्त हुआ।
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सोमवार को देर शाम तक एसडीएम सदर समेत कई अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच अनशन समाप्त करने को लेकर हुई वार्ता बेनतीजा रही थी। जिसके बाद ग्रामीण रातभर अनशन स्थल पर ही पड़े रहे। मंगलवार को ग्रामीणों के अनशन की जानकारी होने पर कई और गांवों के लोग वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग जारी रखने का निर्णय लिया। इस बीच अनशनकारी कई ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी। जिसकी सूचना मिलने पर एसडीएम सदर दोबारा ग्रामीणों के पास पहुंचे। उनके साथ विधायक रामसरन भी थे। विधायक को देखकर गांव वालों ने पुल निर्माण की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। शुरू में तो ग्रामीणों का अनशन समाप्त करने की कोशिश की गई, लेकिन जब ग्रामीण नहीं माने तो विधायक ने लिखित आश्वासन दिया। कहा कि नवबंर माह तक पुल पास कराकर काम शुरू करा दिया जाएगा।
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तब तक बसहा पुल से मिलेगा रास्ता
अनशन समाप्त करने से पूर्व ग्रामीणों ने निकलने के लिए बसहा पुल को दुरुस्त कराने को कहा। कुछ दूरी तय करने पर इस पुल से बसहा माफी, खांभी, गोदापुरवा, ग्रंट नंबर 12, शंकरपुरवा, पारसपुरवा समेत कई गांवों के लोगों के निकलने में आसानी रहेगी। जिस पर विधायक ने जल्द बसहा पुल को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया।
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कई बार पलटते-पलटते बची हैं नावें
श्रीनगर रपटा पुल छह साल पहले बाढ़ में बह गया था। तभी से बाढ़ के दिनों में लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं। स्कूल जाने के लिए बच्चों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। पिछले सालों में कई बार नावें पलटते-पलटते बची हैं।

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