Circle Rate: इस जिले में एक सितंबर से महंगी हो जाएगी जमीन, 15 प्रतिशत तक बढ़ाए गए सर्किल रेट
लखीमपुर शहर में सबसे महंगी जमीन गुड़ मंडी, पुरानी गल्ला मंडी व रानीगंज की है। नए सर्किल रेट लागू होने से आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की जमीनों की कीमत और बढ़ जाएगी।
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लखीमपुर खीरी जिले में एक सितंबर से आवासीय और व्यावसायिक जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सर्किल रेट 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं, जिसकी प्रस्तावित सूची जारी कर 28 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गईं हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद एक सितंबर से नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।
शहर में जितनी सड़क चौड़ी है, उतरी महंगे जमीन के रेट हैं। शहर में सबसे महंगी जमीन गुड़ मंडी, पुरानी गल्ला मंडी व रानीगंज की है। छह से नौ मीटर तक चौड़ी सड़क वाली जमीन का रेट 30 हजार से बढ़ाकर 34500 प्रति वर्ग मीटर हो गया। नौ मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्र की जमीन का रेट 33500 से बढ़ाकर 38500 प्रति वर्ग मीटर हो गया। घास मंडी, खपरैल बाजार, संकटा देवी का 27600 से बढ़ाकर 31600 प्रति वर्ग मीटर हो गया है। मिश्राना का 18600 से बढ़ाकर 21400 प्रति वर्ग मीटर और बहादुरनगर, बाजपेई कॉलोनी का 16800 से बढ़ाकर 21600 प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया।
नई बस्ती 16500 से बढ़ाकर 19000 प्रति वर्ग मीटर, आवास विकास का 19200 से बढ़ाकर 22000 प्रति वर्ग मीटर, ईदगाह 12600 से 14500 प्रति वर्ग मीटर, कपूरथला का 12600 से 14500 प्रति वर्ग मीटर, महेवागंज का 9900 से 14500 प्रति वर्ग मीटर, कमलापुर का 9000 से 10400 प्रति वर्ग मीटर, कचेहरी सिविल लाइन 12600 से बढ़ाकर 14500 प्रति वर्ग मीटरकर दिया गया है।
मुख्य सड़कों के दोनों ओर जमीन और भी महंगी
पुरानी गल्ला मंडी, रानीगंज व गुड़ मंडी से भी ज्यादा शहर की मुख्य सड़कों के दोनों ओर का रेट और अधिक तय किया गया है। गुरुनानक स्कूल से हीरालाल होते हुए खुशवक्तराय चौराहे तक, गांधी विद्यालय से हीरालाल धर्मशाला होते हुए संकटा देवी पुलिस चौकी से भुईफोरवानाथ होते हुए सहकारी कोल्ड स्टोरेज तक, जीआईसी गेट से सदर चौराहे होते हुए संकटा देवी पुलिस चौकी होते हुए कृष्णा टॉकिज रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क के दोनों का रेट 52,800 से बढ़ाकर 60,700 प्रति वर्ग मीटर किया गया है। 15 प्रतिशत यानी 7900 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर रेट बढ़ाए गए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नहीं बढ़ेंगे दाम
जिले की पांच तहसीलों के 400 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित है। बाढ़ क्षेत्र का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जमीन, खेत, मकान महंगे नहीं होंगे।
एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि 15 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ाते हुए प्रस्तावित सूची पर 28 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गईं हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नए सर्किल रेट फाइनल कर जारी कर दिए जाएंगे। जिले के उप निबंधक कार्यालयों व सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय पर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस बार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का रेट नहीं बढ़ा है।